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शहीद का परिवार फिर अड़ा, शुक्ला नहीं सीएम ही चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:30 AM IST
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उन्हें हर हाल में सीएम का गांव में दौरा चाहिए। शनिवार की शाम को शहीद के बड़े भाई अनिल कुमार ने अल्टीमेटम दिया कि अगर रविवार शाम चार बजे तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव आने का कार्यक्रम नहीं आता है तो सोमवार को तड़के चार बजे पूरा गांव शहीद की अंत्येष्टि स्थल पर जुटकर आमरण अनशन करेगा। उधर, शहीद की मां और पत्नी का इसी मुद्दे को लेकर अनशन जारी है। शहीद की पत्नी की सेहत बिगड़ गई है।
शहीद सुधीश कुमार की मां संतो देवी और पत्नी कविता ने बुधवार को सीएम को बुलाने की मांग को लेकर अन्न त्याग दिया था। इसके बाद शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद शिवप्रताप शुक्ला ने शहीद के घर पहुंच कर पिता ब्रह्मपाल, मां संतो देवी, पत्नी कविता और बहन बबिता को जूस पिलाकर अनशन खत्म करा दिया था। उस समय तो शहीद के परिवार ने जूस पी लिया था लेकिन अन्न ग्रहण नहीं किया।
परिजनों ने जब शनिवार को शहीद की मां और पत्नी को भोजन खिलाने का प्रयास किया तो उन्होंने यह कहते कि मना किया कि जब तक सीएम घर नहीं आ जाते तब तक हम अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। चार दिन से अन्न ग्रहण न करने के चलते शहीद की मां और पत्नी की हालत बिगड़ गई। शनिवार शाम निजी डाक्टर ने गांव पहुंचकर मां और पत्नी का उपचार किया और हल्का भोजन लेने की सलाह दी।
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अब तक शहीद के परिवार को मिले ढाई लाख रुपये ः शहीद सुधीश के परिवार को अब तक ढाई लाख रुपये मिल चुके हैं। सबसे पहले 50,000 रुपये पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह दद्दा ने दिए। इसके बाद एक लाख रुपये का चेक पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने शहीद के पिता ब्रह्मपाल सिंह ने दिए। इसके बाद शनिवार को पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने एक लाख रुपये शहीद की मां के हाथों में सौंपे।
शहीद की बेटी को पढ़ाएंगे और कन्यादान भी करेंगे
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य/पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना शनिवार को शहीद सुधीश कुमार के गांव पनसुखा मिलक पहुंचे। शहीद के परिजनों से मिले। मदद का हाथ आगे बढ़ाया। एक लाख रुपये देते हुए पूर्व सांसद ने शहीद की मां से कहा कि वह बेटे की तरह परिवार का ख्याल रखेंगे। शहीद की बेटी के परवरिश के साथ-साथ कन्यादान तक की जिम्मेदारी बखूबी उठाऊंगा।
सुधीश कुमार 16 अक्तूबर को भारत-पाक बार्डर पर देश के लिए लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उनके गांव पनसुखा मिलक में अंतिम संस्कार के बाद से ही राजनीतिक और सामजिक क्षेत्र की हस्तियों के पहुंचने का सिलसिला चल रह है। इसी क्रम में शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य/पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना, भाजपा के स्थानीय नेताओं के साथ गांव पहुंच गए। उस वक्त शहीद की मां मां संतो देवी चारपाई पर थीं। शहीद की मां को उठाते हुए पूर्व सांसद ने कहा- ऐ मां हमें ही नहीं पूरे देश को तुमञ गर्व है। तुम उस सपूत की मां हो जिसने पूरे देश का मान बढाया है।
उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री को बुलाना क्यों चाहती हो देश लिए तो सम्मान में आपका बेटा तो मुख्यमंत्री से भी बड़ा हो गया। अब आप परेशान मत हो। इसके बाद उन्होंने शहीद की मां को एक लाख रुपये दिए। शहीद की बेटी की जिम्मेदारी लेने का एलान किया। उन्होंने कहा कि बेटी को पढ़ाने की जिम्मेेदारी उनकी है। वह जिस तरह से आज गांव आए हैं उसी तरह आगे भी आएंगे। इतना ही कन्यादान भी करेंगे।
