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Sambhal News: सड़क न पानी... अंतिम संस्कार में भी झेलनी पड़ती है परेशानी
Sun, 30 Aug 2026 12:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:39 AM IST
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चंदौसी। ब्लॉक बनियाखेड़ा की ग्राम पंचायत भगतपुर के मजरा पहली में ग्रामीण छह साल से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं। गांव की सड़कें जर्जर हैं और कीचड़ से भरी हैं। श्मशान भूमि में एक शेड तक नहीं है। इससे बारिश के दौरान अंतिम संस्कार में परेशानी झेलनी पड़ती है।
गांव में न तो सड़कें बनी हैं और न ही पाइपलाइन बिछाने के बाद घरों तक पानी पहुंचा है। जंगल में बने श्मशान घाट तक जाने का रास्ता भी कीचड़ भरा है। श्मशान भूमि में एक ईंट तक नहीं लगी है। बारिश के दौरान अंतिम संस्कार करने में ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। कीचड़ भरे रास्ते पर फिसलने का खतरा बना रहता है।
गांव की आबादी करीब 4000 है और यहां 1000 मतदाता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान अन्य गांवों में विकास कार्य कराते हैं। लेकिन पहली गांव के साथ भेदभाव किया जा रहा है। छह साल से गांव में कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। पानी की पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए। लिहाजा आज तक घरों में पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।
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जर्जर रास्ते रोज लेते हैं परीक्षा
गांव के मुख्य मार्ग और स्कूल मार्ग की हालत बेहद खराब है। श्मशान घाट और गुलड़िया गांव की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग भी जर्जर है। करीब 200 मीटर मार्ग पर एक फीट तक कीचड़ पसरी रहती है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सरकारी स्कूल की ओर जाने वाला रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है। इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं और बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। बच्चे अक्सर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं।
ये है गांव के श्मशान घाट का हाल
श्मशान भूमि गांव के बाहर जंगल में है। यहां सुविधा के नाम पर सिर्फ एक सरकारी हैंडपंप लगा है। चारों ओर ऊंची घास जमी हुई है। बारिश में दाह संस्कार करने के लिए छत तक नहीं है। बारिश में लोग पन्नी लगा कर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। शुक्रवार को गांव की महिला कैकेयी (48) का निधन हो गया था। परिजन को कीचड़ भरे रास्ते से शवयात्रा निकालनी पड़ी। बारिश के चलते श्मशान भूमि पर तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किया गया।
खुद कीचड़ समेट कर रास्ता बनाते हैं ग्रामीण
श्मशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता काफी जर्जर है। कीचड़ पसरा है। गांव के रामचंद्र ने बताया कि शुक्रवार को शवयात्रा निकलने से पहले उन्होंने मार्ग पर फैली कीचड़ को फावड़े से समेट कर एक ओर इकट्ठा कर दिया था, ताकि लोगों को परेशानी न हो सके।
बोले ग्रामीण
गांव के अधिकांश रास्ते छह-सात साल से जर्जर हालत में हैं। सड़कों पर कीचड़ है। बारिश में पैदल निकलना भी दुश्वार हो जाता है। कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जयकिशन
श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता कीचड़ से भरा है। किसी की मृत्यु होने पर शवयात्रा ले जाने में काफी परेशानी होती है। अन्य रास्ते भी जर्जर हालत में हैं। रास्तों का निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए।
भोलेराम
गांव में स्कूल वाला रास्ता भी कच्चा है। जिससे आए दिन बच्चे फिसल कर चोटिल हो जाते हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी स्कूल तक पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
कुंवरपाल
मजरा पहली के ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। गांव में विकास के नाम पर छह सरकारी हैंडपंप लगे हैं। पाइप लाइन बिछाने के बाद कनेक्शन भी नहीं दिए गए।
दीनदयाल
कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी होती है। आए दिन लोग फिसल कर चोटिल हो जाते हैं। सड़क निर्माण करा कर समस्या का समाधान कराया जाए।
कस्तूरी देवी
पहली के ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिलती। मुख्य समस्या सड़कों की है। सड़कों का निर्माण करा कर दुरुस्त कराया जाना चाहिए।
चंद्रवती
भगतपुर में सामुदायिक शौचालय और पंचायत घर का निर्माण कराया। अन्य विकास कार्य कराए हैं। मजरा पहली की सड़कों के निर्माण व श्मशान भूमि पर निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। संस्तुति मिलने पर विकास कार्य कराए जाएंगे।
करन सिंह, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत भगतपुर पहली
वर्जन:
