संभल हिंसा: पटरी पर लौट रही जिंदगी... बाजार में पहले की तरह चहल-पहल, मस्जिद के आसपास की दुकानें खुलीं
संभल में बवाल के जख्मों को भूलकर जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। साप्ताहिक बंदी के बावजूद बाजारों में चहल-पहल रही और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। बवाल के चलते चार दिनों तक बंद रहे बाजारों से कारोबारियों को नुकसान हुआ, लेकिन अब धीरे-धीरे व्यापार सामान्य हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संभल में हुए बवाल के जख्मों को भूलकर लोग आगे बढ़ रहे हैं। सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद भी बाजार में काफी चहल-पहल रही। बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से भी लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचे। जिससे जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है।24 नवंबर की सुबह साढ़े आठ बजे जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल शुरू हुआ था।
भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर उपद्रव कर रही भीड़ को खदेड़ा था। यह बवाल बाजार खुलने से पहले ही शुरू हो गया था। इसके बाद शनिवार तक इसका असर दिखाई दिया। रविवार को कुछ दुकानों को छोड़कर बाजार खुला था।
सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद भी बाजार में सभी दुकानें खुल गईं और ग्राहक भी बाजार में काफी दिखाई दिए। बाजार बंद रहने से कारोबार पर पड़ा असर : संभल में 24 नवंबर को बवाल के बाद बाजार बंद हो गया था। चार दिन तक बाजार में एक भी दुकान नहीं खुली थी।
जिससे कारोबार पर काफी असर पड़ा था। सहालग के दिनों में बाजार बंद रहने से कारोबारी काफी निराश थेे। जिसके बाद धीरे-धीरे दुकानें खुलने शुरू हुईं तो कारोबारियों की आस बंधी। जुमे के बाद से बवाल वाले इलाकों को छोड़कर सभी जगह दुकानें खुल गई थीं, लेकिन जामा मस्जिद और बवाल वाले इलाकों में दुकानें बंद थीं।
सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बाद भी मुख्य बाजार समेत सभी बाजारों में दुकानें खुलीं तो खरीदारी के लिए शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पहुंचे। जिससे कारोबारियों के चेहरे पर चमक दिखाई दी। कारोबारियों ने बताया कि धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर लाैटने लगा है।
पहली बार खुलीं मस्जिद के आसपास की दुकानें
सोमवार को जामा मस्जिद के आसपास की सभी दुकानें खुली हुई दिखाई दीं। लोगों की चहल पहल भी काफी नजर आई। करीब आठ दिन तक इस इलाके में बवाल का असर दिखाई दिया। क्योंकि 24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद से ही बवाल शुरू हुआ था।
इस बवाल के दौरान ही कार और बाइकाें को उपद्रवियों ने फूंक दिया था। ज्यादातर लोग घर छोड़कर भाग गए थे। और जिन लोगों की दुकानें जामा मस्जिद के नजदीक थीं वह दुकान खोलने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे थे। अब पुलिस प्रशासन के प्रयास से लोगों ने अपनी दुकानों को खोलकर कारोबार को शुरू किया है।
सदन में उठाई संभल बवाल की आवाज लड़ाई रहेगी जारी : जियाउर्रहमान बर्क
25 नवंबर से जब भी सदन चला, हमने संभल में हुए बवाल की शिकायत दर्ज कराई है। सरकार को शिकायत सुनकर पीड़ितों को न्याय दिलाना होगा। हम तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक सरकार शिकायत का समाधान न कर दे। यह कहना है संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का।
उन्होंने बताया कि संभल में बवाल के दौरान जिन पांच लोगों की जान गई है, उनके परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। इसलिए ही सदन में सपा के सभी सांसद लगातार आवाज उठा रहे हैं। कई बाद सदन भी स्थगित हो गया है। सोमवार को भी सदन नहीं चल सका। जनता भी देख रही कि सरकार किस तरह से पुलिस प्रशासन का बचाव करने में लगी है।
जिनकी जान गई है, उनके परिवार के दर्द को सरकार समझने को तैयार नहीं है। सांसद ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के समय तो मुस्लिम हितैषी बनते हैं और अब जिनकी जान गई है, उनको गुंडा बता रहे हैं। प्रदेश के जिम्मेदार लोग इस नफरत की राजनीति को समझ रहे हैं और वह समय पर इसका जवाब भी देंगे।
सर्वे की आड़ में सपा सांसद और विधायक के समर्थकों ने विवाद खड़ा किया : केशव माैर्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक विजय हुई है। समाजवादी पार्टी की साइकिल पंक्चर हो गई। मुरादाबाद की कुंदरकी में बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट किया। करहल में भी भाजपा को बड़ी संख्या में वोट मिले।
चंद्रशेखर और ओवैसी को भाजपा का सहायक बताने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हम किसी के भरोसे नहीं हैं। 100 में से 60 प्रतिशत वोट हमारा है और उनका 40 में भी बंटवारा है। इस बंटवारे में भी हमारा हिस्सा है। सर्किट हाउस में सोमवार को पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में कोर्ट के आदेश से हो रहे सर्वे की आड़ में सपा सांसद और विधायक के समर्थकों ने विवाद खड़ा किया, जिसमें कई लोग मारे गए।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के वोट की लूट के आरोपों पर कहा कि वे खुद वोट के लुटेरे हैं, बूथ कैप्चरिंग करने वाले हैं। चुनाव जीत जाए तो ईवीएम सही, हार जाए तो ईवीएम व चुनाव आयोग खराब। सपा न हिंदुओं की, न ही मुस्लिमों की। वहीं, उप मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सर्किट हाउस में सुरक्षाकर्मियों और भाजपा नेताओं की नोकझोंक भी हुई।