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संभल फर्जी आधार कार्ड केस: पॉलीटेक्निक छात्र निकला मास्टरमाइंड, डिजाइनिंग में ऐसा माहिर कि पुलिस भी रह गई दंग

Thu, 17 Apr 2025 05:26 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 17 Apr 2025 05:26 PM IST
सार

संभल पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड गिरोह के लिए पोर्टल बनाने वाले हरदोई के पॉलीटेक्निक छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी चैटजीपीटी से कोडिंग सीखकर फर्जी वेबसाइट बनाता था। इसके बाद गिरोह को 1500-2000 रुपये में बेचता था। पुलिस को पूछताछ में कई और लोगों के नाम भी मिले हैं।

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Sambhal fake Aadhaar card case: Polytechnic student turned out be mastermind, police stunned see design
फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोपी और उससे बरामद सामान - फोटो : संवाद

विस्तार

फर्जी आधारकार्ड बनाने वाले गिरोह के लिए काम करने वाले पॉलीटेक्निक छात्र हरदोई के थाना सुरसा के गांव गुरेही निवासी प्रियांशु तिवारी (20) को बुधवार को संभल पुलिस ने हरदोई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पोर्टल बनाकर गिरोह को उपलब्ध कराता था।

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एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि आरोपी छात्र आधारकार्ड संबंधी उपकरणों को मोडिफाई कर व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आधार के मूल डेटाबेस में फर्जी व गैर कानूनी बदलाव करने के लिए काम करता था। साथ ही आधार, जन्म प्रमाण प्रमाण पत्र व पासपोर्ट संबंधित बदलाव के लिए पोर्टल उपलब्ध कराता था।
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उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि वह इस समय रेवाड़ी में रहता है। उसकी हाईस्कूल की पढ़ाई भी यहीं से हुई है। आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट के माध्यम से कोडिंग सीखी थी और कोडिंग में चैट जीपीटी की सहायता भी बेवसाइट व पोर्टल डिजाइन करने लगा।
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दो वर्ष पहले आधारकार्ड सेंटर पर भी कार्य किया था और यहीं से उसे यह सभी जानकारी हो गई थी कि आधार कार्ड में फर्जी तरीके से बदलाव कैसे किए जाने हैं। इसके बाद बदलाव कराने वाले लोगों से संपर्क भी हो गया। इसके बाद पोर्टल बनाकर बेचे भी हैं।

एएसपी ने बताया कि गिरोह से बातचीत मैसेज के माध्यम से होती थी। आरोपी छात्र के मुताबिक बेवसाइट व पोर्टल के लिए एक कोड के डिजायन की कीमत उसे 1500 से 2000 रुपये तक मिलती थी। इस लालच में लगातार लोगों की मांग पर पोर्टल बनाकर देता रहा। इसकी मांग लगातार बढ़ रही थी। एएसपी ने बताया कि आरोपी ने कई लोगों के बारे में जानकारी भी दी है। उनकी भी छानबीन की जाएगी।

फर्जी आधार कार्ड गिरोह के चार सदस्य पहले ही जा चुके हैं जेल
एएसपी ने बताया कि आधारकार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन कर आयु कम करने वाले गिरोह के चार सदस्यों जिला बदायूं के थाना उझियानी के गांव अनोला निवासी आशीष समेत वैनी नगला निवासी धर्मेंद्र, निजामपुर निवासी रौनक व दिल्ली के तिमारपुर के बजीराबाद निवासी कासिम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

ग्रुप को दे रखी थी तिवारी सोल्यूशन नाम से फर्जी पहचान
एएसपी के मुताबिक आरोपी छात्र ने बताया कि उसने ही फर्जी आधारकार्ड बनाकर आयु संशोधन करने वाले गिरोह के सदस्य आशीष को आधारकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र व पासपोर्ट के पोर्टल बनाकर दिए थे। उसने बताया कि, इसे हमारी भाषा में प्रिंट पोर्टल कहा जाता है।

इन पोर्टल के माध्यम से ये लोग फर्जी अभिलेख तैयार करके सेव कर लेते थे और जरूरत पड़ने पर आधारकार्ड में बदलाव कर लेते थे। छात्र का कहना था कि करीब 3 वर्ष से वह यह कार्य कर रहा है। साथ ही अलग पहचान बनाने के लिए उसने अपने ग्रुप को तिवारी सोल्यूशन का नाम दे रहा था।

 जिससे कि वह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और अधिक से अधिक काम मिलने पर फायदा हो सके। उसने बताया कि उसने ही आशीष समेत रौनक, धर्मेंद्र व कासिम को इनकी डिमांड पर पोर्टल दिए थे।

पंचम सिंह के दो आधारकार्ड सामने आने के बाद हुआ था खुलासा
गांव बहरौली ताहरपुर निवासी चंद्रसेन की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। इसमें थाना धनारी के गांव भागनगर निवासी विनोद ने उसके मरणासन्न बेटे के नाम से धोखाधड़ी करके ट्रैक्टर खरीदा था। इसके बाद बेटे की मौत हो जाने पर गैर कानूनी तरीके से ट्रैक्टर बेच दिया था।

इसके अलावा विनोद ने अपने पिता पंचम सिंह के फर्जी तरीके से दो आधारकार्ड बनवाकर 21 वर्ष आयु कम करा ली थी। बाद में आरोपी विनोद ने इससे पीएमजेजेवाई योजना की पॉलिसी कराकर लाभ ले लिया था। पूरे मामले में कोतवाली में आरोपी विनोद के नाम रिपोर्ट दर्ज की गई थी और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूरे मामले की गहनता से जांच की गई थी और आधारकार्ड में फर्जी तरीके से संशोधन करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

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