{"_id":"68c7203b5047684e420faa2e","slug":"presenting-poems-shed-light-on-the-importance-of-hindi-sambhal-news-c-275-1-sbl1010-126920-2025-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: कविताएं प्रस्तुत कर हिंदी के महत्व पर डाला प्रकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: कविताएं प्रस्तुत कर हिंदी के महत्व पर डाला प्रकाश
विज्ञापन
संभल। अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संगम की ओर से आर्य समाज मंदिर में हिंदी दिवस पर कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। कवि गोष्ठी में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
संस्था अध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा ने सरस्वती वंदना और भारत वंदना प्रस्तुत की। उप मंत्री पूजा शर्मा ने गो सेवा की प्रक्रिया पूर्ण की। पूनम रेनू तिवारी ने कवि गोष्ठी का प्रारंभ करते हुए केसरी मनमोहन गुप्ता को आमंत्रित किया। उन्होंने एक दिन घर में पाते ही एकांत, मैं रटने लगा डार्विन का सिद्धांत रचना प्रस्तुत की। महामंत्री पूनम शुक्ला ने हिंदी महज भाषा नहीं यह हमारी मां है कविता सुनाई।
संस्थापक डॉ. डीएन शर्मा ने आओ मिलकर हिंदी दिवस मनाएं कविता प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि कवि डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने है राष्ट्र बड़ा सारे ही धर्म को छोड़कर, आओ करें प्रणाम सभी हाथ जोड़कर। इतना तो मान रखना मेरे प्रभु मेरा, अंतिम सफर में निकलूं तिरंगे को ओढ़कर सुनाया। अंजलि ने देश हमें देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें, विशाखा दक्ष ने तुम मूरत हो मर्यादा की, फिर भी किस्मत की मारी हो, जहां सीता को सुख मिला नहीं, तुम उस देश की नारी हो कविता सुनाई।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट कपिल वर्मा ने हिंदी भाषाओं की रानी है प्रस्तुत की। श्वेता तिवारी ने हिंदी के उत्थान के लिए इसे दैनिक जीवन में उपयोग पर बल दिया। समारोह अध्यक्ष डॉ. विवेक शर्मा, सुशील कुमार भगतजी, कमलकांत तिवारी, संजय गुप्ता, नवीन कुमार शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, संजय कुमार अग्रवाल, निरमेश शर्मा, विमलेश सैनी, रविकांत शर्मा आदि रहे। अध्यक्षता डॉ. विवेक कुमार शर्मा ने तथा संचालन पूनम रेनू तिवारी ने किया।
विज्ञापन
संस्था अध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी शर्मा ने सरस्वती वंदना और भारत वंदना प्रस्तुत की। उप मंत्री पूजा शर्मा ने गो सेवा की प्रक्रिया पूर्ण की। पूनम रेनू तिवारी ने कवि गोष्ठी का प्रारंभ करते हुए केसरी मनमोहन गुप्ता को आमंत्रित किया। उन्होंने एक दिन घर में पाते ही एकांत, मैं रटने लगा डार्विन का सिद्धांत रचना प्रस्तुत की। महामंत्री पूनम शुक्ला ने हिंदी महज भाषा नहीं यह हमारी मां है कविता सुनाई।
विज्ञापन
संस्थापक डॉ. डीएन शर्मा ने आओ मिलकर हिंदी दिवस मनाएं कविता प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि कवि डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने है राष्ट्र बड़ा सारे ही धर्म को छोड़कर, आओ करें प्रणाम सभी हाथ जोड़कर। इतना तो मान रखना मेरे प्रभु मेरा, अंतिम सफर में निकलूं तिरंगे को ओढ़कर सुनाया। अंजलि ने देश हमें देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें, विशाखा दक्ष ने तुम मूरत हो मर्यादा की, फिर भी किस्मत की मारी हो, जहां सीता को सुख मिला नहीं, तुम उस देश की नारी हो कविता सुनाई।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट कपिल वर्मा ने हिंदी भाषाओं की रानी है प्रस्तुत की। श्वेता तिवारी ने हिंदी के उत्थान के लिए इसे दैनिक जीवन में उपयोग पर बल दिया। समारोह अध्यक्ष डॉ. विवेक शर्मा, सुशील कुमार भगतजी, कमलकांत तिवारी, संजय गुप्ता, नवीन कुमार शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, संजय कुमार अग्रवाल, निरमेश शर्मा, विमलेश सैनी, रविकांत शर्मा आदि रहे। अध्यक्षता डॉ. विवेक कुमार शर्मा ने तथा संचालन पूनम रेनू तिवारी ने किया।