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Sambhal News: पुष्टाहार पर डाका और भविष्य पर लटका ताला

Sun, 12 May 2024 03:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sun, 12 May 2024 03:54 AM IST
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Robbery on nutrition and lock on future
संभल। सरकार बच्चों को कुपोषण मुक्त व शिक्षित करने के लिए हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यह सिर्फ कागजी आंकड़ों में सिमट कर रह गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ज्यादातर ताले लटके रहते हैं और प्रतिमाह पुष्टाहार भी नहीं बांटा जाता। जबकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एअर कंडीशन ऑफिस में बैठें-बैठें कागजी आंकड़ों को ऊपर दिखाकर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं। वे कभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जांच करने नहीं जाते हैं कि केंद्र खुला है या बंद। जिसके चलते धरातल पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं जनमानस तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही हैं।
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शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई। पवांसा ब्लॉक के गांव आढ़ोल स्थित कंपोजिट विद्यालय में बना आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12 बजे बंद था। इसके अलावा सिकंदरपुर सराय गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के परिसर में बना आंगनबाड़ी केंद्र 12: 20 बजे बंद मिला। इसी तरह गांव हसनपुर मुन्जब्ता, गांव मिलक मऊभूड़ में भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। जिले के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों की यही स्थिति है। ग्रामीणों का आरोप है आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिमाह पुष्टाहार का वितरण नहीं किया जाता है। साथ ही ज्यादातर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहते हैं। यह हाल तब है जब जिला प्रशासन ने निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे।
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यह हैं जिले में पुष्टाहार के लिए पात्र लोग

कुपोषित बच्चे- 2828

गर्भवती महिलाएं- 119308

स्तनपान कराने वाली महिलाएं- 11854

06 महीने से 03 वर्ष के बच्चे- 118941
03 से 06 वर्ष तक के बच्चे- 118868
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कोट

दो बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा तीन-चार महीने में एक बार ही पुष्टाहार दिया जाता है। नियमित रूप से बच्चों को पुष्टाहार नहीं दिया जाता। इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। -राजीव कुमार, गांव बसला।
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कोट

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दो से तीन महीने में एक बार पुष्टाहार दिया जाता है। जब पत्नी गर्भवती थीं तब भी नियमित पुष्टाहार नहीं मिला। शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है। -बेबी पाल, गांव सैंजना।

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तीन वर्षीय बेटी है। उसको पुष्टाहार नहीं मिलता। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसलिए अब उम्मीद ही छोड़ दी है। यह स्थिति ज्यादा बच्चों के साथ है जिन्हें पुष्टाहार नहीं मिलता है। -ओमपाल, गांव बिचपुरी।
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पुष्टाहार का वितरण नियमित नहीं होता है। इस महीने पुष्टाहार मिला है लेकिन रिफाइंड नहीं दिया गया। इसी तरह कभी मिलता है तो कभी नहीं मिलता। जब मिलता है तो उसमें कम सामग्री दी जाती है। यह स्थिति सभी के साथ है। इसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। -सुखराम, गांव सिसौना डांडा।
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क्या बोले अधिकारी-
जो भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोल रही हैं या नियमित पुष्टाहार का वितरण नहीं कर रही हैं इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। नियमित केंद्र को खोला जाता है और नियमित ही पुष्टाहार वितरण होना है। ऐसी लापरवाही करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की भी गई है।


नीता सैनी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पवांसा।

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कोट
ब्लॉक क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्र बंद रहने और पुष्टाहार का नियमित वितरण नहीं होने के मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी के द्वारा कार्रवाई की जाएगी। अगर नहीं की जाती है तो मामले की जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई हमारे स्तर से तय होगी। -राकेश चंद्र मौर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संभल।
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