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Sambhal News: पानी उतरने पर राहत लेकिन रास्ते अब भी बंद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:34 AM IST
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Relief as water recedes, but roads remain closed.
जुनावई। गंगा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही बांध के अंदर बसे बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात सुधरने लगे हैं। गांवों से पानी धीरे-धीरे निकल रहा है। हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। संपर्क मार्गों के निचले हिस्सों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित है।
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तटबंध के अंदर बसे रघुपुर पुख्ता, मेंगरा, सालिंग की मढ़ैया, नरुपुरा की मढ़ैया, उदिया नगला, बझांगी, तोतापुर और भावरू की मढ़ैया में बाढ़ का पानी तेजी से कम हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कई दिनों से घरों और गलियों में भरा पानी अब निकलने लगा है, जिससे जनजीवन पटरी पर लौट रहा है।
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उदिया नगला निवासी मदनलाल और बझांगी निवासी अतर सिंह ने बताया कि गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग उदिया नगला-बझांगी अब भी कई जगह पानी में डूबा है। जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, वहीं से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन निचले हिस्सों में घुटने भर पानी जमा है। इससे बाइक, साइकिल तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
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खेतों में जलभराव, फसलें बर्बाद होने की कगार पर

सबसे बड़ी चिंता फसलों को लेकर है। खेत-खलिहानों में लंबे समय से पानी भरा रहने से गन्ना, मक्का, बाजरा, धान सहित अन्य खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। बझांगी निवासी अतर सिंह ने बताया कि कई दिनों तक पानी में डूबे रहने से फसलों के पीले पड़ने और सड़ने की आशंका है।
बीमारियां फैलने की आशंका
गांवों में जगह-जगह कीचड़, गंदगी और रुका हुआ पानी सड़ रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को डर है कि यदि समय रहते सफाई नहीं हुई तो मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार और चर्म रोग जैसी संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। उदिया नगला निवासी मदनलाल ने बताया कि बाढ़ उतरने के बाद अब बीमारी का खतरा सबसे बड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों की तत्काल सफाई कराई जाए, कीटनाशक और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाए और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कराई जाए।


बाढ़ प्रभावित ग्रामों और रास्तों से पानी काफी कम हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सालय विभाग की टीमें लगातार कैंप लगा रही हैं। राजस्व विभाग की टीमें निगरानी में लगी हुई हैं। हर स्तर से निगरानी रखी जा रही है। - अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम गुन्नौर
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