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Sambhal News: बार-बार सामने आ रहा संभल का आतंकी कनेक्शन
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संभल। आतंकी गतिविधियों से बार-बार संभल जिले का कनेक्शन सामने आता है। कई बड़े आतंकी संगठनों के साथ भी संभल का नाम जुड़ चुका है। वर्ष 1998 के बाद से संभल के लोगों का नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आता रहा है। नवंबर 2023 में आईएसआईएस से कनेक्शन में संभल के दो युवा गिरफ्तार किए गए थे। इन युवाओं पर अन्य युवाओं को आतंक की राह पर लाने का आरोप लगा था। अभी मामला विचाराधीन है और दोनों युवा जेल में बंद हैं। दिल्ली के कई थानों में भी संभल के लापता युवाओं के फोटो चस्पा हैं। एक बार फिर एनआईए के संभल में छापे से आतंकी गतिविधियों की चर्चाएं तेज हो गईं।
1998 में कई युवा अचानक संभल से लापता हो गए थे। उनकी कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं हुई। कुछ समय बाद खुफिया एजेंसियों ने संभल पहुंचकर छानबीन की तो मालूम हुआ कि जो युवक लापता हुए थे, उनमें से कई ने आतंकवाद की राह चुन ली है और वह पाकिस्तान में हैं। दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था, जो 1998 में लापता हुआ था और वर्ष 2016 में अमेरिका की ओर से विश्व के आतंकियों की सूची जारी होने पर उसका नाम प्रकाश में आया था। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू को वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार दिया गया था।
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आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा काट चुके
संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर सात-सात साल की सजा काट चुके हैं। यह दोनों अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। साजिश रचने के साथ ही आतंकी बनाने के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 फरवरी 2023 को सात वर्ष से ज्यादा की सजा सुनाई थी। वर्ष 2015 से जेल में बंद थे तो सजा सुनाए जाने के कुछ समय बाद जेल से रिहा हो गए थे।
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शरजील और सईद अख्तर की दिल्ली पुलिस को अभी भी तलाश
शहर के शरजील और सईद अख्तर भी 1998 में ही लापता हुए थे। इसमें सईद अख्तर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। इसकी जानकारी वर्ष 2005 में उस समय सामने आई जब दिल्ली से खुफिया एजेंसी की टीम छानबीन करने के लिए संभल पहुंची। इसी तरह शरजील की भी तलाश की गई। शरजील का फोटो दिल्ली के थानों में चस्पा है। जिसमें शरजील के आतंकवादी होने की जानकारी लिखी है। यही कारण है कि देश की कई खुफिया एजेंसियों की निगरानी संभल में रहती है। संभल के लापता युवाओं की खोजबीन भी यह एजेंसिया करती रहती हैं।
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1998 में कई युवा अचानक संभल से लापता हो गए थे। उनकी कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं हुई। कुछ समय बाद खुफिया एजेंसियों ने संभल पहुंचकर छानबीन की तो मालूम हुआ कि जो युवक लापता हुए थे, उनमें से कई ने आतंकवाद की राह चुन ली है और वह पाकिस्तान में हैं। दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था, जो 1998 में लापता हुआ था और वर्ष 2016 में अमेरिका की ओर से विश्व के आतंकियों की सूची जारी होने पर उसका नाम प्रकाश में आया था। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू को वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार दिया गया था।
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आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा काट चुके
संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर सात-सात साल की सजा काट चुके हैं। यह दोनों अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। साजिश रचने के साथ ही आतंकी बनाने के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 फरवरी 2023 को सात वर्ष से ज्यादा की सजा सुनाई थी। वर्ष 2015 से जेल में बंद थे तो सजा सुनाए जाने के कुछ समय बाद जेल से रिहा हो गए थे।
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शरजील और सईद अख्तर की दिल्ली पुलिस को अभी भी तलाश
शहर के शरजील और सईद अख्तर भी 1998 में ही लापता हुए थे। इसमें सईद अख्तर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। इसकी जानकारी वर्ष 2005 में उस समय सामने आई जब दिल्ली से खुफिया एजेंसी की टीम छानबीन करने के लिए संभल पहुंची। इसी तरह शरजील की भी तलाश की गई। शरजील का फोटो दिल्ली के थानों में चस्पा है। जिसमें शरजील के आतंकवादी होने की जानकारी लिखी है। यही कारण है कि देश की कई खुफिया एजेंसियों की निगरानी संभल में रहती है। संभल के लापता युवाओं की खोजबीन भी यह एजेंसिया करती रहती हैं।