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Sambhal News: डाक सहायक ने ग्राहकों के खातों से निकाले करोड़ों रुपये, अब पीड़ित परेशान
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संभल। बहजोई डाकघर के डाक सहायक दीपक कुमार ने डाकघर में जमा ग्राहकाें के रुपये की धोखाधड़ी की है। यह मामला अब उजागर होने लगा है। कई पीड़ित पुलिस तक पहुंच चुके हैं। पुलिस अपनी जांच में इन सभी पीड़ितों को शामिल कर रही है। पुलिस के अनुसार यह मामला करोड़ों तक पहुंच सकता है।
बहजोई थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि बहजोई के मोहल्ला नारायण टोला निवासी राजीव कुमार को तो डाक सहायक ने फर्जी किताब ही छपवाकर दे दी। इसका खुलासा भी अब हुआ है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने दो वर्ष पहले डाकघर की एमआईएस में दो-दो लाख रुपये के दो खाते खुलवाए थे। अब एक खाते में रुपये हैं और दूसरे में नहीं है। जांच में पता चला है कि किताब हमें फर्जी छपवाकर दी गई थी। अब आशंका है कि इस धोखाधड़ी का शिकार डाकघर के सैकड़ों ग्राहक हो सकते हैं। क्योंकि स्कीम को डाक सहायक ही देखता था और लोग जमा करने रोज आते थे।
22 मई को बहजोई थाने में तैनात महिला दरोगा अपर्णा बंसल ने डाक सहायक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कराया था। इसमें दरोगा ने बताया था कि वित्त मंत्रालय ने संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें डाक सहायक के खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का हवाला दिया गया था। जांच करने पर सामने आया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में एक जनवरी 2026 से 06 मार्च 2026 के बीच कुल 4 करोड़ 52 लाख 97 हजार 803 रुपये जमा हुए। इसी अवधि में 4 करोड़ 52 लाख 95 हजार 715 रुपये निकाले भी गए।
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पुलिस ने डाक सहायक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह सेलरी खाते में मित्रों और परिजनों से नकद रुपये जमा कर पंजाब नेशनल बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करता था। इन रुपयों को वह ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग एप ड्रीम 11 में लगाता था, जो सितंबर-अक्टूबर 2025 से बंद है। लेकिन यह धनराशि किन लोगों ने दी और इनका स्रोत क्या है। यह भी कोई जानकारी वह दे नहीं पाया था। पुलिस ने अभी डाक सहायक को गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन उसके खिलाफ सारे सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
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सेलरी खाते में भी अवैध लेनदेन, पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही
बहजोई थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि डाक सहायक के सेलरी खाते में भी संदिग्ध लेनदेन मिला है। सेलरी खाते का विवरण 02 अप्रैल 2019 से 18 मार्च 2026 तक चेक किया गया है। इस दौरान उसने नकद और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से लगभग 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये जमा किए। उसकी सैलरी 02 अप्रैल 2019 को 36,948 रुपये थी, जो 02 अप्रैल 2026 को 42,478 रुपये हुई। वेतन के अतिरिक्त इतनी बड़ी धनराशि के स्रोत की जानकारी वह नहीं दे पाया है।
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2011 में भर्ती हुआ था डाक सहायक
पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। डाक सहायक वर्ष 2011 में डाक विभाग में डाक सहायक के पद पर भर्ती हुआ था। 14 मार्च 2026 से संभल मुख्य डाकघर में डाक सहायक के पद पर कार्यरत हैं। स्टाफ के लोगों ने बताया कि वह जितनी सेलरी पाता है। उससे कई गुना ज्यादा खर्च करता है। इससे ही सभी को शक था लेकिन अब धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। विभाग भी इस मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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सट्टेबाजी में लुटा दी लोगों की मेहनत की कमाई
डाक सहायक ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसकर ग्राहकों की मेहनत की कमाई लुटा दी। यह राज तो वित्त मंत्रालय की निगरानी के दौरान लेनदेन सामने आने पर खुल गया। यदि ऐसे ही चलता रहता तो न जाने कितने और लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हो जाते। पीड़ित राजीव का कहना है कि उनको जो डाकघर की पासबुक दी गई है वह फर्जी छपवाकर दी है और उसमें एंट्री असली की तरह की है लेकिन खाते में रुपये नहीं है। अब हमारी मेहनत की कमाई वापस कहां से मिलेगी।
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बहजोई थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि बहजोई के मोहल्ला नारायण टोला निवासी राजीव कुमार को तो डाक सहायक ने फर्जी किताब ही छपवाकर दे दी। इसका खुलासा भी अब हुआ है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने दो वर्ष पहले डाकघर की एमआईएस में दो-दो लाख रुपये के दो खाते खुलवाए थे। अब एक खाते में रुपये हैं और दूसरे में नहीं है। जांच में पता चला है कि किताब हमें फर्जी छपवाकर दी गई थी। अब आशंका है कि इस धोखाधड़ी का शिकार डाकघर के सैकड़ों ग्राहक हो सकते हैं। क्योंकि स्कीम को डाक सहायक ही देखता था और लोग जमा करने रोज आते थे।
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22 मई को बहजोई थाने में तैनात महिला दरोगा अपर्णा बंसल ने डाक सहायक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कराया था। इसमें दरोगा ने बताया था कि वित्त मंत्रालय ने संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें डाक सहायक के खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का हवाला दिया गया था। जांच करने पर सामने आया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में एक जनवरी 2026 से 06 मार्च 2026 के बीच कुल 4 करोड़ 52 लाख 97 हजार 803 रुपये जमा हुए। इसी अवधि में 4 करोड़ 52 लाख 95 हजार 715 रुपये निकाले भी गए।
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पुलिस ने डाक सहायक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह सेलरी खाते में मित्रों और परिजनों से नकद रुपये जमा कर पंजाब नेशनल बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करता था। इन रुपयों को वह ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग एप ड्रीम 11 में लगाता था, जो सितंबर-अक्टूबर 2025 से बंद है। लेकिन यह धनराशि किन लोगों ने दी और इनका स्रोत क्या है। यह भी कोई जानकारी वह दे नहीं पाया था। पुलिस ने अभी डाक सहायक को गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन उसके खिलाफ सारे सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
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सेलरी खाते में भी अवैध लेनदेन, पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही
बहजोई थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि डाक सहायक के सेलरी खाते में भी संदिग्ध लेनदेन मिला है। सेलरी खाते का विवरण 02 अप्रैल 2019 से 18 मार्च 2026 तक चेक किया गया है। इस दौरान उसने नकद और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से लगभग 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये जमा किए। उसकी सैलरी 02 अप्रैल 2019 को 36,948 रुपये थी, जो 02 अप्रैल 2026 को 42,478 रुपये हुई। वेतन के अतिरिक्त इतनी बड़ी धनराशि के स्रोत की जानकारी वह नहीं दे पाया है।
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2011 में भर्ती हुआ था डाक सहायक
पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। डाक सहायक वर्ष 2011 में डाक विभाग में डाक सहायक के पद पर भर्ती हुआ था। 14 मार्च 2026 से संभल मुख्य डाकघर में डाक सहायक के पद पर कार्यरत हैं। स्टाफ के लोगों ने बताया कि वह जितनी सेलरी पाता है। उससे कई गुना ज्यादा खर्च करता है। इससे ही सभी को शक था लेकिन अब धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। विभाग भी इस मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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सट्टेबाजी में लुटा दी लोगों की मेहनत की कमाई
डाक सहायक ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसकर ग्राहकों की मेहनत की कमाई लुटा दी। यह राज तो वित्त मंत्रालय की निगरानी के दौरान लेनदेन सामने आने पर खुल गया। यदि ऐसे ही चलता रहता तो न जाने कितने और लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हो जाते। पीड़ित राजीव का कहना है कि उनको जो डाकघर की पासबुक दी गई है वह फर्जी छपवाकर दी है और उसमें एंट्री असली की तरह की है लेकिन खाते में रुपये नहीं है। अब हमारी मेहनत की कमाई वापस कहां से मिलेगी।