Sambhal Violence: सत्यव्रत पुलिस चौकी का गणतंत्र दिवस पर शुभारंभ संभव, चाैबीस घंटे होगी इलाके की कड़ी निगरानी
जामा मस्जिद के पास बन रही सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इसके गणतंत्र दिवस तक पूरा होने की उम्मीद है। चौकी बनने से इलाके की सुरक्षा मजबूत होगी और पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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जामा मस्जिद के नजदीक सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लिंटर का कार्य पूरा हो गया है। गणतंत्र दिवस से पहले इस पुलिस चौकी के पूरा होने की उम्मीद है। इसी तेजी से कार्य पूरा किया जा रहा है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस चौकी में कार्यालय, हॉल, हवालात और पुलिस कर्मियों के लिए कमरे बनाए जा रहे हैं।
इस समय सर्दी में पुलिस कर्मी सर्दी से ठिठुरते रहते हैं। इसके अलावा गर्मी और बरसात में भी यही स्थिति रहती है। पुलिस चौकी स्थापित होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। लोगों को पुलिस की मदद भी तत्काल मिल सकेगी। पुलिसकर्मियों को भी राहत मिलेगी।
एसपी ने बताया कि गणतंत्र दिवस तक इस चौकी में स्टाफ की तैनाती होने की उम्मीद है। मालूम हो 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद से पुलिस-प्रशासन सतर्क है। सुरक्षा के लिहाज से ही पुलिस चौकी का निर्माण किया जा रहा है। जिससे जामा मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ जाए।
सर्वे रिपोर्ट पेश होने के बाद जुमे की नमाज के दाैरान रही कड़ी सुरक्षा
सर्वे रिपोर्ट पेश होने के बाद जुमे की नमाज के दौरान जामा मस्जिद पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। पुलिस के साथ पीएसी और अर्धसैनिक बल तैनात रहा। मस्जिद के सभी रास्तों पर चेकिंग कर लोगों को आगे जाने दिया गया। इसके अलावा जो लोग देहात क्षेत्र से नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे उन्हें वापस कर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र की मस्जिद में नमाज अदा करें। जामा मस्जिद पर तीन घेरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई। 32 स्थानों पर मजिस्ट्रेट लगाए गए। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान ड्रोन से भी निगरानी कराई गई।
छतों पर भी पुलिस का पहरा रहा। जो लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे उनसे बैरियर पर पूछताछ की गई और चेकिंग की। मालूम हो 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। जिसमें पांच लोगों की जान गई थी और 29 पुलिसकर्मी व कई भीड़ में शामिल लोग घायल हुए थे।
इस बवाल के बाद से ही जामा मस्जिद पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जुमा नमाज के दौरान रेंज के जिलों की भी पुलिस बुलाई जाती है। पीएसी और अर्धसैनिक बल के जवानों को भी लगाया जाता है। यह सुरक्षा व्यवस्था एहतियाती तौर पर की जा रही है। बृहस्पतिवार को न्यायालय में सर्वे रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। इसके चलते सुरक्षा ज्यादा कड़ी दिखाई दी।