Sambhal Election 2024 Result: दादा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे जियाउर्रहमान, बीजेपी के सैनी को हराया
संभल में सपा प्रत्याशी जियाउरर्हमान बर्क सबसे आगे चल रहे हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी प्रत्याशी दूसरे नंबर पर हैं। अब देखना यह है कि संभल को नया चेहरा मिलता है या बर्क की विरासत को।
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संभल लोकसभा क्षेत्र के सपा प्रत्याशी जियाउर्रहमान बर्क ने भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी को 1.14 लाख मतों से हरा दिया है। उनकी जीत का जश्न समर्थकों व गठबंधन कार्यकर्ताओं ने खूब मनाया। वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई।
परमेश्वर लाल सैनी को 428883 मत मिले हैं। जियाउर्रहमान बर्क को 543260 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी की यह लगातार दूसरी हार है। वह वर्ष 2019 में सपा प्रत्याशी जियाउर्रहमान बर्क के दादा डॉ. शफीकुर्रमान बर्क से चुनाव हार गए थे।
भाजपा ने इस बार फिर से दांव लगाया था लेकिन परमेश्वर लाल सैनी को इस बार भी सफलता नहीं मिली। अब संभल में जियारउर्रहमान बर्क अपने दादा की सियासत की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। मतगणना के दौरान बसपा प्रत्याशी सौलत अली मुकाबले में नहीं दिखाई दिए।
संभल लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्र संभल, चंदौसी, असमोली, बिलारी और कुंदरकी शामिल हैं। संभल, असमोली और चंदौसी की मतगणना बहजोई स्थित वेयर हाउस में चल रही है।
सात मई को तीसरे चरण के दौरान हुए मतदान में संभल लोकसभा क्षेत्र के 1897882 मतदाताओं में से 62.83 प्रतिशत मतदाताओं यानि 1192680 ने मतदान किया है। इसमें 54.33 प्रतिशत पुरुष और 45.67 महिला मतदाता शामिल हैं।
संभल लोकसभा: दूसरा राउंड
सपा 38939
भाजपा- 38330
बसपा- 15340
सपा प्रत्याशी 10 हजार से ज्यादा आगे
संभल लोकसभा: राउंड 6
सपा 111676
भाजपा 95244
बसपा 39888
सपा प्रत्याशी 16432 से आगे हैं
संभल लोकसभा: सपा प्रत्याशी 2,648 वोटों से आगे
राउंड 8
सपा 138155
भाजपा 135507
बसपा 54196
संभल लोकसभा सीट से 12 प्रत्याशी चुनाव लड़े हैं। इसमें सपा, भाजपा और बसपा प्रमुख दल हैं। प्रत्याशी 1.99 लाख वोट पाने पर ही जमानत बचा सकेगा। संभल लोकसभा क्षेत्र में 1897882 मतदाता हैं। मतदाताओं में से कुल हुए मतदान 1192860 में से 1/6 मत जमानत बचाने के लिए प्रत्येक प्रत्याशी को पाने होंगे।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की ही जमानत बच सकेगी। अन्य 9 प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सकेंगे। क्योंकि 1.99 लाख मत पाना प्रमुख दलों के अलावा अन्य प्रत्याशियों के दम की बात नहीं है।