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अन्न त्यागने से शहीद की पत्नी और मां की हालत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 21 Oct 2016 01:05 AM IST
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शहीद
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मुख्यमंत्री के न आने से निराश शहीद की पत्नी और मां ने गुरुवार को भी अन्न ग्रहण नहीं किया। शहीद की मां का कहना है कि यदि सीएम गांव नहीं आते हैं तो वह बीस लाख रुपये का चेक भी नहीं लेंगी। परिवार समेत शहीद के अंत्येष्टि स्थल पर आमरण अनशन करेंगी। सरकार फिर भी नहीं चेती तो आत्मदाह करेंगी।
संभल जिले के पनसुखा मिलक निवासी सुधीश कुमार भारत पाक बार्डर पर देश के लिए लड़ते हुए रविवार को शहीद हुए हैं। उनके अंतिम संस्कार से पहले ही परिजनों और ग्रामीणों ने सीएम अखिलेश यादव को गांव बुलाए जाने की मांग उठा दी। अंतिम संस्कार एक घंटे तक रुका रहा। पूर्व मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने मनाया। सीएम से मिलने का समय दिलाया। तब अंतिम संस्कार हुआ। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिन में 11 बजे का समय दे दिया।
संभल के तहसीलदार अरविंद तिवारी जब बुधवार को परिजनों से मिले तो परिजनों ने लखनऊ जाने से इनकार कर दिया। यही नहीं सीएम के न आने से नाराज शहीद की पत्नी कविता और मां संतो ने बुधवार को साफ-साफ कहा जब तक सीएम नहीं आएंगे तब तक वह अन्न गृहण नहीं करेंगी। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी गुरुवार को सुबह गांव पहुंचे तो परिजनों ने अपनी मांग डीएम से भी दुहराई। पंद्रह बीस मिनट रुकने के बाद डीएम चले गए।
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इसके दिन भर क्षेत्रीय लोगों और नेताओं का तांता लगा रहा। भाजपा के क्षेत्रीय नेता हरेंद्र सिंह रिंकू, सपा के सुहेल इकबाल, सतीश प्रेमी भी पहुंचे। शामं पांच बजे शहीद की पत्नी और मां की हालत बिगड़ गई। उनके उपचार के लिए प्रशासन ने तत्काल डाक्टरों की टीम भेजी है। इस बीच गुरुवार को ही लखनऊ में विधायक पिंकी यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि सीएम ने शहीद परिवार से पर सहमत हैं। शहीद की पत्नी की अभी हालत सामान्य नहीं है। जैसे ही परिजन तैयार होंगे सीएम उनसे मिलेंगे। सीएम गांव जाएंगे या लखनऊ में मिलेंगे यह फैसला सीएम खुद लेंगे।
हम पैसे के भूखे नहीं हैं। हमें सम्मान चाहिए। सीएम आ जाते तो अच्छा होता। यदि सीएम नहीं आते हैं तो हम बीस लाख का चेक भी नहीं लेंगे। बल्कि शुक्रवार से उसी स्थान पर परिवार समेत आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे जिस स्थान पर शहीद सुधीश कुमार का अंतिम संस्कार किया गया है। इस पर भी सरकार नहीं चेती तो हम आत्मदाह करेंगे।- संतोदेवी, शहीद सुधीश कुमार की मां।
जिस दिन सुधीश कुमार शहीद हुए थे। उसी दिन मैंने मुख्यमंत्री से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया। इसके बाद बुधवार को एक बार फिर मैंने लखनऊ में उनसे मिलकर बातचीत की है। मैंने मुख्यमंत्री से संभल में शहीद के गांव पहुंचने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह शहीद के परिवार से मिलेंगे। इस संबंध में सात दिनों के भीतर ही कोई न कोई कार्यक्रम तय हो जाएगा। इसके बारे में जल्दी ही सबको पता चल जाएगा।-पिंकी यादव, विधायक असमोली।
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संभल जिले के पनसुखा मिलक निवासी सुधीश कुमार भारत पाक बार्डर पर देश के लिए लड़ते हुए रविवार को शहीद हुए हैं। उनके अंतिम संस्कार से पहले ही परिजनों और ग्रामीणों ने सीएम अखिलेश यादव को गांव बुलाए जाने की मांग उठा दी। अंतिम संस्कार एक घंटे तक रुका रहा। पूर्व मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने मनाया। सीएम से मिलने का समय दिलाया। तब अंतिम संस्कार हुआ। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिन में 11 बजे का समय दे दिया।
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संभल के तहसीलदार अरविंद तिवारी जब बुधवार को परिजनों से मिले तो परिजनों ने लखनऊ जाने से इनकार कर दिया। यही नहीं सीएम के न आने से नाराज शहीद की पत्नी कविता और मां संतो ने बुधवार को साफ-साफ कहा जब तक सीएम नहीं आएंगे तब तक वह अन्न गृहण नहीं करेंगी। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी गुरुवार को सुबह गांव पहुंचे तो परिजनों ने अपनी मांग डीएम से भी दुहराई। पंद्रह बीस मिनट रुकने के बाद डीएम चले गए।
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इसके दिन भर क्षेत्रीय लोगों और नेताओं का तांता लगा रहा। भाजपा के क्षेत्रीय नेता हरेंद्र सिंह रिंकू, सपा के सुहेल इकबाल, सतीश प्रेमी भी पहुंचे। शामं पांच बजे शहीद की पत्नी और मां की हालत बिगड़ गई। उनके उपचार के लिए प्रशासन ने तत्काल डाक्टरों की टीम भेजी है। इस बीच गुरुवार को ही लखनऊ में विधायक पिंकी यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि सीएम ने शहीद परिवार से पर सहमत हैं। शहीद की पत्नी की अभी हालत सामान्य नहीं है। जैसे ही परिजन तैयार होंगे सीएम उनसे मिलेंगे। सीएम गांव जाएंगे या लखनऊ में मिलेंगे यह फैसला सीएम खुद लेंगे।
हम पैसे के भूखे नहीं हैं। हमें सम्मान चाहिए। सीएम आ जाते तो अच्छा होता। यदि सीएम नहीं आते हैं तो हम बीस लाख का चेक भी नहीं लेंगे। बल्कि शुक्रवार से उसी स्थान पर परिवार समेत आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे जिस स्थान पर शहीद सुधीश कुमार का अंतिम संस्कार किया गया है। इस पर भी सरकार नहीं चेती तो हम आत्मदाह करेंगे।- संतोदेवी, शहीद सुधीश कुमार की मां।
जिस दिन सुधीश कुमार शहीद हुए थे। उसी दिन मैंने मुख्यमंत्री से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया। इसके बाद बुधवार को एक बार फिर मैंने लखनऊ में उनसे मिलकर बातचीत की है। मैंने मुख्यमंत्री से संभल में शहीद के गांव पहुंचने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह शहीद के परिवार से मिलेंगे। इस संबंध में सात दिनों के भीतर ही कोई न कोई कार्यक्रम तय हो जाएगा। इसके बारे में जल्दी ही सबको पता चल जाएगा।-पिंकी यादव, विधायक असमोली।