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फिर चर्चा में संभल: आतंकी हमलों की साजिश में दो युवकों से घंटों पूछताछ, ATS ने फोन किए जब्त, बाहर जाने पर रोक

Mon, 21 Apr 2025 12:24 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 21 Apr 2025 12:24 PM IST
सार

सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश के शक में यूपी एटीएस ने संभल से एक युवक और किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया। दोनों के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। 

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Sambhal: Two youths interrogated for hours in conspiracy of terror attacks, ATS confiscated phones
एटीएस जांच में घिरे युवक के घर पर सन्नाटे में दिखा - फोटो : संवाद

विस्तार

सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश रचने के आरोप में उठाए गए संभल के युवक व किशोर को यूपी एटीएस पूछताछ के बाद घर छोड़कर वापस चली गई। टीम ने दोनों को बिना सूचना शहर छोड़कर न जाने संबंधी नोटिस दिया है। उनके मोबाइल फोन एटीएस के कब्जे में हैं। शनिवार की रात में यूपी एटीएस की टीम संभल के मोहल्ला खास सराय पहुंची थी। जहां से युवक और एक किशोर को हिरासत में लिया था।

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रातभर इनसे लखनऊ में पूछताछ की। रविवार सुबह दोनों को संभल लाकर छोड़ दिया। टीम ने दोनों को बिना सूचना शहर न छोड़कर जाने संबंधी नोटिस दिया है। संभल पुलिस इस मामले में कुछ भी जानकारी से इन्कार कर रही है। हालांकि, एएसपी श्रीश्चंद्र ने इतना जरूर बताया कि यूपी एटीएस की टीम संभल आई थी। इसके बाद वह कहां गई और किससे पूछताछ की, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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एक हाईस्कूल तो दूसरा 11वीं का छात्र
सूत्रों के अनुसार एटीएस की पूछताछ के दायरे में आए दोनों में से एक 18 वर्ष का है। वह निजी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है और मदरसे में भी पढ़ाई कर रहा है। दूसरा किशोर है और कक्षा 11 का छात्र है। दोनों के पिता ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। बताते चलें कि जिस युवक और किशोर से यूपी एटीएस की टीम ने पूछताछ की है, उनके खिलाफ स्थानीय थाने से अभी कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।

एटीएस के छापे से फिर सहमे संभल के लोग
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद संभल में हाई अलर्ट है। बवाल के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े तो एजेंसियां भी चौकन्नी हो गईं। अब शनिवार को सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश में संभल में छापे मारे गए। जिसके बाद एक बार फिर से संभल के लोग सहम गए हैं। पहले भी संभल का नाम कई बार आतंकी संगठनों के साथ नाम जुड़ चुका है।

वर्ष 1998 के बाद से संभल के कुछ लोगों का नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आया था। नवंबर 2023 में आईएसआईएस से कनेक्शन में संभल के दो युवा गिरफ्तार किए गए थे। इन युवाओं पर अन्य युवाओं को आतंक की राह पर लाने का आरोप लगा था। अभी मामला विचाराधीन है और दोनों युवा जेल में बंद हैं। दिल्ली के कई थानों में भी संभल के लापता युवाओं के फोटो चस्पा हैं। एक बार फिर यूपी एटीएस के संभल में छापे से तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं।

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अमेरिका की आतंकी सूची में है संभल के मौलाना आसिम उमर का नाम
1998 में कई युवा अचानक संभल से लापता हो गए थे। उनकी कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं हुई। कुछ समय बाद खुफिया एजेंसियों ने संभल पहुंचकर छानबीन की तो मालूम हुआ कि जो युवक लापता हुए थे, उनमें से कई ने आतंकवाद की राह चुन ली है और वह पाकिस्तान में हैं।

दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था, जो 1998 में लापता हुआ था और वर्ष 2016 में अमेरिका की ओर से विश्व के आतंकियों की सूची जारी होने पर उसका नाम प्रकाश में आया था। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू को वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार दिया गया था।

आतंकी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा काट चुके
संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर सात-सात साल की सजा काट चुके हैं। यह दोनों अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। साजिश रचने के साथ ही आतंकी बनाने के लिए युवाओं को भर्ती करने का काम था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 फरवरी 2023 को सात वर्ष से ज्यादा की सजा सुनाई थी। वर्ष 2015 से जेल में बंद थे तो सजा सुनाए जाने के कुछ समय बाद जेल से रिहा हो गए थे।

शरजील और सईद अख्तर की दिल्ली पुलिस को अभी भी तलाश
शहर के शरजील और सईद अख्तर भी 1998 में ही लापता हुए थे। इसमें सईद अख्तर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। इसकी जानकारी वर्ष 2005 में उस समय सामने आई जब दिल्ली से खुफिया एजेंसी की टीम छानबीन करने के लिए संभल पहुंची। इसी तरह शरजील की भी तलाश की गई। शरजील का फोटो दिल्ली के थानों में चस्पा है। जिसमें शरजील के आतंकवादी होने की जानकारी लिखी है। यही कारण है कि देश की कई खुफिया एजेंसियों की निगरानी संभल में रहती है। संभल के लापता युवाओं की खोजबीन भी यह एजेंसियां करती रहती हैं।

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