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संभल की जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामला : कोर्ट कमिश्नर को सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय मिला
Sat, 30 Nov 2024 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:50 AM IST
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चंदौसी (संभल)। संभल के शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में शुक्रवार को भारी पुलिस बल की सुरक्षा में सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस बीच दोनों पक्षों के वकील कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट कमिश्नर ने रिपोर्ट पेश करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है। इसके अलावा मस्जिद पक्ष के लोगों ने वादी के अधिवक्ता से दावे इत्यादि की कॉपी उपलब्ध कराने को कहा। कोर्ट ने अगली सुनवाई आठ जनवरी तय की है।
19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने को लेकर कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरि, हरिशंकर जैन समेत आठ वादकारियों ने वाद दायर किया था। न्यायालय ने उसी दिन कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव को सर्वे करने के आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख तय की। कोर्ट कमिश्नर टीम के साथ उसी दिन शाम को शाही जामा मस्जिद में सर्वे करने पहुंचे थे। इसके बाद बीते रविवार की सुबह डीएम व एसपी की सुरक्षा में दोबारा सर्वे के लिए पहुंचे तो संभल में बवाल हो गया। जिसमें चार से अधिक लोगों की जान चली गई। शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से ही सतर्क नजर आया। सुबह 10.43 बजे डीएम राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई न्यायालय परिसर में पहुंचे तथा सुनवाई होने वाले न्यायालय का मुआयना किया और न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं से भी बात करने के बाद चले गए। सुबह 11 बजे न्यायालय की कार्रवाई प्रारंभ हुई। अधिवक्ताओं की कलम बंद हड़ताल होने के कारण किसी अन्य मुकदमे की सुनवाई नहीं हुई। सिर्फ शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मुकदमे की ही सुनवाई हुई। मस्जिद की ओर से अधिवक्ता शकील वारसी व कासिम जमाल ने कोर्ट में दावे की नकलें मांगीं। इसी बीच कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने कमिशन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। जामा मस्जिद की ओर से उपस्थित अधिवक्ता शकील वारसी ने कहा कि यदि और समय दिया जाता है तो ये दोबारा मस्जिद का मुआयना करने जाएंगे, उस दौरान कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। जिस पर न्यायालय ने 10 दिन का समय कोर्ट कमिश्नर को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जनवरी 2025 की तारीख तय की गई है। वादी की ओर से अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा, डीजीसी सिविल प्रिंस शर्मा, यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से विष्णु शर्मा सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे।
न्यायालय नहीं पहुंचे विष्णु शंकर जैन व जफर अली
चंदौसी। वादी पक्ष के उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन व शाही जामा मस्जिद संभल के सदर जफर अली एडवोकेट के सुनवाई के दौरान न पहुंचने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। सुनवाई के दौरान दोनों अधिवक्ताओं के न्यायालय पहुंचने की पूर्ण संभावना थी। जफर अली के अधिवक्ता शकील वारसी ने बताया कि शाही मस्जिद की इंतजामिया कमेटी व प्रशासन ने जफर अली एडवोकेट को जुमा नमाज के कारण संभल में ही बने रहने के लिए कहा। जिस कारण जफर अली एडवोकेट न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके। संवाद
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19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने को लेकर कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरि, हरिशंकर जैन समेत आठ वादकारियों ने वाद दायर किया था। न्यायालय ने उसी दिन कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव को सर्वे करने के आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख तय की। कोर्ट कमिश्नर टीम के साथ उसी दिन शाम को शाही जामा मस्जिद में सर्वे करने पहुंचे थे। इसके बाद बीते रविवार की सुबह डीएम व एसपी की सुरक्षा में दोबारा सर्वे के लिए पहुंचे तो संभल में बवाल हो गया। जिसमें चार से अधिक लोगों की जान चली गई। शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से ही सतर्क नजर आया। सुबह 10.43 बजे डीएम राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई न्यायालय परिसर में पहुंचे तथा सुनवाई होने वाले न्यायालय का मुआयना किया और न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं से भी बात करने के बाद चले गए। सुबह 11 बजे न्यायालय की कार्रवाई प्रारंभ हुई। अधिवक्ताओं की कलम बंद हड़ताल होने के कारण किसी अन्य मुकदमे की सुनवाई नहीं हुई। सिर्फ शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मुकदमे की ही सुनवाई हुई। मस्जिद की ओर से अधिवक्ता शकील वारसी व कासिम जमाल ने कोर्ट में दावे की नकलें मांगीं। इसी बीच कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने कमिशन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। जामा मस्जिद की ओर से उपस्थित अधिवक्ता शकील वारसी ने कहा कि यदि और समय दिया जाता है तो ये दोबारा मस्जिद का मुआयना करने जाएंगे, उस दौरान कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। जिस पर न्यायालय ने 10 दिन का समय कोर्ट कमिश्नर को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जनवरी 2025 की तारीख तय की गई है। वादी की ओर से अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा, डीजीसी सिविल प्रिंस शर्मा, यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से विष्णु शर्मा सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे।
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न्यायालय नहीं पहुंचे विष्णु शंकर जैन व जफर अली
चंदौसी। वादी पक्ष के उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन व शाही जामा मस्जिद संभल के सदर जफर अली एडवोकेट के सुनवाई के दौरान न पहुंचने से प्रशासन ने राहत की सांस ली। सुनवाई के दौरान दोनों अधिवक्ताओं के न्यायालय पहुंचने की पूर्ण संभावना थी। जफर अली के अधिवक्ता शकील वारसी ने बताया कि शाही मस्जिद की इंतजामिया कमेटी व प्रशासन ने जफर अली एडवोकेट को जुमा नमाज के कारण संभल में ही बने रहने के लिए कहा। जिस कारण जफर अली एडवोकेट न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके। संवाद
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