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डिवाइडर ही नहीं, हाईवे पर फेंसिंग की भी गई अनदेखी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 02:07 AM IST
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no diveder in moradabad highway
चंदौसी। मुरादाबाद-आगरा मार्ग को करीब 20 साल पहले नेशनल हाईवे का दर्जा मिल गया था। इसने सालों में केवल नेशनल हाईवे के नाम मात्र सड़क चौड़ीकरण कर रस्म अदायगी कर दी गई। साइड पटरी यानी खड़ंजे पर तारकोल बिछा दिया गया। खास बात यह है कि नेशनल हाईवे पर जानवरों, छुट्टा पशुओं के आने से हादसों का खतरा रहता है। जानवरों को रोकने के लिए कटीले पौधों की फेंसिंग यानी बाड़ की जानी थी, वही भी नहीं की गई। अन्य मानक भी पूरे नहीं किए गए। जबकि मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर रोजाना करीब 3500 से 4000 वाहन गुजरते हैं और इनसे चार लाख का टोल वसूला जाता है।
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तत्कालीन सांसद चंद्र विजय सिंह के प्रयास से वर्ष 2001 में मुरादाबाद-आगरा मार्ग को नेशनल हाईवे का दर्जा मिल गया था लेकिन अभी तक इस मार्ग पर नेशनल हाईवे का एक भी मानक पूरा नहीं किया गया। चंदौसी क्षेत्र में अरिल नदी के आसपास और गुन्नौर गंगा खादर क्षेत्र में छुट्टा पशु और नील गाय बड़ी तादात में हैं। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर गांव अकरौली के निकट अरिल नदी है और बबराला से गुन्नौर और नरौरा बैराज तक क्षेत्र में नील गाय बड़ी संख्या में हैं।
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हाईवे पर जानवरों और पशुओं को आने से रोकने के लिए कटीले व झाड़ीदार पौधों की फेसिंग यानी बाड़ लगाई जाती है अथवा पिलर खड़े करके उसमें टीनशेड लगा दिया जाता है। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर जानवरों और पशुओं को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। हाईवे पर कहीं भी न पुलिस की तैनाती है और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था है।
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मुरादाबाद-आगरा मार्ग एक नजर
- वाहनों का आवागमन (दोनों ओर से) प्रतिदिन - 3500 से 4000
- बिलारी में टोल पर प्राप्त पथकर- लगभग चार लाख रुपये प्रतिदिन
वाहनों के प्रकार
कार- लगभग 1200
रोडवेज व निजी बस- 750
ट्रक चार से छह टायरा तक- 250
थ्री एक्सल ट्रक यानी दस टायरा- 500
अन्य यात्री वाहन जैसे पिकअप, छोटा हाथी- 500
ट्रैक्टर व अन्य क्षेत्रीय वाहन जिनसे टोल नहीं लिया जाता- 500
यह है नेशनल हाईवे के मानक
- डिवाइडर अनिवार्य रूप होना चाहिए
- हाईवे के दोनों ओर कटीले पौधे की या टीनशेड की फेसिंग होनी चाहिए
- दो किलोमीटर से पहले डिवाइडर में कट नहीं होना चाहिए
- स्कूल, पेट्रोल पंप अथवा अप्रोच रोड होने पर ही बीच में कट हो सकता है
- यदि 5000 वाहनों की आवाजाही होती है, तो हाईवे फोर लेन होना चाहिए
सामान्य दिनों में करीब चार लाख रुपये का टोल होता है जमा
मुरादाबाद- आगरा हाईवे पर बिलारी क्षेत्र में इब्राहीमपुर के पास टोल प्लाजा बना है। इस टोल पर रोजाना करीब चार लाख रुपये का पथकर जमा होता है।
डिवाइडर न होने से वाहनों की संख्या है कम
नेशनल हाईवे पर टू लेन है और बीच में डिवाइडर नहीं है। ऐसी स्थिति में भी हाईवे से रोजाना करीब चार हजार वाहनों का आवागमन रहता है। बीच में डिवाइडर बन जाए तो यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। इसके बाद वाहनों की संख्या में भी इजाफा होगा।
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