{"_id":"6943083c1fc3f2f7af04952a","slug":"pneumonia-and-diarrhea-become-a-problem-for-children-in-winter-sambhal-news-c-275-1-sbl1010-130168-2025-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: सर्दी में निमोनिया और डायरिया बना बच्चों के लिए मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: सर्दी में निमोनिया और डायरिया बना बच्चों के लिए मुसीबत
विज्ञापन
संभल। कड़ी सर्दी में बच्चों को निमोनिया और कोल्ड डायरिया चपेट में ले रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना निमोनिया और डायरिया से पीड़ित बच्चे पहुंचे रहे हैं। डॉक्टर परिजनों को बच्चों को सर्दी से बचाने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी बढ़ रही है, जिसका असर स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। लापरवाही की वजह से बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में डॉ.रामलाल यादव ने बुधवार को भी करीब 80 बच्चों की ओपीडी की। उन्होंने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीड़ित सामने आ रहे हैं। इनमें करीब 40 बच्चे हर एक दिन निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं।
बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में भी परेशानी होती है। वहीं डायरिया के 4 से 5 बच्चे आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को दस्त के साथ बुखार भी हो रहा है। इन बच्चों की आयु 10 वर्ष से ज्यादा है। वहीं निमोनिया 10 वर्ष आयु से कम के बच्चों को चपेट में ले रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय जितना हो सके बच्चों को सर्दी से बचाया जाए। छोटे बच्चों को दस्ताने और मौजे पहनाने का काम करें। सिर पर टोपी जरूर लगाएं। सर्दी वाले स्थानों पर बच्चों को न ले जाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्दी बढ़ रही है, जिसका असर स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। लापरवाही की वजह से बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में डॉ.रामलाल यादव ने बुधवार को भी करीब 80 बच्चों की ओपीडी की। उन्होंने बताया कि इस समय ज्यादातर बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीड़ित सामने आ रहे हैं। इनमें करीब 40 बच्चे हर एक दिन निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं।
विज्ञापन
बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में भी परेशानी होती है। वहीं डायरिया के 4 से 5 बच्चे आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को दस्त के साथ बुखार भी हो रहा है। इन बच्चों की आयु 10 वर्ष से ज्यादा है। वहीं निमोनिया 10 वर्ष आयु से कम के बच्चों को चपेट में ले रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय जितना हो सके बच्चों को सर्दी से बचाया जाए। छोटे बच्चों को दस्ताने और मौजे पहनाने का काम करें। सिर पर टोपी जरूर लगाएं। सर्दी वाले स्थानों पर बच्चों को न ले जाया जाए।
विज्ञापन