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अभिभावकों को राहत, संभल में न बदलेंगी किताबें, न बढ़ेगी फीस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 11:27 PM IST
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no change books in sambhal school
संभल/चंदौसी। लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों को राहत दी गई है। संभल जिले में न किताबें बदली जाएंगी और न ही फीस बढ़ेगी। फीस की बढ़ोत्तरी न करने का आदेश सरकार ने दिया है। किताबें न बदलने का आग्रह जिला विद्यालय निरीक्षक ने किया है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि कुछ निजी विद्यालयों द्वारा किताबें बदल कर अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे कुछ मामले संज्ञान में आने के बाद सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्योें से कहा गया है कि वे एनसीईआरटी की पुस्तकें विद्यालयों में चलाएं। अगर कोई पुस्तक एनसीईआरटी की उपलब्ध न हो तो उसके विकल्प को लिया जाए लेकिन जो पुस्तकें पिछले वर्ष चल रहीं थीं उनसे ही पढ़ाई कराई जाएं क्योंकि किताबें बदलने से अभिभावकों की जेब पर बोझ पड़ेगा। इस बोझ से अभिभावकों को बचाया जाना है क्योंकि यह लॉकडाउन का वक्त है। अभिभावकों के पास क्रय शक्ति नहीं है।
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एनसीईएआरटी की किताबों से पढ़ाई कराएं
संभल जिले के सभी 211 माध्यमिक विद्यालयों और आईसीएसई और सीबीएसई के 25 विद्यालयों के साथ-साथ परिषदीय मान्यता से संचालित निजी स्कूलों को फीस न बढ़ाए जाने के बारे में अवगत करा दिया गया है। जिन विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई कराई जा रही हैं उनसे भी कहा गया है कि वे एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई सुनिश्चित कराएं। साथ ही जो किताबें पिछले वर्ष चल रहीं थीं। वही किताबें इस वर्ष भी चलाएं। अगर कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, संभल।
कमीशनखोरी के नेटवर्क की वजह से बदली जा रहीं हैं किताबें
चंदौसी। अभिभावक टीएस पाल ने बताया कि कमीशनखोरी का नेटवर्क संचालित है। नेटवर्क को संचालित करने के लिए ही प्रतिवर्ष किताबें बदली जाती हैं। यह मुद्दा उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सामने उठाया है। इस बारे में कार्रवाई की जाए।

ध्यान दे शासन-प्रशासन, होगा समाधान
चंदौसी। सौरभकांत शर्मा ने कहा कि वह अभिभावक भी हैं। अगर किताबें नहीं बदलती हैं तो बच्चे अपने गली मोहल्ले में बड़ों की किताबें लेकर पढ़ाई कर लेते हैं लेकिन कोर्स बदल जाने से दिक्कत आ रही है। इस बारे में शासन प्रशासन को ध्यान देना चाहिए
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