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शीतगृहों से आलू की निकासी तेज होने से भाव गिरे
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:41 AM IST
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संभल के मंडी समिति में आढती की दुकान के बाहर रखीं आलू की बोरियां।
- फोटो : amar ujala
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संभल/सरायतरीन। हिमाचल प्रदेश के उना क्षेत्र का नया आलू दिल्ली मंडी में दस्तक दे चुका है। नया आलू बाजार में आने से संभल के आलू का भाव धड़ाम हो गया है। पंद्रह दिन के भीतर आलू के भाव में 200-400 रुपये प्रति क्विंटल की मंदी आई है।
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बाजार भाव दिन प्रतिदिन टूटा है। पुखराज आलू 800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है जबकि इसका भाव सात दिन पहले एक हजार रुपये प्रति क्विंटल था। चिप्सोना 1000-1100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। यह आलू दस दिन पहले 1200-1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था। आलू की 3797 प्रजाति का भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। जबकि यह आलू 1100-1200 रुपये प्रति क्विंटल बिक चुका है। आलू कारोबारियों और किसानों ने बताया कि 30 नवंबर से 15 दिसंबर तक संभल क्षेत्र का नया कच्चा आलू भी बाजार में आ जाएगा।
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अगर हिमाचल के आलू की मंडी में आवक बरकरार रही और संभल तथा आगरा से नए आलू की आवक दिल्ली मंडी में बढ़ी तो बाजार भाव और टूट सकते हैं लेकिन असली बात मांग और पूर्ति के सिद्धांत से तय होगी।
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फिलहाल मंदी का माहौल है। इस समय कोल्ड स्टोेेरेज में रखा आलू तेजी से मंडी में आ रहा है। पुराने आलू की निकासी और नए आलू की आवक ने बाजार भाव को गिरा दिया है। संभल व चंदौसी से एक दिन में करीब 200 गाड़ी आलू दिल्ली मंडी के लिए जा रहा है।
भाव कम होने से किसान चिंतित
संभल। अचानक आलू तेजी से मंदी की ओर चला गया। किसान उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें फरवरी तक तेजी का लाभ मिलेगा पर ऐसा न हो सका। नवंबर में ही आलू मंदी का शिकार होने लगा। एक महीने में 600 रुपये क्विंटल की गिरावट दर्ज होने से किसान चिंता में हैं। सदीरनपुर के किसान बाबू का कहना है कि अब तो आलू बेचने की जल्दी है। क्योंकि आलू खराब होने का भी खतरा है। वैसे फिलहाल की स्थिति है यह है कि आलू का भाव हाथ नहीं आ रहा है। क्योंकि जितना भाव सोच कर जाते हैं. अगले दिन आलू उससे मंदा हो जाता है। संभल का शुमार उन जनपदों में होता है, जिन जनपदों में आलू बड़ी मात्रा में होता है। आलू की सरकारी खरीद के लिए यहां पर क्रय केंद्र अभी मंजूर नहीं है। अगर किसानों को खुले बाजार में आलू का भाव उचित नहीं मिला तो आलू की सरकारी खरीद के लिए मांग उठेगी। किसानों के बीच यह मुद्दा बनेगा। जिला उद्यान अधिकारी नेपाल राम का कहना था कि फिलहाल जो आलू आ रहा है वह कच्चा है और नया है।