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Sambhal News: पहचान छिपाकर जिले से बाहर उपचार करा रहे बवाल में घायल लोग
Mon, 02 Dec 2024 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 02 Dec 2024 02:06 AM IST
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संभल। 24 नवंबर को बवाल में घायल हुए उपद्रवी पहचान छिपाकर जिले से बाहर उपचार करा रहे हैं। पथराव के दाैरान घायल होने पर जिन लोगों का पुलिस ने पकड़ा था, उनका उपचार पुलिस करा रही है। जबकि जो भाग गए, वह छिपकर उपचार करा रहे हैं।
संभल में 24 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे बवाल शुरू हुआ था। जब कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचे थे। इस दौरान हाफिजो वाली मस्जिद और मोहल्ला नाला की ओर से भीड़ एकत्र हुई थी। जो बाद में डाकखाने की ओर भी पहुंच गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसमें पुलिस की ओर से भी आंसू गैस के गोले और रबड़ बुलेट से उपद्रवियों केा खदेड़ा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। लाठी चार्ज के दौरान भी चोट लगी थी। जो मौके से घायलावस्था में भागे वह दूसरे जिले या दिल्ली में उपचार करा रहे हैं। वह घायल पुलिस के सामने आना नहीं चाहते हैं। ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें घायल जाते हुए दिख रहे हैं। इन घायलों की जानकारी सरकारी अस्पताल में दर्ज नहीं है। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक मात्र दो ही लोग भीड़ के घायल हुए हैं। जबकि 19 पुलिसकर्मियों के चोटिल होने का रिकॉर्ड दर्ज है। जाहिर है कि जो घायल हुए वह अस्पताल नहीं पहुंचे और उन्होंने अपने अपने स्तर से छिपकर उपचार कराया है।
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संभल में 24 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे बवाल शुरू हुआ था। जब कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचे थे। इस दौरान हाफिजो वाली मस्जिद और मोहल्ला नाला की ओर से भीड़ एकत्र हुई थी। जो बाद में डाकखाने की ओर भी पहुंच गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसमें पुलिस की ओर से भी आंसू गैस के गोले और रबड़ बुलेट से उपद्रवियों केा खदेड़ा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। लाठी चार्ज के दौरान भी चोट लगी थी। जो मौके से घायलावस्था में भागे वह दूसरे जिले या दिल्ली में उपचार करा रहे हैं। वह घायल पुलिस के सामने आना नहीं चाहते हैं। ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें घायल जाते हुए दिख रहे हैं। इन घायलों की जानकारी सरकारी अस्पताल में दर्ज नहीं है। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक मात्र दो ही लोग भीड़ के घायल हुए हैं। जबकि 19 पुलिसकर्मियों के चोटिल होने का रिकॉर्ड दर्ज है। जाहिर है कि जो घायल हुए वह अस्पताल नहीं पहुंचे और उन्होंने अपने अपने स्तर से छिपकर उपचार कराया है।
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