{"_id":"651c6ca7bedabb92be0659c4","slug":"paddy-procurement-preparations-complete-on-paper-incomplete-on-the-spot-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-3550-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद: तैयारियां कागजों में पूरी, मौके पर अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद: तैयारियां कागजों में पूरी, मौके पर अधूरी
विज्ञापन
संभल। मंडी समिति संभल में धान की सरकारी खरीद के लिए चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं। खरीद के पहले दिन ही व्यवस्था धड़ाम हो गई। जहां केंद्र बनाए गए हैं वहां धान की खरीद करने के बाद रखने की जगह नहीं है। कारण है कि सरकारी क्रय केंद्र तो मंगलवार से बनाए गए हैं। जबकि मंडी के आढ़ती पिछले 15 दिन से धान की खरीद कर रहे हैं। आढ़तियों ने पूरी मंडी में अपना धान लगाया हुआ है। जहां सरकारी धान लगाया जाना है। वहां भी उनका ही कब्जा है। जिम्मेदार ऐसे में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
अब सवाल उठता है कि धान की खरीद की कैसे जाएगी। संभल जिले में धान की सरकारी खरीद के लिए कुल 52 क्रय केंद्र स्थापित कराएं हैं। मंगलवार को सभी केंद्र लगाए गए हैं लेकिन खरीद कहीं हुई और कहीं नहीं। संभल मंडी समिति में आरएफसी, एफसीआई, पीसीयू और पीसीएफ ने एक-एक क्रय केंद्र खोला है। जिले को खरीद का लक्ष्य 75 हजार मीट्रिक टन तय किया गया है। मंगलवार को जिस तरह की व्यवस्था नजर आई है। उससे नहीं लगता कि धान की खरीद लक्ष्य के नजदीक भी पहुंच सकेगी।
मंडी के कर्मचारियों का कहना है कि आढ़तियों से जगह खाली कराई जाएगी।ड ए में 6444, 2626, इंद्रासन, एचआर 71, पीआर 14 शामिल है। अब तक 1980 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इस बार भुगतान 48 घंटे में हो जाएगा। जबकि पिछले वर्ष तक 72 घंटे में होता था। किसानों को कितना लाभ मिलता है। इसकी जानकारी तो किसान धान बेचने के बाद ही दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब सवाल उठता है कि धान की खरीद की कैसे जाएगी। संभल जिले में धान की सरकारी खरीद के लिए कुल 52 क्रय केंद्र स्थापित कराएं हैं। मंगलवार को सभी केंद्र लगाए गए हैं लेकिन खरीद कहीं हुई और कहीं नहीं। संभल मंडी समिति में आरएफसी, एफसीआई, पीसीयू और पीसीएफ ने एक-एक क्रय केंद्र खोला है। जिले को खरीद का लक्ष्य 75 हजार मीट्रिक टन तय किया गया है। मंगलवार को जिस तरह की व्यवस्था नजर आई है। उससे नहीं लगता कि धान की खरीद लक्ष्य के नजदीक भी पहुंच सकेगी।
विज्ञापन
मंडी के कर्मचारियों का कहना है कि आढ़तियों से जगह खाली कराई जाएगी।ड ए में 6444, 2626, इंद्रासन, एचआर 71, पीआर 14 शामिल है। अब तक 1980 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इस बार भुगतान 48 घंटे में हो जाएगा। जबकि पिछले वर्ष तक 72 घंटे में होता था। किसानों को कितना लाभ मिलता है। इसकी जानकारी तो किसान धान बेचने के बाद ही दे सकते हैं।
विज्ञापन