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जिले में 22 फीसदी को ही लगी दूसरी डोज
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संभल। जिले में कोरोना से बचाव का टीकाकरण चल रहा है। शासन द्वारा तय लक्ष्य के सापेक्ष 55 फीसदी लोगों को ही कोरोना से बचाव की पहली डोज लग चुकी है। जबकि दूसरी डोज वाले 22 फीसदी ही लोग हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि दूसरी डोज लगवाने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। जबकि पहली डोज ले चुके लोगों को कंट्रोल रूप से लगातार सूचना भेजी जा रही है।
जिले में 18 वर्ष से ज्यादा आयु के 15,53,006 लोग हैं। शासन ने इस आयु के सभी लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी क्रम में 16 जनवरी से 21 अक्तूबर तक 8,54,004 लोगों को पहली डोज लग चुकी है। जबकि दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों की संख्या 1,89,913 है। जबकि अब तक दूसरी डोज लगवाने वाले 80 फीसदी लोग होने चाहिए थे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामजी लाल के अनुसार पहली डोज लगवा चुके लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए सूचना दी जा रही है इसके बाद भी लोग नहीं आ रहे हैं। इसलिए दूसरी डोज लेने वालों की संख्या कम है। बताया कि शासन से मिले लक्ष्य को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग लगा है। टीकाकरण तेजी से किया जाए इसके लिए 267 टीमें लगाई हैं जो कस्बे से लेकर गांव तक टीकाकरण करने का काम कर रही हैं।
दूसरी डोज न लेने वालों का कोरोना से बचाव संभव नहीं
संभल। कोरोना से बचाव की पहली डोज लगवाने वाले लोगों की संख्या भले आठ लाख पार हो गई, लेकिन दूसरी डोज लगवाने से लोग बच रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि जिन्हें पहली डोज लगवा ली है। उन्हें जरूर दूसरी डोज लेनी चाहिए। यदि दूसरी डोज नहीं लगी तो कोरोना से बचाव पूरी तरह नहीं हो पाएगा। लोगों को चाहिए कि वह दूसरी डोज जरूर लगवाएं। जिससे उनका पूरी तरह बचाव हो सके। संवाद
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जिले में 18 वर्ष से ज्यादा आयु के 15,53,006 लोग हैं। शासन ने इस आयु के सभी लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी क्रम में 16 जनवरी से 21 अक्तूबर तक 8,54,004 लोगों को पहली डोज लग चुकी है। जबकि दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों की संख्या 1,89,913 है। जबकि अब तक दूसरी डोज लगवाने वाले 80 फीसदी लोग होने चाहिए थे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामजी लाल के अनुसार पहली डोज लगवा चुके लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए सूचना दी जा रही है इसके बाद भी लोग नहीं आ रहे हैं। इसलिए दूसरी डोज लेने वालों की संख्या कम है। बताया कि शासन से मिले लक्ष्य को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग लगा है। टीकाकरण तेजी से किया जाए इसके लिए 267 टीमें लगाई हैं जो कस्बे से लेकर गांव तक टीकाकरण करने का काम कर रही हैं।
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दूसरी डोज न लेने वालों का कोरोना से बचाव संभव नहीं
संभल। कोरोना से बचाव की पहली डोज लगवाने वाले लोगों की संख्या भले आठ लाख पार हो गई, लेकिन दूसरी डोज लगवाने से लोग बच रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि जिन्हें पहली डोज लगवा ली है। उन्हें जरूर दूसरी डोज लेनी चाहिए। यदि दूसरी डोज नहीं लगी तो कोरोना से बचाव पूरी तरह नहीं हो पाएगा। लोगों को चाहिए कि वह दूसरी डोज जरूर लगवाएं। जिससे उनका पूरी तरह बचाव हो सके। संवाद
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