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Sambhal News: अब नहीं छूटेगी पढ़ाई, हर बच्चे पर ऑनलाइन रहेगी नजर
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चंदौसी। अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों पर खास नजर रखी जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से एक ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने की तैयारी है, जिसमें हर छात्र की हाजिरी रिकॉर्ड होगी। ऐसे बच्चों को जल्दी चिह्नितकर उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ा जा सके, ताकि उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे।
जिले में कुल 1289 बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय है। जिनमें करीब डेढ़ लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन सभी बच्चों को यू-डायस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जहां हर छात्र का पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसमें नामांकन से लेकर रोज की उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति तक की जानकारी उपलब्ध रहेगी। नई व्यवस्था में शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो शिक्षक को उसका कारण यू डायस पोर्टल पर दर्ज करना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें बच्चे के घर जाकर अभिभावकों से बात करनी होगी और उसे फिर से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना होगा। इस सिस्टम के तहत हर छात्र की दैनिक उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, जिससे निगरानी और आसान हो जाएगी।
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बीईओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर नियमित नजर रखी जा सकेगी। यदि कोई छात्र लगातार अनुपस्थित रहता है, तो अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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जिले में कुल 1289 बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय है। जिनमें करीब डेढ़ लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। इन सभी बच्चों को यू-डायस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जहां हर छात्र का पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसमें नामांकन से लेकर रोज की उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति तक की जानकारी उपलब्ध रहेगी। नई व्यवस्था में शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
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अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो शिक्षक को उसका कारण यू डायस पोर्टल पर दर्ज करना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें बच्चे के घर जाकर अभिभावकों से बात करनी होगी और उसे फिर से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना होगा। इस सिस्टम के तहत हर छात्र की दैनिक उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, जिससे निगरानी और आसान हो जाएगी।
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बीईओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर नियमित नजर रखी जा सकेगी। यदि कोई छात्र लगातार अनुपस्थित रहता है, तो अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।