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शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाए संभल, मिलकर करें प्रयास : कुलपति
Fri, 21 Mar 2025 12:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:05 AM IST
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संभल के एमजीएम महाविद्यालय में प्राचार्यों को संबोधित करते गुरु जम्मेश्वर विश्वविद्यालय, मुरा
- फोटो : संवाद
संभल। नवगठित मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन माहेश्वरी बृहस्पतिवार को संभल के एमजीएम महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलेभर के कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। तय किया कि सकारात्मक दृष्टि अपनाकर शिक्षण संस्थाओं में शैक्षिक वातावरण को अच्छे से निर्मित किया जाए। जिससे विद्यार्थियों द्वारा उच्च शिक्षा हासिल करने का उद्देश्य सार्थक हो। कुलपति ने कहा कि संभल विश्व की सबसे उपजाऊ जमीन है। यहां से अच्छे वैज्ञानिक, इतिहासकार और शिक्षाविद् निकले। ऐसे में संभल शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाए, उसकी शुरुआत यहां से ही हो। भारत को जो आशाएं संभल से हैं, उन पर खरा उतरने का प्रयास करें। कुलपति ने कहा आज के समय में कमी किसी चीज की नहीं है। ऑनलाइन शिक्षा को अपनाने में कतराने वाले भारतीयों को कोरोना जैसी महामारी ने अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। ऑनलाइन शिक्षा ने छात्रों को नया अनुभव दिया। इससे घर बैठे ऑक्सफोर्ड व हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों से पढ़ने का असंभव कार्य भी संभव है। ऐसे में शिक्षण संस्थान तय करें कि किस चीज की कमी है। कमियां बताएं। यदि कहीं कोई कमी है, तो उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसको एकत्रित करके हम शासन स्तर पर रखेंगे।
कुलपति ने यह भी अपेक्षा कि यदि किसी पाठ्यक्रम या कोई ऐसी चीज जिसमें सुधार की गुंजाइश है तो उस बारे में बताएं। छात्र हित, संस्थान हित में निर्णय होंगे। जिससे उच्च शिक्षा हासिल करने का उद्देश्य सार्थक बनेगा। अंत में कहा श्रेष्ठ भारत का निर्माण शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन से ही संभव है। उन्होंने रोजगारपरक पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया तथा पाठ्यक्रम विश्लेषण पर प्रकाश डाला। स्व मूल्यांकन, मस्तिष्क उद्वेलन और सकारात्मक दृष्टि अपना कर शिक्षण संस्थाओं में शैक्षिक वातावरण निर्मित करने का संदेश दिया।
इस दौरान एमजीएम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र सिंह, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राष्ट्रवर्धन, एसएम कॉलेज चंदौसी के प्राचार्य हेमंत कुमार, बहजोई महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार, शाहीन स्मारक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरजीत कौशिक, रोशन सिंह चौहान स्मारक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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प्रबंधनतंत्र और शिक्षक अपना-अपना काम करें
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के कुलपति सचिन माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि प्रबंधनतंत्र अपना काम करे और शिक्षक अपना। कुलपति ने यह संदेश इसलिए दिया क्योंकि बीते दिनों चंदौसी के एक डिग्री कॉलेज में प्राचार्य पर प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई कर दी थी।
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कुलपति ने यह भी अपेक्षा कि यदि किसी पाठ्यक्रम या कोई ऐसी चीज जिसमें सुधार की गुंजाइश है तो उस बारे में बताएं। छात्र हित, संस्थान हित में निर्णय होंगे। जिससे उच्च शिक्षा हासिल करने का उद्देश्य सार्थक बनेगा। अंत में कहा श्रेष्ठ भारत का निर्माण शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन से ही संभव है। उन्होंने रोजगारपरक पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया तथा पाठ्यक्रम विश्लेषण पर प्रकाश डाला। स्व मूल्यांकन, मस्तिष्क उद्वेलन और सकारात्मक दृष्टि अपना कर शिक्षण संस्थाओं में शैक्षिक वातावरण निर्मित करने का संदेश दिया।
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इस दौरान एमजीएम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र सिंह, राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राष्ट्रवर्धन, एसएम कॉलेज चंदौसी के प्राचार्य हेमंत कुमार, बहजोई महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार, शाहीन स्मारक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरजीत कौशिक, रोशन सिंह चौहान स्मारक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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प्रबंधनतंत्र और शिक्षक अपना-अपना काम करें
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के कुलपति सचिन माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि प्रबंधनतंत्र अपना काम करे और शिक्षक अपना। कुलपति ने यह संदेश इसलिए दिया क्योंकि बीते दिनों चंदौसी के एक डिग्री कॉलेज में प्राचार्य पर प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई कर दी थी।