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बिना अनुमति निकाली जा रही शोभायात्रा रोकी, हंगामा
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बनियाठेर थाना क्षेत्र के कस्बा नरौली में बृहस्पतिवार सुबह वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा को पुलिस ने रोक दिया। अनुमति के बिना शोभायात्रा न निकालने की हिदायत दी। इस पर हंगामा होने लगा।
इसकी जानकारी थाना पुलिस ने आला अधिकारियों को दी। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र, एसडीएम राजपाल सिंह और सीओ दिनेश कुमार मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अलावा पीएसी को बुलाया गया। हंगामा कर रहे लोगों से अधिकारियों ने वार्ता की। जिसमें शोभायात्रा कमेटी के पदाधिकारी व वाल्मीकि समाज के लोगों ने बताया कि 9 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाली जानी थी लेकिन बरसात के चलते शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी। बनियाठेर थाना प्रभारी को पत्र देकर अवगत कराया था कि 13 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। उस समय पुलिस ने किसी तरह की आपत्ति नहीं की और बुधवार रात में वाल्मीकि समाज के लोग जो शोभायात्रा निकालते हैं उन्हें पुलिस द्वारा धमकाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बिना अनुमति के कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता। इस शोभायात्रा को निकालने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति ली जाए तभी शोभायात्रा निकालने दी जाएगी। देर शाम तक एहतियाती तौर पर पुलिस तैनात रही और वाल्मीकि समाज ने रोष जताया है। इस दौरान अखंड भारत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र विराट, राजेश गुप्ता, नितिन शर्मा, कमल सैनी, दीपक कश्यप, शेर सिंह, हृदेश कुमार, गंगेश, महेश राघव, अमित चौहान, टिंकू, अंकुल, शोभित, अनुराग, सागर, अमर, शिवा, हरिओम आदि मौजूद रहे।
अनुमति देने के नाम पर गुमराह करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
चंदौसी। वाल्मीकि जयंती कमेटी ने एसडीएम व सीओ को शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें कहा है कि वाल्मीकि जयंती समाज के लोग धूमधाम से मनाते हैं और शोभायात्रा निकालते हैं। जिसमें अन्य समाज के लोग भी शामिल होते हैं। 9 अक्तूबर को बारिश के चलते शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी। बताया कि 11 अक्तूबर को एसडीएम को ज्ञापन दिया था। जिसमें 13 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाने की अनुमति मांगी थी। 12 अक्तूबर को थाना प्रभारी से वार्ता की थी। देर रात पुलिस ने आ कर कमेटी के पदाधिकारियों को शोभायात्रा नहीं निकालने की बात कही। साथ ही धमकाया। जब कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि एसडीएम और सीओ के आदेश पर शोभायात्रा न निकालने का आदेश मिला है। अधिकारियों पर गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है।
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नरौली में वाल्मीकि शोभायात्रा बिना अनुमति के निकाली जा रही थी। जिसे पुलिस-प्रशासन ने जाकर रोक दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने बताया कि पूर्व में शोभायात्रा को लेकर एक ज्ञापन दिया था। जिस पर कार्रवाई नहीं हुई। इस संदर्भ में जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
श्रीशचंद्र, एएसपी, संभल
नरौली में नौ अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा निकलती है। मगर बारिश के कारण शोभायात्रा नहीं निकाली गई। इसके बाद शोभायात्रा की अनुमति जिलाधिकारी द्वारा दी जाती है। शोभायात्रा की अनुमति नहीं थी इसलिए रोका गया है। -राजपाल सिंह, एसडीएम, चंदौसी
वाल्मीकि जयंती कमेटी द्वारा वाल्मीकि शोभायात्रा निकाली जाती है। बुधवार की रात 11 बजे पुलिस ने वाल्मीकि बस्ती पहुंचकर लोगों को धमकाया और शोभायात्रा निकालने पर कार्रवाई की धमकी दी। पुलिस द्वारा समाज के लोगों का मानसिक शोषण किया गया है। शोभायात्रा में करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने गुमराह किया है। कार्रवाई की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की है। -धर्मेंद्र कुमार विराट, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखंड भारत महासंघ
