{"_id":"60d4d4f68ebc3e331b0eedc5","slug":"scam-done-in-financial-work-now-there-will-be-recovery-chandausi-news-mbd3934139130","type":"story","status":"publish","title_hn":"तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत अधिकारियों से होगी पौने छह लाख की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत अधिकारियों से होगी पौने छह लाख की वसूली
विज्ञापन
बहजोई। विकास कार्यों में अनियमितता को लेकर तत्कालीन ग्राम प्रधान, दो ग्राम पंचायत अधिकारी समेत तत्कालीन तकनीकी सहायक के खिलाफ डीएम की ओर से धनराशि वसूले जाने के आदेश दिए गए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन ने बताया कि बीते दिनों विकासखंड जुनावई की ग्राम पंचायत रजवाना व नगला चतुर्भानपुर के ग्रामीणों की ओर से ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता किए जाने की शिकायत की गई थी। इस पर जिला भूमि संरक्षण अधिकारी व सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारियों की आख्या मिलने के बाद सामने आया कि शिकायतकर्ताओं की ओर से आपत्ति की गई है। इस पर पुन जांच के बाद जांच अधिकारी की ओर से पूरे मामले में ग्राम पंचायत में 4 स्थानों पर कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता सामने आई। जांच अधिकारी/जिला पंचायत राज अधिकारी की जांच आख्या में ग्राम पंचायत रजवाना के तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत दो ग्राम पंचायत अधिकारी व एक तकनीकी सहायक के खिलाफ 5 लाख 73 हजार 642 रुपये की धनराशि की अनियमितता सामने आई। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट की ओर से धनराशि वसूलने के आदेश दिए गए हैं।
इसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेमपाल पर 1 लाख 91 हजार 215 रुपये, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेंद्र सक्सेना पर 1 लाख 31 हजार 680, ग्राम पंचायत अधिकारी नवनीत कुमार पर 59 हजार 533 तथा तकनीकी सहायक टीसी यादव पर 1 लाख 91 हजार 214 रुपये की वसूली के आदेश जारी हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन ने बताया कि बीते दिनों विकासखंड जुनावई की ग्राम पंचायत रजवाना व नगला चतुर्भानपुर के ग्रामीणों की ओर से ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता किए जाने की शिकायत की गई थी। इस पर जिला भूमि संरक्षण अधिकारी व सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारियों की आख्या मिलने के बाद सामने आया कि शिकायतकर्ताओं की ओर से आपत्ति की गई है। इस पर पुन जांच के बाद जांच अधिकारी की ओर से पूरे मामले में ग्राम पंचायत में 4 स्थानों पर कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता सामने आई। जांच अधिकारी/जिला पंचायत राज अधिकारी की जांच आख्या में ग्राम पंचायत रजवाना के तत्कालीन ग्राम प्रधान समेत दो ग्राम पंचायत अधिकारी व एक तकनीकी सहायक के खिलाफ 5 लाख 73 हजार 642 रुपये की धनराशि की अनियमितता सामने आई। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट की ओर से धनराशि वसूलने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
इसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेमपाल पर 1 लाख 91 हजार 215 रुपये, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेंद्र सक्सेना पर 1 लाख 31 हजार 680, ग्राम पंचायत अधिकारी नवनीत कुमार पर 59 हजार 533 तथा तकनीकी सहायक टीसी यादव पर 1 लाख 91 हजार 214 रुपये की वसूली के आदेश जारी हुए हैं।
विज्ञापन