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गुस्साए लोगों ने घेरा थाना, जाम लगाया
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 24 Sep 2016 02:06 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस कस्टडी में रिटायर्ड दरोगा के बेटे की मौत की खबर मिलने पर परिजन और रिश्तेदार थाने पर जुट गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी।
उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम से शव वापस थाने लाया जाए। उन्होंने सीओ, एसओ और बीस पुलिस वालों पर हत्या का केस दर्ज कराने की मांग की। देर रात तक थाने पर हंगामा चल रहा था।
सबलू उर्फ रफीकुल के रिश्तेदार सिरसी गांव में रहते हैं। रिश्तेदारों को शुक्रवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे पता चला कि गढ़ी थान में शबलू की मौत हो गई है। शबलू के मामा और ममेरी बहनाें समेत अनेक रिश्तेदार थाना हजरतनगर गढ़ी पहुंच गए। रिश्तेदाराें ने थाना गढ़ी में पहुंचते ही पुलिस के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया और तरह तरह के आरोप लगाने लगे।
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शोर और हंगामा सुनकर एसएसपी और सीओ संभल ने आक्रोशित रिश्तेदाराें को समझा बुझाकर शांत करने की कोशिश की। रिश्तेदाराें और परिजनों ने आरोप लगाया कि शबलू उर्फ रफीकुल के खिलाफ थाना गढ़ी में किसी प्रकार का कोई मुकदमा दर्ज नहीं था और न ही थाना गढ़ी से संबंधित किसी मुकदमे में वांछित था। फिर गढ़ी पुलिस उसे किस मुकदमे के लिए पूछताछ को लेकर आई थी।
रिश्तेदाराें ने यह भी आरोप लगाया कि गढ़ी पुलिस कर्मी जब शबलू को उसके मामा के घर से लेकर आए थे तब छोड़ने के बदले मोटी रकम की मांग की और जब शुक्रवार की सुबह कुछ रिश्तेदार जानकारी लेने के लिए थाना गढ़ी पहुंचे तब भी पुलिस ने छोड़ने की एवज में मोटी रकम लेने की मांग की।
रिश्तेदाराें का यह भी आरोप था कि पुलिस ने न तो उन्हें शबलू की तबीयत खराब होने की कोई सूचना दी और न ही शबलू की मौत हो जाने की जानकारी बताई। रिश्तेदार सीधे तौर पर आरोप लगा रहे थे कि पुलिस पिटाई से पुलिस अभिरक्षा में सबलू की मौत हुई है।
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उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम से शव वापस थाने लाया जाए। उन्होंने सीओ, एसओ और बीस पुलिस वालों पर हत्या का केस दर्ज कराने की मांग की। देर रात तक थाने पर हंगामा चल रहा था।
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सबलू उर्फ रफीकुल के रिश्तेदार सिरसी गांव में रहते हैं। रिश्तेदारों को शुक्रवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे पता चला कि गढ़ी थान में शबलू की मौत हो गई है। शबलू के मामा और ममेरी बहनाें समेत अनेक रिश्तेदार थाना हजरतनगर गढ़ी पहुंच गए। रिश्तेदाराें ने थाना गढ़ी में पहुंचते ही पुलिस के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया और तरह तरह के आरोप लगाने लगे।
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शोर और हंगामा सुनकर एसएसपी और सीओ संभल ने आक्रोशित रिश्तेदाराें को समझा बुझाकर शांत करने की कोशिश की। रिश्तेदाराें और परिजनों ने आरोप लगाया कि शबलू उर्फ रफीकुल के खिलाफ थाना गढ़ी में किसी प्रकार का कोई मुकदमा दर्ज नहीं था और न ही थाना गढ़ी से संबंधित किसी मुकदमे में वांछित था। फिर गढ़ी पुलिस उसे किस मुकदमे के लिए पूछताछ को लेकर आई थी।
रिश्तेदाराें ने यह भी आरोप लगाया कि गढ़ी पुलिस कर्मी जब शबलू को उसके मामा के घर से लेकर आए थे तब छोड़ने के बदले मोटी रकम की मांग की और जब शुक्रवार की सुबह कुछ रिश्तेदार जानकारी लेने के लिए थाना गढ़ी पहुंचे तब भी पुलिस ने छोड़ने की एवज में मोटी रकम लेने की मांग की।
रिश्तेदाराें का यह भी आरोप था कि पुलिस ने न तो उन्हें शबलू की तबीयत खराब होने की कोई सूचना दी और न ही शबलू की मौत हो जाने की जानकारी बताई। रिश्तेदार सीधे तौर पर आरोप लगा रहे थे कि पुलिस पिटाई से पुलिस अभिरक्षा में सबलू की मौत हुई है।