आखिरकार क्यों छोड़ गए घर: संभल हिंसा के बाद से 500 से अधिक घरों पर लटके ताले, पुलिस सवालों के तलाश रही जवाब
संभल बवाल के बाद कोटगर्वी, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा के 500 से ज्यादा घरों में ताले लगे हैं। पुलिस मकान छोड़ने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। एसपी ने निर्दोषों को लौटने की अपील की है, जबकि उपद्रवियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है।
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संभल में 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल के बाद कोटगर्वी, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में 500 से अधिक मकान ऐसे हैं, जहां ताले लगे हैं। इन मकानो के मालिकों की जानकारी पुलिस जुटाने में लगी है। पूछताछ की जा रही है कि इन लोगों ने घर क्यों छोड़ा है। वहीं दूसरी ओर इसमें काफी परिवार ऐसे भी हैं जो डरकर मकान छोड़ गए हैं। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जिनकी भूमिका बवाल में नहीं है, वह डरें नहीं, अपने मकानों में आकर रहें।
कोई उन्हें बेवजह परेशान नहीं कर सकता है। जो बवाल में शामिल थे, वह खुद ही आत्मसमर्पण कर दें। बवाल में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद के पास बवाल शुरू हुआ था। इसमें पांच लोगों की जान चली गई थी, जबकि 29 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने बवाल पर काबू पाया था। इस दौरान उपद्रवियों ने नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर हमला किया था।
फायरिंग, पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ उपद्रवियों ने की थी। पुलिस ने उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू की तो तमाम लोग अपने मकानों में ताले लगाकर दूसरे जिले व प्रदेश के लिए चले गए। बवाल को हुए करीब ढाई महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी भी सभी परिवार नहीं लौटे हैं। ऐसे में पुलिस को भी आशंका है कि जो परिवार नहीं लौटे हैं, वह कहीं बवाल में तो शामिल नहीं थे।
हालांकि इन इलाके के लोगों का कहना है कि काफी परिवार डरकर मकानों में ताले लगा गए हैं। कुछ उन लोगाें ने भी मकानों में ताले लगा रखे हैं, जिनकी भूमिका बवाल में थी। पुलिस पूछताछ कर रही है कि बवाल के बाद मकान क्याें छोड़ा है।
अवैध संपत्ति की जांच मामले में शारिक साटा की पत्नी से पूछताछ
आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की अचानक से बढ़ी संपत्तियों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। यह टीम उन सभी लोगों से पूछताछ करेगी, जिनकी भूमिका अपराध करने में रही है और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ऐसे लोगों की पिछले कुछ वर्षों में संपत्ति बढ़ी है। इसका इनपुट पुलिस को मिला है। एएसपी श्रीश्चंद्र का कहना है कि जिनकी संपत्ति अवैध पाई जाएंगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने अवैध संपत्ति की जांच मामले में शारिक साटा की पत्नी से पूछताछ की। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद गठित की गई एसआईटी उपद्रवियाें को गिरफ्तार करने के साथ ही संपत्तियों की जांच भी कर रही है। अब एएसपी श्रीश्चंंद्र के नेतृत्व में यह जांच बड़े स्तर पर की जा रही है।
एएसपी ने बताया कि शारिक साटा की संपत्ति के बारे में जानकारी उसकी पत्नी को बुलाकर की गई है। इसके अलावा पुलिस अन्य माध्यम से भी जानकारी जुटा रही है। जो भी ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं जिनकी कुछ वर्षों में अचानक से संपत्ति बढ़ गई है या उन्होंने अपने रिश्तेदारों के नाम से संपत्तियां खरीदी हैं। उन सभी की जांच की जाएगी।
पत्नी ने कहा-पति के नाम कोई संपत्ति नहीं
मंगलवार को नखासा थाने में शारिक साटा की पत्नी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए पुलिस ने बुलाया था। इस दौरान पुलिस के अधिकारियों ने पूछताछ की। इसमें पूछा गया कि शारिक साटा कहां है और कब भारत से गया है। उसकी कितनी संपत्तियां हैं। पुलिस को शारिक साटा की पत्नी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी।
जिस मकान में शारिक साटा का परिवार रहता है। उसके बारे में बताया है कि वह शारिक साटा की दादी के नाम से दर्ज है। जो पुश्तैनी है। पुलिस अब यह भी छानबीन कर रही है कि कहीं उसने रिश्तेदार या परिचित लोगों के नाम से तो संपत्ति नहीं खरीदी है।