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पेड़ से लटका मिला शिक्षामित्र का शव
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जुनावई। थाना क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता में तीन दिन से गायब शिक्षामित्र का शव जंगल में बबूल के पेड़ पर रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पीएम को भेज दिया। ग्रामीणों के मुताबिक छह माह पूर्व शिक्षामित्र की पत्नी की मौत के बाद से गुमशुम रहता था। इसी कारण उसने ये आत्मघाती कदम उठाया है।
जुनावई थाना क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता निवासी प्रेम शंकर (48) प्राथमिक विद्यालय रघुपुर पुख्ता में वर्ष 2001 में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हुए थे। वह तीन दिन पूर्व घर से गए थे तब से घर नहीं लौटे थे। भाई हरिशंकर, भतीजे तरुण कुमार, सुभाष ने काफी तलाश किया था, पर कोई जानकारी नहीं मिली थी।
गुरुवार की सुबह भतीजा मोहित, सुभाष, तरुण कुमार अपने खेत में तार कशी करने जा रहे थे। तब उन्हें गांव के ही महिपाल सिंह वाल्मीकि के खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी के फंदे पर शव लटका मिला। पास जाकर देखा, शव की पहचान प्रेमशंकर के रुप में हुई। तीनों ने गांव में अन्य परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने मृतक प्रेम शंकर के शव को पेड़ से नीचे उतारा और गांव में ले आए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की पत्नी का बीमारी के चलते करीब छह माह पूर्व निधन हो गया था। तभी से वह गुमशुम रहते थे। अन्य लोगों से भी कम बात करते थे। अन्य कोई किसी तरह का विवाद नहीं था। प्रेम शंकर के एक बेटी और एक बेटा है।
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जुनावई थाना क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता निवासी प्रेम शंकर (48) प्राथमिक विद्यालय रघुपुर पुख्ता में वर्ष 2001 में शिक्षामित्र के पद पर तैनात हुए थे। वह तीन दिन पूर्व घर से गए थे तब से घर नहीं लौटे थे। भाई हरिशंकर, भतीजे तरुण कुमार, सुभाष ने काफी तलाश किया था, पर कोई जानकारी नहीं मिली थी।
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गुरुवार की सुबह भतीजा मोहित, सुभाष, तरुण कुमार अपने खेत में तार कशी करने जा रहे थे। तब उन्हें गांव के ही महिपाल सिंह वाल्मीकि के खेत में बबूल के पेड़ पर रस्सी के फंदे पर शव लटका मिला। पास जाकर देखा, शव की पहचान प्रेमशंकर के रुप में हुई। तीनों ने गांव में अन्य परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने मृतक प्रेम शंकर के शव को पेड़ से नीचे उतारा और गांव में ले आए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की पत्नी का बीमारी के चलते करीब छह माह पूर्व निधन हो गया था। तभी से वह गुमशुम रहते थे। अन्य लोगों से भी कम बात करते थे। अन्य कोई किसी तरह का विवाद नहीं था। प्रेम शंकर के एक बेटी और एक बेटा है।