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Sambhal News: निजी चिकित्सकों को टीबी रोगियों की जानकारी साझा करने के निर्देश
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चंदौसी(संभल)। टीबी रोगियों की जानकारी उपलब्ध कराने में निजी चिकित्सक भी सहयोग कर रहे हैं। सरकारी अस्पताल ही नहीं निजी चिकित्सकों के यहां इलाज कराने वाले क्षय रोगियों का डाटा भी स्वास्थ्य विभाग अपने पास रखता है। निजी चिकित्सकों को भी निश्चय पोर्टल पर मरीज की जानकारी साझा करने के निर्देश हैं। ऐसे सभी मरीजों की काउंसलिंग कराने के बाद इनके इलाज की जिम्मेदारी विभाग उठाता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी संतोष गंगवार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग टीबी रोग पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले ही नहीं, बल्कि निजी डॉक्टरों के यहां उपचार ले रहे टीबी मरीजों की जानकारी भी विभाग के पास रहती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट डॉक्टरों को भी निश्चय पोर्टल पर टीबी मरीजों का विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज की जानकारी मिलने के बाद विभाग की ओर से उनकी काउंसलिंग कराई जाती है और फिर इलाज की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग उठाता है।
इसका उद्देश्य यह है कि टीबी रोगियों को समय पर सही उपचार मिले और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता अभियान के तहत घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों की पहचान कर रही है। लक्षण पाए जाने वाले मरीजों का इलाज करवाया जा रहा है। बताया कि टीबी मरीजों की निशुल्क जांच होती है। साथ ही, उन्हें एक हजार रुपये की हर माह पोषण सहायता दी जा रही है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी संतोष गंगवार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग टीबी रोग पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अब केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले ही नहीं, बल्कि निजी डॉक्टरों के यहां उपचार ले रहे टीबी मरीजों की जानकारी भी विभाग के पास रहती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट डॉक्टरों को भी निश्चय पोर्टल पर टीबी मरीजों का विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज की जानकारी मिलने के बाद विभाग की ओर से उनकी काउंसलिंग कराई जाती है और फिर इलाज की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग उठाता है।
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इसका उद्देश्य यह है कि टीबी रोगियों को समय पर सही उपचार मिले और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता अभियान के तहत घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों की पहचान कर रही है। लक्षण पाए जाने वाले मरीजों का इलाज करवाया जा रहा है। बताया कि टीबी मरीजों की निशुल्क जांच होती है। साथ ही, उन्हें एक हजार रुपये की हर माह पोषण सहायता दी जा रही है।
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