फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Sambhal Shiv Mandir: After decades, worship inside Shiv-Hanuman temple, police guard outside

Sambhal Shiv Mandir: दशकों बाद शिव-हनुमान मंदिर के अंदर पूजा...जला दीपक, बाहर पुलिस-प्रशासन का पहरा

Sun, 15 Dec 2024 01:16 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 15 Dec 2024 01:16 PM IST
सार

Sambhal Temple: संबल में दशकों बाद खुले शिव-हनुमान मंदिर की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। प्रशासन ने मंदिर की सफाई, बिजली और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की है।

विज्ञापन
Sambhal Shiv Mandir: After decades, worship inside Shiv-Hanuman temple, police guard outside
संभल में खुले बंद मंदिर के कपाट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संभल में रविवार सुबह दशकों से बंद पड़े भगवान शिव और हनुमान के मंदिर में पूजा अर्चना की गई। मंदिर के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात की गई है। यह मंदिर शनिवार को बिजली चोरी की जांच के दौरान प्रशासन ने खुलवाया था। 

विज्ञापन

मंदिर के पुनर्निर्माण की तैयारी

मंदिर परिसर की सफाई और बिजली की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। नगर हिंदू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी के अनुसार, यह मंदिर 1978 के बाद पहली बार खोला गया है। उपजिलाधिकारी वंदना मिश्रा ने बताया कि मंदिर की मूल संरचना को बहाल किया जाएगा।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर की सफाई कर दी गई है और बिजली व्यवस्था की जा चुकी है। यह कदम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत उठाया गया, जो केवल सार्वजनिक संपत्ति पर बने अवैध ढांचों के खिलाफ था। हमने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को पत्र लिखा है और मंदिर की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अतिक्रमण के बीच हुआ मंदिर का खुलासा

सीओ अनुज कुमार चौधरी ने बताया कि अतिक्रमण की शिकायतों की जांच के दौरान मंदिर का पता चला। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने कहा, "मंदिर के पास एक प्राचीन कुआं भी मिला है, जिसे एक रैंप बनाकर ढक दिया गया था। रैंप हटाने के बाद कुआं सामने आया।

मंदिर की दशकों पुरानी कहानी

नगर हिंदू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी ने बताया कि 1978 के बाद यह मंदिर बंद हो गया था। उन्होंने कहा, "हम खग्गू सराय इलाके में रहते थे, जहां यह मंदिर स्थित है। 1978 के बाद हमने अपना घर बेच दिया और इलाका खाली कर दिया। इसके बाद कोई पुजारी यहां रहने को तैयार नहीं हुआ। 15-20 परिवार वहां से चले गए और मंदिर बंद हो गया। अब दशकों बाद इसे फिर से खोला गया है।

समुदाय को सौंपा जाएगा मंदिर

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि यह मंदिर संबंधित समुदाय को सौंप दिया जाएगा और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंदिर के दोबारा खुलने और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है। यह मंदिर अब नियमित पूजा और दर्शन के लिए तैयार किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed