एक था तालाब : हौज भदेसराय तालाब को पाट दिया लोगों ने
शहर के हौज भदेसराय का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। करीब चार सौ बीघे का यह तालाब आबादी से घिरा हुआ था। शहर का गंदा पानी इसी तालाब में इकट्ठा होता था। करीब पांच साल पहले यह तालाब अपने अस्तित्व में था। लोगों ने धीरे-धीरे इस तालाब को मिट्टी से पाटना शुरू किया, आज इस तालाब का अस्तित्व लगभग खत्म सा हो रहा है।
बरसात का पानी भी इस तालाब में जाता था लेकिन अतिक्रमण करने वालों ने पानी का रास्ता ही बंद कर दिया है। जिसका खामियाजा शहर के लोग भुगत रहे हैं। बरसात होने पर शहर का पानी नहीं निकल पाता है। जिससे शहर की सड़के जलमग्न हो जाती हैं।
बताते हैं कि इस तालाब के आसपास खेती भी होती थी। किसान खेतों की सिंचाई भी इसी तालाब के पानी से करते थे। मौजूदा स्थिति में करीब सौ बीघा तालाब ही रह गया है। जिसमें पानी भरा हुआ है। तालाब को चारों दिशाओं से पाटा गया है। इस तालाब की जमीन पर कई मकान बन चुके हैं।
अरविंद तिवारी, तहसीलदार का कहना है हौजभदे सराय में जिस जगह पानी भरा है। वह जमीन सरकारी अभिलेखों में तालाब के नाम से दर्ज नहीं है। इस जमीन में पचास से अधिक लोगों के नाम दर्ज हैं। जमीन पर पहले खेती होती थी।