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बाईपास से सबसे पहले जुड़ेगा संभल- जोया और मुरादाबाद मार्ग
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 17 Jan 2018 01:31 AM IST
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जर्जर सड़क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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योगी सरकार ने संभल में बाईपास निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया तो अधिकारियों ने भी कवायद तेज दी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले संभल-जोया और मुरादाबाद मार्ग को बाईपास से सबसे पहले जोड़ने पर सहमति बन गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए अभी सात करोड़ रुपये की कमी है।
किसानों को भूमि मुआवजे के तौर पर 17 करोड़ रुपये चाहिए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को शासन से और बजट मांगने का निर्देश दिया है। वर्ष 2016 में बाईपास निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। बाईपास के लिए 69.31 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए थे। मगर शासन से कुछ ही धनराशि मिलने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका था।
सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने बाईपास का मुद्दा उठा। इसमें पता चला कि लोक निर्माण विभाग की ओर धनराशि के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। लेकिन धन नहीं मिल रहा है। सत्ताधारी दल के नेताओं और स्थानीय लोगों की पैरवी पर शासन ने हाल ही में बाईपास निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया था।
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बाईपास निर्माण को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी में शामिल अधिकारियों की बैठक हुई। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बैठक में कुछ अधिकारी नहीं पहुुंच सके। हालांकि अपर जिलाधिकारी आरपी यादव, उपजिलाधिकारी संभल राशिद अली खां रहे। उन्होंने बताया कि पहले किस मार्ग पर बाईपास का निर्माण होगा। इसका निर्णय हो गया है।
संभल-जोया और मुरादाबाद मार्ग को बाईपास से सबसे पहले जोड़ने पर सहमति बनी है। यहां करीब छह किलोमीटर निर्माण होगा। आंकलन हुआ है कि भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को करीब 17 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मगर शासन से 10 करोड़ रुपये मिले हैं। दूसरे चरण में चंदौसी वाला मार्ग बाइपास से जुड़ेगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शासन से और बजट की मांग की जाए। ताकि कहीं कोई बाधा न पड़ने पाए। उन्होंने बताया कि बुधवार को एडीएम भी बाईपास को लेकर बैठक करेंगे।
बाईपास पर एक नजर -
कुल लंबाई - 13.600 किलोमीटर
कुल लागत - 69.31 करोड़ रुपये
शासन से पहले मिले - 5.02 करोड़ रुपये
शासन से अब मिले - 10 करोड़ रुपये
भूमि अधिग्रहण को चाहिए - 36.81 करोड़ रुपये
बिजली पोल शिफ्ंिटग के चाहिए - 20 लाख रुपये
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किसानों को भूमि मुआवजे के तौर पर 17 करोड़ रुपये चाहिए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को शासन से और बजट मांगने का निर्देश दिया है। वर्ष 2016 में बाईपास निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। बाईपास के लिए 69.31 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए थे। मगर शासन से कुछ ही धनराशि मिलने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका था।
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सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने बाईपास का मुद्दा उठा। इसमें पता चला कि लोक निर्माण विभाग की ओर धनराशि के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। लेकिन धन नहीं मिल रहा है। सत्ताधारी दल के नेताओं और स्थानीय लोगों की पैरवी पर शासन ने हाल ही में बाईपास निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया था।
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बाईपास निर्माण को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी में शामिल अधिकारियों की बैठक हुई। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बैठक में कुछ अधिकारी नहीं पहुुंच सके। हालांकि अपर जिलाधिकारी आरपी यादव, उपजिलाधिकारी संभल राशिद अली खां रहे। उन्होंने बताया कि पहले किस मार्ग पर बाईपास का निर्माण होगा। इसका निर्णय हो गया है।
संभल-जोया और मुरादाबाद मार्ग को बाईपास से सबसे पहले जोड़ने पर सहमति बनी है। यहां करीब छह किलोमीटर निर्माण होगा। आंकलन हुआ है कि भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को करीब 17 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मगर शासन से 10 करोड़ रुपये मिले हैं। दूसरे चरण में चंदौसी वाला मार्ग बाइपास से जुड़ेगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शासन से और बजट की मांग की जाए। ताकि कहीं कोई बाधा न पड़ने पाए। उन्होंने बताया कि बुधवार को एडीएम भी बाईपास को लेकर बैठक करेंगे।
बाईपास पर एक नजर -
कुल लंबाई - 13.600 किलोमीटर
कुल लागत - 69.31 करोड़ रुपये
शासन से पहले मिले - 5.02 करोड़ रुपये
शासन से अब मिले - 10 करोड़ रुपये
भूमि अधिग्रहण को चाहिए - 36.81 करोड़ रुपये
बिजली पोल शिफ्ंिटग के चाहिए - 20 लाख रुपये