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इसकी जानकारी थाना पुलिस ने आला अधिकारियों को दी। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक श्रीशचंद्र, एसडीएम राजपाल सिंह और सीओ दिनेश कुमार मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अलावा पीएसी को बुलाया गया। हंगामा कर रहे लोगों से अधिकारियों ने वार्ता की। जिसमें शोभायात्रा कमेटी के पदाधिकारी व वाल्मीकि समाज के लोगों ने बताया कि 9 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाली जानी थी लेकिन बरसात के चलते शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी। बनियाठेर थाना प्रभारी को पत्र देकर अवगत कराया था कि 13 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। उस समय पुलिस ने किसी तरह की आपत्ति नहीं की और बुधवार रात में वाल्मीकि समाज के लोग जो शोभायात्रा निकालते हैं उन्हें पुलिस द्वारा धमकाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बिना अनुमति के कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता। इस शोभायात्रा को निकालने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति ली जाए तभी शोभायात्रा निकालने दी जाएगी। देर शाम तक एहतियाती तौर पर पुलिस तैनात रही और वाल्मीकि समाज ने रोष जताया है। इस दौरान अखंड भारत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र विराट, राजेश गुप्ता, नितिन शर्मा, कमल सैनी, दीपक कश्यप, शेर सिंह, हृदेश कुमार, गंगेश, महेश राघव, अमित चौहान, टिंकू, अंकुल, शोभित, अनुराग, सागर, अमर, शिवा, हरिओम आदि मौजूद रहे।
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अनुमति देने के नाम पर गुमराह करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
चंदौसी। वाल्मीकि जयंती कमेटी ने एसडीएम व सीओ को शिकायती पत्र सौंपा है। इसमें कहा है कि वाल्मीकि जयंती समाज के लोग धूमधाम से मनाते हैं और शोभायात्रा निकालते हैं। जिसमें अन्य समाज के लोग भी शामिल होते हैं। 9 अक्तूबर को बारिश के चलते शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी। बताया कि 11 अक्तूबर को एसडीएम को ज्ञापन दिया था। जिसमें 13 अक्तूबर को शोभायात्रा निकाने की अनुमति मांगी थी। 12 अक्तूबर को थाना प्रभारी से वार्ता की थी। देर रात पुलिस ने आ कर कमेटी के पदाधिकारियों को शोभायात्रा नहीं निकालने की बात कही। साथ ही धमकाया। जब कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि एसडीएम और सीओ के आदेश पर शोभायात्रा न निकालने का आदेश मिला है। अधिकारियों पर गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है।
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नरौली में वाल्मीकि शोभायात्रा बिना अनुमति के निकाली जा रही थी। जिसे पुलिस-प्रशासन ने जाकर रोक दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने बताया कि पूर्व में शोभायात्रा को लेकर एक ज्ञापन दिया था। जिस पर कार्रवाई नहीं हुई। इस संदर्भ में जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
श्रीशचंद्र, एएसपी, संभल
नरौली में नौ अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा निकलती है। मगर बारिश के कारण शोभायात्रा नहीं निकाली गई। इसके बाद शोभायात्रा की अनुमति जिलाधिकारी द्वारा दी जाती है। शोभायात्रा की अनुमति नहीं थी इसलिए रोका गया है। -राजपाल सिंह, एसडीएम, चंदौसी
वाल्मीकि जयंती कमेटी द्वारा वाल्मीकि शोभायात्रा निकाली जाती है। बुधवार की रात 11 बजे पुलिस ने वाल्मीकि बस्ती पहुंचकर लोगों को धमकाया और शोभायात्रा निकालने पर कार्रवाई की धमकी दी। पुलिस द्वारा समाज के लोगों का मानसिक शोषण किया गया है। शोभायात्रा में करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने गुमराह किया है। कार्रवाई की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की है। -धर्मेंद्र कुमार विराट, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखंड भारत महासंघ