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। शहीद के परिजनों को सांत्वना देते हुए भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में साथ किसान संगठन साथ है। राजपाल सिंह यादव, यशपाल सिंह, संजीव गांधी, अमर सिंह देवल, नेमपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, दिलाशाद हुसैन, नरेंद्र सिंह आदि थे।
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शहीद सुधीश कुमार की मां संतो देवी और पत्नी कविता ने बुधवार को सीएम को बुलाने की मांग को लेकर अन्न त्याग दिया था। इसके बाद शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सांसद शिवप्रताप शुक्ला ने शहीद के घर पहुंच कर पिता ब्रह्मपाल, मां संतो देवी, पत्नी कविता और बहन बबिता को जूस पिलाकर अनशन खत्म करा दिया था। उस समय तो शहीद के परिवार ने जूस पी लिया था लेकिन अन्न ग्रहण नहीं किया।
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परिजनों ने जब शनिवार को शहीद की मां और पत्नी को भोजन खिलाने का प्रयास किया तो उन्होंने यह कहते कि मना किया कि जब तक सीएम घर नहीं आ जाते तब तक हम अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। चार दिन से अन्न ग्रहण न करने के चलते शहीद की मां और पत्नी की हालत बिगड़ गई। शनिवार शाम निजी डाक्टर ने गांव पहुंचकर मां और पत्नी का उपचार किया और हल्का भोजन लेने की सलाह दी।
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अब तक शहीद के परिवार को मिले ढाई लाख रुपये ः शहीद सुधीश के परिवार को अब तक ढाई लाख रुपये मिल चुके हैं। सबसे पहले 50,000 रुपये पूर्व एमएलसी ऋषिपाल सिंह दद्दा ने दिए। इसके बाद एक लाख रुपये का चेक पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने शहीद के पिता ब्रह्मपाल सिंह ने दिए। इसके बाद शनिवार को पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने एक लाख रुपये शहीद की मां के हाथों में सौंपे।
शहीद की बेटी को पढ़ाएंगे और कन्यादान भी करेंगे
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य/पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना शनिवार को शहीद सुधीश कुमार के गांव पनसुखा मिलक पहुंचे। शहीद के परिजनों से मिले। मदद का हाथ आगे बढ़ाया। एक लाख रुपये देते हुए पूर्व सांसद ने शहीद की मां से कहा कि वह बेटे की तरह परिवार का ख्याल रखेंगे। शहीद की बेटी के परवरिश के साथ-साथ कन्यादान तक की जिम्मेदारी बखूबी उठाऊंगा।
सुधीश कुमार 16 अक्तूबर को भारत-पाक बार्डर पर देश के लिए लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उनके गांव पनसुखा मिलक में अंतिम संस्कार के बाद से ही राजनीतिक और सामजिक क्षेत्र की हस्तियों के पहुंचने का सिलसिला चल रह है। इसी क्रम में शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य/पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना, भाजपा के स्थानीय नेताओं के साथ गांव पहुंच गए। उस वक्त शहीद की मां मां संतो देवी चारपाई पर थीं। शहीद की मां को उठाते हुए पूर्व सांसद ने कहा- ऐ मां हमें ही नहीं पूरे देश को तुमञ गर्व है। तुम उस सपूत की मां हो जिसने पूरे देश का मान बढाया है।
उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री को बुलाना क्यों चाहती हो देश लिए तो सम्मान में आपका बेटा तो मुख्यमंत्री से भी बड़ा हो गया। अब आप परेशान मत हो। इसके बाद उन्होंने शहीद की मां को एक लाख रुपये दिए। शहीद की बेटी की जिम्मेदारी लेने का एलान किया। उन्होंने कहा कि बेटी को पढ़ाने की जिम्मेेदारी उनकी है। वह जिस तरह से आज गांव आए हैं उसी तरह आगे भी आएंगे। इतना ही कन्यादान भी करेंगे।
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। शहीद के परिजनों को सांत्वना देते हुए भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में साथ किसान संगठन साथ है। राजपाल सिंह यादव, यशपाल सिंह, संजीव गांधी, अमर सिंह देवल, नेमपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, दिलाशाद हुसैन, नरेंद्र सिंह आदि थे।