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Sambhal News: रोडवेज बस अड्डे का भवन जर्जर, बन सकता है हादसे का सबब

Mon, 08 Jul 2024 06:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Mon, 08 Jul 2024 06:09 AM IST
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Roadways bus stand building dilapidated, can become cause of accident
संभल। रोडवेज बस अड्डे का जर्जर भवन हादसे का सबब बन सकता है। बारिश में हादसे का खतरा और बढ़ गया है। जबकि रोडवेज बस अड्डे के लिए जमीन चिह्नित होने के बाद सारी प्रक्रियाएं पूरा हो चुकी हैं, लेकिन बजट के अभाव में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारी पत्राचार लगातार किए जाने का दावा कर रहे हैं।
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संभल में रोडवेज बस अड्डा 65 साल पुराने भवन में 32 साल से किराये पर संचालित है। जो एकदम जर्जर हो चुका है। शासन ने अनुपूरक बजट में संभल रोडवेज बस अड्डे के कार्यालय भवन निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। करीब 32 वर्ष से किराये के भवन में अस्थायी तौर पर चल रहे संभल रोडवेज बस अड्डे को स्थायी ठिकाना मिलने की उम्मीद जगी है लेकिन प्रक्रिया इतनी सुस्त है कि निर्माण शुरू तक नहीं हुआ है। यह रोडवेज बस अड्डा मुरादाबाद मार्ग पर वाजिदपुरम के नजदीक तश्तपुर में साढ़े तीन हजार वर्ग मीटर भूमि में निर्माण किया जाना है। बजट के इंतजार में इसका निर्माण शुरू नहीं हुआ है। एआरएम का कहना है कि वह दो बार पत्राचार कर चुके हैं। शासन को समस्या से भी अवगत करा दिया गया है।
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15 हजार रुपये है मासिक किराया



संभल रोडवेज बस अड्डा वर्ष 1991 से इस किराए के भवन में संचालित है। विभाग को प्रतिमाह 15 हजार रुपये किराया अदा करना पड़ता है। हालांकि इस रोडवेज बस अड्डे पर स्टाफ और यात्रियाें के लिए सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। बारिश होने पर यह रोडवेज बस अड्डा परिसर तालाब बन जाता है और यात्रियों को रोडवेज बस में सवार होने के लिए मुख्य मार्ग पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। कई बार बारिश ज्यादा होने पर मुख्य मार्ग भी तालाब की तरह बन जाता है। संभल से मुरादाबाद के लिए 34 बसों का संचालन होता है। इसके अलावा मेरठ और अलीगढ़ के लिए भी बस संचालित की जाती है। प्रतिदिन कई हजार यात्री इस रोडवेज बस अड्डे से सफर करते हैं।
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यात्रियों के बैठने के लिए व्यवस्था नहीं, स्टाफ भी जर्जर भवन में बैठता है



किराए के जिस भवन में रोडवेज बस अड्डा संचालित हो रहा है, वहां यात्रियों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। गर्मी के मौसम में यात्री इधर उधर खड़े दिखाई देते हैं। यही स्थिति स्टाफ के लिए बनी हुई है। जर्जर भवन में बैठने के लिए स्टाफ मजबूर है। अब स्थायी भवन मिले तो यात्रियों के साथ ही स्टाफ को राहत मिलेगी।








कोट

रोडवेज बस अड्डे के निर्माण के लिए प्रक्रिया सारी पूरी हो चुकी है। बजट का इंतजार है। शासन को दो बार पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। बरसात के दौरान जो समस्याएं हैं उनसे भी अवगत कराया है। उम्मीद है कि एक या दो सप्ताह में बजट मिल जाएगा। उसके बाद निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।



प्रेम सिंह, एआरएम, पीतलनगर डिपो, मुरादाबाद
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