संभल में उबाल: महिला वीडीओ के कुंडल और मोबाइल जब्त करने का विरोध, बीडीओ के खिलाफ जिले के सचिवों ने खोला मोर्चा
संभल में नाराज कर्मचारियों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि खंड विकास अधिकारी ने महिला ग्राम पंचायत सचिव के कुंडल और मोबाइल को जब्त किया है। वह निंदनीय और महिला कर्मी का अपमान है।
विस्तार
संभल के रजपुरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह परमेश के खिलाफ जिलेभर के ग्राम पंचायत सचिवों ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश सचान को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत सचिवों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। खंड विकास अधिकारी को निलंबित किए जाने की मांग उठाई। कार्रवाई नहीं करने पर कार्य नहीं करने की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी संघ के आह्वान पर ग्राम पंचायतों के सचिव कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए।
मोबाइल और कुंडल अभी तक नहीं दिए
मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि खंड विकास अधिकारी ने महिला ग्राम पंचायत सचिव के कुंडल और मोबाइल को जब्त किया है। वह निंदनीय है और महिला का अपमान है। जबकि जिस भुगतान के रुपये वह नकद मांग रहे थे, वह भुगतान मनरेगा से फर्म के खाते में किया जाना है। इसके बाद भी महिला ग्राम पंचायत सचिव का अपमान किया गया। मोबाइल और कुंडल अभी तक नहीं दिए हैं। पीड़ित ग्राम पंचायत सचिव के पति ने कहा कि वह और उनकी पत्नी व संघ के पदाधिकारी खंड विकास अधिकारी को निलंबित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
सीडीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
यदि कार्रवाई नहीं की जाएगी तो उनकी पत्नी कार्य नहीं कर सकेंगी। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूरी घटना की जांच कराने की बात कही है। मालूम हो रजपुरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह परमेश ने बुधवार को महिला ग्राम पंचायत सचिव से ग्राम पंचायत में लगे शिलापट के सात हजार रुपये देने के लिए कहा था। इसमें ग्राम पंचायत सचिव का आरोप है कि जब रुपये बाद में देने की बात कही तो वह भड़क गए और उन्होंने मोबाइल जब्त करते हुए कुंडल उतरवा लिए।
क्या है मामला
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे साप्ताहिक बैठक ब्लॉक परिसर में शुरू हुई थी। शाम के समय खंड विकास अधिकारी ने महिला सचिव से ग्राम पंचायत में लगे शिलापट के सात हजार रुपये मांगे थे। महिला सचिव का कहना है कि जब रुपये नहीं होने की बात कही तो खंड विकास अधिकारी ने मोबाइल जब्त कर लिया और कुंडल भी उतरवा लिए। इसके बाद वह सभागार से बाहर आ गईं और जिला पंचायतराज अधिकारी को घटना की जानकारी दी।
पीड़ित ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि ग्राम पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर जो शिलापट लगे थे, उसका एस्टीमेट करीब 16 हजार रुपये का था और उसका भुगतान मनरेगा द्वारा कार्यदायी फर्म के खाते में भेजा जाना है। इसके बाद भी खंड विकास अधिकारी ने रुपये नकद मांगे और बाद में रुपये देने की बात कही तो खंड विकास अधिकारी ने मोबाइल जब्त करते हुए कुंडल उतरवा लिए।
मनरेगा से भुगतान तो नकद क्यों मांगे जा रहे
ग्राम पंचायतों में लगे शिलापट का भुगतान का मनरेगा से किया जाना है। एक शिलापट का एस्टीमेट 16 हजार रुपये तय हुआ है। सवाल उठता है कि खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव से नकद भुगतान करने के लिए क्यों कहा। जब कार्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है तो भुगतान फर्म के नाम किया जाना चाहिए। कई सवाल हैं जो घपलेबाजी की ओर इशारा कर रहे हैं। अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
बीडीओ के खिलाफ मैदान में उतरे ग्राम प्रधान
ब्लॉक रजपुरा क्षेत्र के ग्राम प्रधान, रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर 15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। रजपुरा की कार्रवाई की मांग के लिए सीडीओ को ज्ञापन सौंपा है। ग्राम पंचायत सचिवों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अधिकारी इस मामले को लेकर गंभीर हैं। जिलाधिकारी इस मामले में जांच कराएंगे।
15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप
रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधान, रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी पर 15 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। जिलाधिकारी केा संबोधित ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इसमें आरोप लगाया है कि मनरेगा के कार्यों में 15 से 16 प्रतिशत कमीशन ली जाती है। कमीशन नहीं मिलने पर नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिलती।
ग्राम पंचायत सचिव को न्याय मिले
आरोप है कि अभद्रता की जाती है। कहा है कि ग्राम पंचायत सचिव के साथ बदसलूकी गई है। यह महिला का अपमान है और इसमें सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जिससे महिला ग्राम पंचायत सचिव को न्याय मिल सके। इस दौरान ग्राम प्रधान आराम सिंह, मिथलेश, हरिराज सिंह, वीरवती, गुड़िया देवी, लता यादव, महेंद्र पाल, मीरादेवी समेत कई ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों ने शिकायती पत्र दिया है।
किसान संगठन ने लगाया था बदसलूकी का आरोप
खंड विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह परमेश पर 12 अगस्त को भाकियू असली के पदाधिकारियों ने बदसलूकी का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया था। इसमें किसानों ने आरोप लगाया था कि छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग करते हैं तो खंड विकास अधिकारी बदसलूकी करते हैं। एक दिवसीय इस धरना प्रदर्शन को आश्वासन मिलने के बाद खत्म कर दिया गया था।मनरेगा के तहत जो पक्के कार्य किए जाते हैं। उसमें 16 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है। कमीशन नहीं दिया जाता है तो काम नहीं मिलता। खंड विकास अधिकारी अभद्रता भी करते हैं। महिला ग्राम पंचायत सचिव से बदसलूकी की है। इसमें सख्त कार्रवाई की जानी है।- आराम सिंह, रजपुरा ब्लॉक अध्यक्ष, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संघ, संभल
ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी के खिलाफ विरोध जताया है। कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया है। ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जाएगा और महिला ग्राम पंचायत सचिव के साथ हुई बदसलूकी की जांच कराने और कार्रवाई की मांग की जाएगी।- ममता कुमारी, ब्लॉक प्रमुख, रजपुरा।