Sambhal: शिक्षा राज्यमंत्री के घर के बाहर शिक्षकों का हंगामा, डीएम-एसपी से नोकझोंक, दूसरी जगह धरना शिफ्ट
ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास पर छह दिन से धरना दे रहे अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और प्रशासन में मंगलवार को हंगामा हुआ। डीएम-एसपी भारी फोर्स के साथ पहुंचे और धरना स्थल बदलने का निर्देश दिया। इसके बाद शिक्षकों ने विरोध किया। करीब दो घंटे की खींचतान और वार्ता के बाद शिक्षकों की पांच सदस्यीय टीम की मध्यस्थता से सहमति बनी और धरना नगर पालिका कार्यालय परिसर में शिफ्ट कर दिया गया।
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ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास पर पिछले छह दिनों से धरना दे रहे अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रशासन के बीच मंगलवार को जमकर तनातनी हुई।
दोपहर में डीएम और एसपी भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों को वहां से हटने का निर्देश दिया। इस पर हंगामा खड़ा हो गया और हालात तनावपूर्ण बन गए। करीब दो घंटे चली खींचतान और वार्ता के बाद आखिरकार शिक्षकों का धरना नगर पालिका कार्यालय परिसर में शिफ्ट कराया गया।
शिक्षक 25 सितंबर से अविलंब ऑफलाइन स्थानांतरण की सूची जारी करने की मांग को लेकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी के आवास के सामने उनके कार्यालय हाल में धरने पर बैठे थे। मंगलवार को छठे दिन दोपहर एक बजे डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई मौके पर पहुंचे।
सीओ मनोज कुमार सिंह और कोतवाल मोहित चौधरी पहले से ही फोर्स के साथ मौजूद थे। अफसरों ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के आवास पर इस तरह का धरना देना सही नहीं है। या तो वे तुरंत धरना समाप्त करें या फिर इसे नगर पालिका कार्यालय कंपनी बाग परिसर में शिफ्ट करें।
इस पर शिक्षक उग्र हो गए और कहने लगे कि उन्हें जेल में डाल दिया जाए, लेकिन वे अपनी मांग पूरी होने से पहले यहां से नहीं हटेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश त्यागी, प्रांतीय महामंत्री लालमणि द्विवेदी, प्रांतीय मंत्री अरुण पाल आत्रेय और मंडलीय मंत्री विजेंद्र ध्यानी समेत अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने शिक्षकों का समर्थन किया। अफसरों और शिक्षक नेताओं के बीच नोकझोंक होती रही। करीब एक घंटे बाद डीएम और एसपी ने शिक्षक नेताओं की राज्यमंत्री गुलाब देवी से मोबाइल फोन पर बात कराई। इसके बाद शिक्षकों की पांच सदस्यीय टीम को अलग कमरे में बुलाकर बातचीत की गई।
लगभग 15 मिनट चली वार्ता के बाद सहमति बनी कि धरना नगर पालिका कार्यालय परिसर में शिफ्ट कर दिया जाए। समझौते के बाद शिक्षक सामूहिक रूप से पालिका कार्यालय पहुंचे और वहां धरना शुरू कर दिया। हालांकि शिक्षकों ने साफ कहा कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वे ऑफलाइन स्थानांतरण की सूची जारी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
निलंबन की सूचना पर शिक्षक की हालत बिगड़ी
धरने पर बैठे अलीगढ़ के बाढ़ौन स्थित मोहिनी आदर्श इंटर कालेज के शिक्षक शुभेंदु शरण त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार की सुबह 10 बजे करीब शिक्षक की हालत बिगड़ने लगी। शिक्षक का ब्लड प्रेशर लो हो गया था।
साथी शिक्षकों ने शिक्षक को पास के निजी अस्पताल में उपचार कराया और हालत में सुधार होने पर धरना स्थल ले आए। शाम चार तीन बजे करीब जब डीएम और एसपी की उपस्थिति में धरना पालिका कार्यालय परिसर में शिफ्ट होने की सहमति होने पर बीमार शिक्षक धरने से नहीं उठे और अविलंब स्थानांतरण सूची जारी होने की मांग को लेकर अड़े रहे।
काफी प्रयास के बाद साथी शिक्षकों ने शिक्षक को मनाया और एंबुलेंस से पालिका कार्यालय परिसर ले गए।
समर्थन देने पहुंचे शर्मा गुट के पदाधिकारी
शिक्षकों के धरने को समर्थन देने के लिए माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के बालकराम जिला मंत्री अमरोहा, अतुल पंडित प्रदेश कार्यकारणी सदस्य, जीपी सिंह प्रदेश मंत्री, मंडलीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार शर्मा, केपी सिंह जिला कोषाध्यक्ष अमरोहा, प्रांतीय प्रतिनिधि वाहिद हुसैन, प्रधानाचार्य कीर्ति कुशवाह, ऊषा उपाध्याय, मुकेश शर्मा, अनवर परवेज धरना स्थल पर पहुंचे और समर्थन दिया।
ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर प्रदेश भर के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक धरना दे रहे हैं। प्रशासन ने जनपद संभल धारा 163 लागू होने की बात कहते हुए किसी के आवास पर धरना समाप्त करने व अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की बात कही है। मंत्री जी ने चार बार शिक्षकों को आश्वासन दिया और फिर खुद ही मुकर गईं। संघर्ष समिति की मंत्री जी से वार्ता हुई है। एक-दो दिन में स्थानांतरण सूची जारी करने का आश्वासन दिया है। धरना पालिका कार्यालय परिसर कंपनी बाग में शिफ्ट किया गया है। - डॉ. उमेश त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट)।
धरने पर बैठे शिक्षकों से अनुरोध किया गया कि इसे समाप्त किया जाए या फिर दूसरे स्थान पर कंपनी बाग में शिफ्ट किया जाए। किसी के आवास पर इस तरह से धरने पर बैठना उचित नहीं है। मंत्री जी ने भी शिक्षकों को आश्वासन दिया है। शिक्षकों ने धरना शिफ्ट कर लिया है। - राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।