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कुछ ही मिनटों में बस को जलाकर भाग गए बवाली
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संभल के मोहल्ला चौधरी सराय में पुलिस पर पथराव का यह रहा नजारा।
- फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल के चौधरीसराय में हुए बवाल के दौरान कुछ ऐसे लोग थे जिनका मकसद ही माहौल खराब करना था। इसका कारण यह था कि कुछ ही मिनटों में कौशाम्बी डिपो की बस को आग के हवाले किया गया। जिस तरह से आग लगाई गई उसे देखकर प्रशासन का मानना है कि आग लगाने वाले लोग जानते थे कि किस तरह से आग लगाई जा सकती है। पेट्रोल से भीगे सूती कपड़ों को आग लगाने के लिए बसों में फेंका गया।
गनीमत यह रही कि जब तक उपद्रवियों की भीड़ बस तक पहुंची तब तक बस से सवार यात्री उतर चुके थे। चालक परिचालक भी जान बचाकर भाग गए थे। रोडवेज बस सीएनजी ईंधन से भरी थी। इसलिए ऊपरी हिस्से में आग लगी।
यदि डीजल ईंधन की बस होती तो शायद बस के टायर भी नहीं बच पाते। यदि टायरों में आग लग जाती तो आग और ज्यादा बेकाबू हो जाती। कुछ ही मिनटों की इस घटना में रोडवेज की बस को नुकसान हुआ।
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वहीं बहजोई की ओर से आईं रोडवेज बसों में भी आग लगाने का प्रयास किया गया। लेकिन सवारियों की सतर्कता के चलते आग लगते कपड़ों को तुरंत काबू कर लिया गया। इसलिए उन रोडवेज बसों में आग नहीं लग सकी।
हालांकि तोड़फोड़ काफी की गई। लेकिन पुलिस को देखकर उपद्रव मचा रहे कुछ लोग भागने लगे। वहीं यात्रियों ने एमजीएम कालेज में घुसकर अपनी जान बचाई। यात्रियों में भय दिखाई दिया।
हिंदूपुराखेड़ा में भी हुआ पथराव
जिस वक्त पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी काफिले के साथ चौधरीसराय से हसनपुर रोड की ओर बढ़े उस वक्त भीड़ ने हिंदूपुरा खेड़ा में पथराव किया। लेकिन जब पुलिस बल मौके पर बढ़ गया तो पथराव करने वाले आसपास की गली मोहल्लों में भाग गए।
मीडियाकर्मियों पर भी फेंके गए पत्थर
संभल। बवाल और प्रदर्शन की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर भी पथराव किया गया। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों और छायाकारों को भी नहीं बख्शा गया। बवाल के दौरान पथराव में इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार मुजम्मिल दानिश के सिर में पत्थर लगा। जबकि छायाकार मोनू के पैर में एक पत्थर लगा। दोनों को चोट आई है।
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गनीमत यह रही कि जब तक उपद्रवियों की भीड़ बस तक पहुंची तब तक बस से सवार यात्री उतर चुके थे। चालक परिचालक भी जान बचाकर भाग गए थे। रोडवेज बस सीएनजी ईंधन से भरी थी। इसलिए ऊपरी हिस्से में आग लगी।
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यदि डीजल ईंधन की बस होती तो शायद बस के टायर भी नहीं बच पाते। यदि टायरों में आग लग जाती तो आग और ज्यादा बेकाबू हो जाती। कुछ ही मिनटों की इस घटना में रोडवेज की बस को नुकसान हुआ।
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वहीं बहजोई की ओर से आईं रोडवेज बसों में भी आग लगाने का प्रयास किया गया। लेकिन सवारियों की सतर्कता के चलते आग लगते कपड़ों को तुरंत काबू कर लिया गया। इसलिए उन रोडवेज बसों में आग नहीं लग सकी।
हालांकि तोड़फोड़ काफी की गई। लेकिन पुलिस को देखकर उपद्रव मचा रहे कुछ लोग भागने लगे। वहीं यात्रियों ने एमजीएम कालेज में घुसकर अपनी जान बचाई। यात्रियों में भय दिखाई दिया।
हिंदूपुराखेड़ा में भी हुआ पथराव
जिस वक्त पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी काफिले के साथ चौधरीसराय से हसनपुर रोड की ओर बढ़े उस वक्त भीड़ ने हिंदूपुरा खेड़ा में पथराव किया। लेकिन जब पुलिस बल मौके पर बढ़ गया तो पथराव करने वाले आसपास की गली मोहल्लों में भाग गए।
मीडियाकर्मियों पर भी फेंके गए पत्थर
संभल। बवाल और प्रदर्शन की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर भी पथराव किया गया। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों और छायाकारों को भी नहीं बख्शा गया। बवाल के दौरान पथराव में इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार मुजम्मिल दानिश के सिर में पत्थर लगा। जबकि छायाकार मोनू के पैर में एक पत्थर लगा। दोनों को चोट आई है।