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Sambhal News: रजपुरा, संभल सीएचसी में टीवी की दवा नहीं, परेशान हो रहे मरीज
Tue, 21 May 2024 05:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 21 May 2024 05:20 AM IST
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संभल। क्षय रोगियों को दी जाने वाली दवाएं खत्म हो गई हैं। सोमवार को संभल और रजपुरा सीएचसी में दवा लेने पहुंचे क्षय रोगियों को बैरंग लौटा दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज यदि एक दिन दवा न खाए तो उसका बीते दिनों हुए इलाज का असर कम हो जाता है, जिससे मरीज को ठीक होने में समय ज्यादा लगता है, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल में करीब एक महीने से दवा की किल्लत बनी हुई है। बीच-बीच में मरीजों को थोड़ी-थोड़ी दवा देकर काम चलाया जा रहा था। लेकिन अब खत्म हो गई है। रजपुरा सीएचसी का भी यही हाल है। दवा उपलब्ध न होने से टीबी के मरीज अस्पताल आकर लौट जाते हैं। सोमवार को रजपुरा सीएचसी में दवाई लेने पहुंची गांव टिकटा निवासी रामदेई को दवाई नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से टीबी की दवाई नहीं मिल रही है। निजी मेडिकल से दवाई खरीदकर खाने को मजबूर हैं, इससे आर्थिक क्षति हो रही है। वहीं, गांव चंदूनगला निवासी सूरजपाल ने बताया कि एक माह से अस्पताल के चक्कर लगा रहा हूं। टीबी की दवाइयां नहीं मिल रही हैं। बाहर से खरीद कर खा रहे हैं। अब तक एक माह में 900 रुपये की दवाई निजी मेडिकल से खरीदी है। इस मामले में चिकित्सा प्रभारी मनमोहन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में टीबी की दवाई उपलब्ध नहीं है। जैसे ही उपलब्ध होगी, मरीजों को बांटी जाएगी।
बीच में न छोड़ें इलाज, गंभीर हो सकती है बीमारी
टीबी रोग माइक्रो बैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। इस बैक्टीरिया को नष्ट करने में लंबा समय लगता है। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार सामान्य तौर पर टीबी इलाज का पूरा कोर्स 6 से 9 महीनों तक चलता है, लेकिन किसी भी कारण से बीच में दवा खाना बंद कर देने से टीबी के बैक्टीरिया और अधिक ताकतवर हो जाते हैं और इलाज लंबा चलता है।
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बीच में न छोड़ें इलाज, गंभीर हो सकती है बीमारी
टीबी रोग माइक्रो बैक्टीरियम नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। इस बैक्टीरिया को नष्ट करने में लंबा समय लगता है। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार सामान्य तौर पर टीबी इलाज का पूरा कोर्स 6 से 9 महीनों तक चलता है, लेकिन किसी भी कारण से बीच में दवा खाना बंद कर देने से टीबी के बैक्टीरिया और अधिक ताकतवर हो जाते हैं और इलाज लंबा चलता है।
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