जानकारी होने पर शनिवार को ही लेखपाल को मौके पर भेज कर सर्वे कराया है। जानकारी मिली है कि श्मशान भूमि पर निर्माण के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से आश्वासन मिला है। प्रस्ताव होने पर जल्दी ही निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
मनोज कुमार, कार्यवाहक एडीओ पंचायत, ब्लॉक बनियाखेड़ा
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गांव में न तो सड़कें बनी हैं और न ही पाइपलाइन बिछाने के बाद घरों तक पानी पहुंचा है। जंगल में बने श्मशान घाट तक जाने का रास्ता भी कीचड़ भरा है। श्मशान भूमि में एक ईंट तक नहीं लगी है। बारिश के दौरान अंतिम संस्कार करने में ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। कीचड़ भरे रास्ते पर फिसलने का खतरा बना रहता है।
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गांव की आबादी करीब 4000 है और यहां 1000 मतदाता हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान अन्य गांवों में विकास कार्य कराते हैं। लेकिन पहली गांव के साथ भेदभाव किया जा रहा है। छह साल से गांव में कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। पानी की पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन कनेक्शन नहीं दिए गए। लिहाजा आज तक घरों में पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।
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जर्जर रास्ते रोज लेते हैं परीक्षा
गांव के मुख्य मार्ग और स्कूल मार्ग की हालत बेहद खराब है। श्मशान घाट और गुलड़िया गांव की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग भी जर्जर है। करीब 200 मीटर मार्ग पर एक फीट तक कीचड़ पसरी रहती है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सरकारी स्कूल की ओर जाने वाला रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है। इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं और बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। बच्चे अक्सर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं।
ये है गांव के श्मशान घाट का हाल
श्मशान भूमि गांव के बाहर जंगल में है। यहां सुविधा के नाम पर सिर्फ एक सरकारी हैंडपंप लगा है। चारों ओर ऊंची घास जमी हुई है। बारिश में दाह संस्कार करने के लिए छत तक नहीं है। बारिश में लोग पन्नी लगा कर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। शुक्रवार को गांव की महिला कैकेयी (48) का निधन हो गया था। परिजन को कीचड़ भरे रास्ते से शवयात्रा निकालनी पड़ी। बारिश के चलते श्मशान भूमि पर तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किया गया।
खुद कीचड़ समेट कर रास्ता बनाते हैं ग्रामीण
श्मशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता काफी जर्जर है। कीचड़ पसरा है। गांव के रामचंद्र ने बताया कि शुक्रवार को शवयात्रा निकलने से पहले उन्होंने मार्ग पर फैली कीचड़ को फावड़े से समेट कर एक ओर इकट्ठा कर दिया था, ताकि लोगों को परेशानी न हो सके।
बोले ग्रामीण
गांव के अधिकांश रास्ते छह-सात साल से जर्जर हालत में हैं। सड़कों पर कीचड़ है। बारिश में पैदल निकलना भी दुश्वार हो जाता है। कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जयकिशन
श्मशान भूमि जाने वाला रास्ता कीचड़ से भरा है। किसी की मृत्यु होने पर शवयात्रा ले जाने में काफी परेशानी होती है। अन्य रास्ते भी जर्जर हालत में हैं। रास्तों का निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए।
भोलेराम
गांव में स्कूल वाला रास्ता भी कच्चा है। जिससे आए दिन बच्चे फिसल कर चोटिल हो जाते हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी स्कूल तक पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
कुंवरपाल
मजरा पहली के ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। गांव में विकास के नाम पर छह सरकारी हैंडपंप लगे हैं। पाइप लाइन बिछाने के बाद कनेक्शन भी नहीं दिए गए।
दीनदयाल
कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी होती है। आए दिन लोग फिसल कर चोटिल हो जाते हैं। सड़क निर्माण करा कर समस्या का समाधान कराया जाए।
कस्तूरी देवी
पहली के ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिलती। मुख्य समस्या सड़कों की है। सड़कों का निर्माण करा कर दुरुस्त कराया जाना चाहिए।
चंद्रवती
भगतपुर में सामुदायिक शौचालय और पंचायत घर का निर्माण कराया। अन्य विकास कार्य कराए हैं। मजरा पहली की सड़कों के निर्माण व श्मशान भूमि पर निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। संस्तुति मिलने पर विकास कार्य कराए जाएंगे।
करन सिंह, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत भगतपुर पहली
वर्जन:
जानकारी होने पर शनिवार को ही लेखपाल को मौके पर भेज कर सर्वे कराया है। जानकारी मिली है कि श्मशान भूमि पर निर्माण के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से आश्वासन मिला है। प्रस्ताव होने पर जल्दी ही निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
मनोज कुमार, कार्यवाहक एडीओ पंचायत, ब्लॉक बनियाखेड़ा