फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   potatos thrown on highway side

ये बेकद्री: सब्जियों के राजा आलू का बजा बाजा

Wed, 27 Dec 2017 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Wed, 27 Dec 2017 01:59 AM IST
विज्ञापन
potatos thrown on highway side
अालू - फोटो : अमर उजाला
सब्जियों के राजा माने जाने वाले आलू किसानों को रुला रहा है। इस सीजन में आलू के दाम में आई गिरावट के चलते आलू की बेकद्री हो रही है। अच्छे फसल मूल्य की उम्मीद से शीतगृहों में जमा किया गया दाम न बढ़ने से सड़क किनारे फेंका जा रहा है। किसानों ने कोल्ड स्टोरों द्वारा अधिक किराया लेने की बात कहते हुए आलू को नहीं उठाया तो वही आलू अब सड़कों के किनारे फेंक दिया। इस हालात में पर्यावरण को खतरा पैदा हो रहा है। बीमारी फैलने का अंदेशा बढ़ा है।
विज्ञापन



मौसम की मार झेले किसानों ने इस बार आलू से उम्मीद जताई थी। खेतों से खुदाई के बाद आलू को कोल्ड स्टोरों में रखवाना शुरू किया। उन्हें यकीन था कि आलू का भाव अच्छा रहेगा तो मुनाफा होगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। कोल्ड स्टोर 50 किलो के आलू के कट्टे पर किराया लेने लगे तो किसानों ने उसे ज्यादा बताया। उनका कहना था कि बाजार में 150 रुपये तक का कट्टा बिक रहा है। जबकि कोल्ड स्टोर प्रति कट्टे पर 140 से 150 रुपये तक का किराया ले रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली ने इसके लिए आवाज उठाई थी।
विज्ञापन


प्रशासनिक व विभाग के अफसरों से साथ बैठकें हुईं थीं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस बीच तमाम किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोरों में ही छोड़ दिया। हालांकि जिला उद्यान विभाग द्वारा आलू को सार्वजनिक स्थान पर नहीं फेंकने को कहा गया था। लेकिन संभल में नजारे कुछ और ही बयां कर रहे हैं। आलू को सड़क किनारे ही फेंका जा रहा है। संभल-आदमपुर मार्ग पर सड़क किनारे पड़ा आलू सड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले में आठ हजार हेक्टेयर में हुई आलू की खेती
संभल। संभल जिले में इस बार 8 हजार हेक्टेयर जमीन में आलू की खेती हुई है। यह आंकड़ा उद्यान विभाग का है। बताया गया है कि पिछले साल कुछ ज्यादा जमीन पर खेती हुई थी। चूंकि इस बार आलू का रेट कम रहा है। इसकी वजह से आलू कोल्ड स्टोरों में ही रह गया।

आगामी सीजन में किसानों को आलू के अच्छे दाम की उम्मीद
संभल। इस सीजन में भले ही किसानों के लिए आलू की खेती घाटे का सौदा साबित हुई है। लेकिन आगामी सीजन से किसानों को बड़ी उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अगर अबकी बार दाम अच्छा रहा तो राहत मिल सकेगी। इस उम्मीद में कुछ किसानों ने फिर से खेत में आलू लगाने शुरू कर दिए हैं।


किसानों के साथ हुई नाइंसाफी
संभल। भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों के साथ आलू को लेकर नाइंसाफी हुई है। किसानों ने देखा कि जितने रुपये का कट्टा बिकेगा उतना किराया ही कोल्ड स्टोर ले रहे हैं तो उन्होंने आलू को छोड़ दिया। जिसकी वजह से आज ऐसे हालात बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आलू किसानों को तभी राहत मिलेगी जब भाव अच्छा आएगा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed