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Sambhal News: जुनावई ब्लॉक की छह समितियों पर डीएपी व यूरिया की किल्लत
Thu, 03 Jul 2025 01:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 03 Jul 2025 01:31 AM IST
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जुनावई। ब्लॉक क्षेत्र की छह समितियों पर डीएपी व यूरिया न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान निजी खाद की दुकानों पर जाकर अतिरिक्त रुपये खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें धान की फसल में यूरिया व डीएपी की बहुत जरूरत पड़ रही है।
ब्लॉक क्षेत्र की दस साधना सहकारी समितियों में से चार समितियों पर यूरिया व डीएपी मौजूद है। लेकिन समिति कुशावली, हिम्मतपुर, देवरकंचन, लतीफपुर धीर, नगला अजमेरी पर यूरिया व डीएपी उर्वरक की किल्लत हो गई है। इन समितियों पर हर रोज किसान डीएपी व यूरिया को लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन जब उन्हें यूरिया व डीएपी के न होने की जानकारी मिलती है, तो वे मायूस होकर लौट जाते हैं। ऐसे में किसान अतिरिक्त रुपये खर्च कर प्राइवेट दुकानों से यूरिया व डीएपी उर्वरक खाद खरीद रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय धान की फसल की बुआई चल रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत पड़ती है। समितियों पर यूरिया न होने के कारण उन्हें निजी दुकानों से यूरिया व डीएपी खरीदनी पड़ रही है। यहां निजी दुकानदार मनचाही रकम किसानों से वसूल करते हैं।
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डीएम ने जिले की आपूर्ति के लिए दो रैक यूरिया और रैक एनपीके उर्वरक की मांग की थी। उसी के तहत यारा फर्टिलाइजर से 530 टन यूरिया जिले की आपूर्ति हेतु प्राप्त हो गई है। बृहस्पतिवार से जिले की समितियों पर खाद पहुंचना शुरू हो जाएगा।
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वीरेंद्र उपाध्याय, एआर कॉपरेटिव।
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ब्लॉक क्षेत्र की दस साधना सहकारी समितियों में से चार समितियों पर यूरिया व डीएपी मौजूद है। लेकिन समिति कुशावली, हिम्मतपुर, देवरकंचन, लतीफपुर धीर, नगला अजमेरी पर यूरिया व डीएपी उर्वरक की किल्लत हो गई है। इन समितियों पर हर रोज किसान डीएपी व यूरिया को लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन जब उन्हें यूरिया व डीएपी के न होने की जानकारी मिलती है, तो वे मायूस होकर लौट जाते हैं। ऐसे में किसान अतिरिक्त रुपये खर्च कर प्राइवेट दुकानों से यूरिया व डीएपी उर्वरक खाद खरीद रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय धान की फसल की बुआई चल रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत पड़ती है। समितियों पर यूरिया न होने के कारण उन्हें निजी दुकानों से यूरिया व डीएपी खरीदनी पड़ रही है। यहां निजी दुकानदार मनचाही रकम किसानों से वसूल करते हैं।
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डीएम ने जिले की आपूर्ति के लिए दो रैक यूरिया और रैक एनपीके उर्वरक की मांग की थी। उसी के तहत यारा फर्टिलाइजर से 530 टन यूरिया जिले की आपूर्ति हेतु प्राप्त हो गई है। बृहस्पतिवार से जिले की समितियों पर खाद पहुंचना शुरू हो जाएगा।
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वीरेंद्र उपाध्याय, एआर कॉपरेटिव।