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संभल: बिछड़कर पाकिस्तान पहुंची मुन्नी को 40 साल बाद सोशल मीडिया ने भाईजान से मिलाया, वीडियो कॉल पर देखकर बिलख पड़ी

Thu, 23 Dec 2021 09:17 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 23 Dec 2021 09:17 PM IST
सार

मुन्नी की सौतेली मां के बहनोई ने लगभग 40 साल पहले उसे हरियाणा में किसी को बेच दिया था। वहां कुछ दिन रखने के बाद उसे पाकिस्तान में बेच दिया गया। वहां लगभग 20 साल पहले उसका निकाह कर दिया गया। अब उसके तीन बच्चे हैं।

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Sambhal: After 40 years, Munni, who reached Pakistan after being separated, was reunited with Bhaijaan by social media, was shocked to see her on video call
पाकिस्तान में संभल के सरायतरीन की मुन्नी - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

सोशल मीडिया जहां एक ओर माहौल खराब करने के लिए जाना जाता है वहीं अब इसने एक बिछड़ी बहन को 40 साल बाद अपने भाइयों से मिलवाने का काम किया है। दरअसल सौतेली मां के बहनोई ने सरायतरीन के झझरान निवासी मोहम्मद छिद्दन की 12 साल की बेटी मुन्नी को हरियाण के किसी व्यक्ति को कुछ रुपयों में बेच दिया था। इसके बाद मुन्नी को पाकिस्तान के किसी व्यक्ति को बेचा गया। दो बार मानव तस्करी का शिकार हुई मुन्नी को पिता और अन्य रिश्तेदारों ने तलाशा लेकिन कोई पता नहीं चला।

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तस्करी होने के बाद मुन्नी ने पाकिस्तान में कई वर्ष मुश्किल में गुजारे और इसके बाद एक सहारा मिल गया, जिससे निकाह हुआ और नया नाम बुशरा भी मिल गया। मुन्नी ने मुश्किल भरी जिंदगी का सामना तो किया लेकिन वह अपने परिवार को नहीं भूल सकी। उन्होंने अपना दर्द पाकिस्तान के किसी व्यक्ति से साझा किया तो इसका वीडियो बन गया। जब यह दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सरायतरीन के झझरान तक पहुंच गया।

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मुन्नी की कहानी उनकी जुबानी सुनकर मुन्नी से छोटे भाई मुन्ना को कुछ ही पल लगे समझने में कि उनकी बहन जो लापता हुई थी, यह वही है। गम और खुशी के आंसू बरसने लगे। सोशल मीडिया के माध्यम से उस व्यक्ति तक पहुंचा गया, जिसने वीडियो बनाकर वायरल किया था। जब मुन्नी को अपने परिवार के मिलने की जानकारी हुई तो वह खुशी और गम से रो दीं।

गुरुवार को भी वीडियो कॉल से बातचीत परिजन करते रहे। मुन्नी के छोटे भाई अकरम ने बताया कि उनकी बहन 1981 में लापता हुई थीं तब वह डेढ़ महीने के थे और उनके बड़े भाई मुन्ना 15 साल के थे। भाई मुन्ना और अन्य रिश्तेदारों ने मुन्नी आपा के लापता होने की जानकारी दी थी। अब वीडियो सामने आया तो जानकारी मिली कि उनकी आपा मुन्नी पाकिस्तान में रहती हैं।

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अकरम ने बताया कि उनकी दो बहनें और तीन भाई हैं। एक बहन की मौत हो गई है। तीनों भाइयों की आर्थिक स्थित मजबूत नहीं है। वहीं मुन्नी अपने तीनों भाई और अपने रिश्तेदारों से मिलना चाहती हैं लेकिन वीजा और पासपोर्ट अभी नहीं है। भाइयों की हालत ऐसी नहीं है कि वह अपनी बहन से मिलने के लिए पाकिस्तान चले जाएं।

प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं हमारी आपा से मिलाने में मदद

हम तो गरीब हैं साहब, हमारी मदद तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ही हमारी आपा (बहन) से मिला सकते हैं। हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं जो अपनी आपा से मिलने के लिए पाकिस्तान चले जाएं लेकिन हम अपनी आपा को हिन्दुस्तान वापस बुलाने के लिए सरकार से आस लगा रहे हैं। यह कहना था मुन्नी उर्फ बुशरा के छोटे भाई अकरम का। अकरम ने बताया कि हम कम पढ़े लिखे लोग हैं। मेहनत मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं लेकिन हमारी आपा 40 साल बाद मिली हैं तो हम उनसे मिलना चाहते हैं।

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दिल्ली में हरियाणा के व्यक्ति को बेचा फिर पाकिस्तान बेचा गया

वीडियो कॉल पर अपने भाई, भाभी और परिवार के अन्य लोगों से बातचीत करते हुए मुन्नी ने बताया कि जब वह छोटी थीं तो रिश्तेदार ने दिल्ली ले जाकर हरियाणा के एक व्यक्ति को बेच दिया था। हरियाणा में पशुओं का काम कराया जाता था और भरपेट खाना नहीं मिलता था। इसके बाद हरियाणा से पाकिस्तान के लिए बेचा गया।

मुन्नी ने बताया कि उनके साथ तीन से चार लड़कियां और थीं जिन्हें बेचा गया था। राजस्थान से बॉर्डर पार करा कर पाकिस्तान भेजा था। वहां कई वर्ष तक तरह-तरह की परेशानियां उठानी पड़ी। 21 वर्ष पहले पाकिस्तान के व्यक्ति ने शादी की तो परेशानियों से कुछ राहत मिली। अब तीन बेटी और एक बेटा है। भले 40 साल गुजर गए लेकि परिवार अब भी याद है। घर को जाने वाली हर गली और आस पड़ोसी का नाम याद है।

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