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अवैध शराब पकड़ने के नाम पर पुलिस निभा रही औपचारिकता

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 12:52 AM IST
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Police is doing formality in the name of catching illegal liquor
चंदौसी। अलीगढ़ में शराबकांड के बाद संभल में सरकारी शराब की दुकानों पर छापा मारा गया लेकिन पुलिस जनपद के गंगा खादर क्षेत्र में कच्ची शराब के गढ़ तक नहीं पहुंच पा रही है। कार्रवाई की मात्र औपचारिकता पूरी कर रही है। गंगा खादर में न तो छापा मारा गया और न ही कोई बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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संभल जनपद में कोतवाली गुन्नौर, थाना रजपुरा के गंगा किनारे के करीब डेढ़ दर्जन गांवों के जंगल में कच्ची शराब बनाने का काम होता है। यह क्षेत्र अमरोहा जनपद से बदायूं जनपद की सीमा तक है। शराब की भट्टी तैयार की जा रही है। जानकारों ने बताया कि गुड़ और खमीरा (यीस्ट) को सड़ाकर शराब बनाई जाती है। शराब को तीव्र (तीखा) बनाने के लिए बाद में यूरिया या थिनर मिलाया जाता है। इसकी तीव्रता की कोई माप नहीं है। यही जानलेवा साबित होती है।
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जिले में भी थिनर से बनी शराब से तीन लोगों की हुई थी मौत
ग्राम प्रधान के चुनाव की तैयारी को लेकर गुन्नौर क्षेत्र के गांव सिमरई में दावेदार ने 13 मार्च 2020 को गांव के लोगों को शराब की दावत दी थी। आरोपी ने थिनर से बनी शराब पिला दी थी। इसमें छह लोगों बीमार हुए थे, इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी। अन्य तीन लोगों की बमुश्किल जान बची थी।
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एक सप्ताह से अधिक का समय लगता है शराब बनाने में
कच्ची शराब बनाने के तरीके अलग -अलग उपयोग में लाते हैं। शराब से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि शराब बनाने वाले पांच किलो गुड़ को 15 लीटर पानी में मिलाया जाता है। उसमें करीब 50 ग्राम खमीरा (यीस्ट), जो भटूरे आदि को फूलाने में सहायक होता है, डालकर घोल तैयार किया जाता है। इसके बाद उसे चार से पांच दिन तक बंद करके सड़ाया जाता है। इस प्रक्रिया में शराब बनाने के लिए लाहन तैयार हो जाता है। उसके बाद इस लाहन को एक ड्रमनुमा बर्तन में भरकर धीमी आग से गर्म किया जाता है। इससे उठने वाली भाप को एक पाइप के सहारे दूसरे बर्तन में एकत्रित किया जाता है। भाप ठंडी होकर ही कच्ची शराब का रूप लेेती है। शराब में तेजी लाने के लिए उसमें थिनर और यूरिया मिलाया जाता है।
इन क्षेत्रों में होता कच्ची शराब का कारोबार
उधरनपुर खागी, परतापुर, सिंघोला चेत सिंह, सिंघोला, दौलत सिंह, सिकंदरपुर उर्फ पितम्बरपुर, चाऊपुर डांडा, शाहजनाबाद, जिजौड़ा डांडा, मई हुसैनपुर खाम, मई हुसैनपुर पुख्ता, सिंघोला पुख्ता, रूखरा, रघुपुर पुख्ता, समसपुर, मेंथरा, दिल्ली सुखैला गांवों के जंगलों में कच्ची शराब बनाने का काम होता है।

कच्ची शराब ले जाते छह पकड़े, बनाने वालों तक नहीं पहुंची पुलिस
चंदौसी। संभल जनपद में पुलिस ने बहजोई थाना क्षेत्र से कच्ची शराब के साथ तीन लोग पकड़े और 30 लीटर कच्ची शराब बरामद की। संभल पुलिस ने एक व्यक्ति को दस लीटर कच्ची शराब के साथ पकड़ा। नखासा पुलिस ने एक व्यक्ति को 15 लीटर कच्ची शराब के साथ पकड़ा। यह प्रमाण है कि जनपद में कच्ची शराब खूब बन रही है, पर पुलिस शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। शराब लेकर आते जाते इक्का दुक्का व्यक्ति को पकड़कर अभियान पूरा कर देती है।
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