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लापरवाही : 30 हजार लोगों का कोविड टीकाकरण पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज नहीं
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चंदौसी। जिले में 30 हजार लोगों का कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण तो गया है, लेकिन पोर्टल पर उनका रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाया है। ऐसे में इन लोगों को दूसरे राज्य अथवा विदेश जाना पड़ा, तो विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन लोगों का सही डाटा एकत्र करने के लिए आशाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग दावा कर रहा है कि डाटा एकत्र कर एक सप्ताह में सभी के टीकाकरण की रिपोर्ट को ऑनलाइन फीड करा दिया जा जाएगा।
जनपद में 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 15 लाख लोगों का टीकाकरण होना है। अब तक जिले में नौ लाख दस हजार 535 लोगों को कोरोना से बचाव के टीके की पहली डोज और दो लाख 35 हजार 797 लोगों को कोरोना से बचाव की दूसरी डोज लग चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी दी गई है कि वह जिस व्यक्ति का टीकाकरण कर रहे है, उसके साथ ही उसका पोर्टल पर डाटा फीड कर लें।
ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान कर्मचारियों ने लापरवाही बरती। लोगों को कोरोना से बचाव का टीका तो लगा दिया, लेकिन मौके पर ही उसका डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं किया। अब लग 30 हजार 672 लोग ऐसे हैं, जिन्हें टीका लगा चुका है और उनका डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं है। शासन ने भी उन्हीं लोगों का टीकाकरण माना हुआ है, जिनका डाटा पोर्टल पर दर्ज है।
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कर्मचारियों की लापरवाही, आमजन पर भारी
विदेश यात्रा के लिए, दूसरे राज्यों में जाने, कुछ बड़ी शैक्षिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए, कई प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा के लिए कोविड-वैक्सीनेशन के प्रमाणपत्र की आवश्यक हैं। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा इन लोगों को भुगतना पड़ सकता है। दूसरे स्थानों पर भ्रमण व युवाओं के शैक्षिक संस्थान में प्रवेश की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
कुल लक्ष्य- करीब 15 लाख
पहली डोज- 9,10,535
दूसरी डोज- 2,35, 797
कुल डोज- 11,46,332
पोर्टल पर दर्ज- 11,15,660
सही डाटा एकत्र करने की जिम्मेदारी आशाओं को सौंपी
ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान कुछ कर्मचारियों ने पूरा ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा फीड नहीं किया, उसे मैनुअल ही लिख लिया। इसमें अधिकांश कर्मचारियों के डाटा में त्रुटि है। विभाग ने आशाओं को इन लोगों को खोजने, उनका सही नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर का डाटा एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सही डाटा मिलने के बाद उसे ऑनलाइन किया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान नेटवर्क की समस्या के चलते कुछ कर्मचारियों ने मैनुअल ही नाम लिख लिए थे। इस सूचना में कुछ त्रुटियां हैं। आशाओं को दोबारा से उन्हें खोजकर सही नाम, पता, आधार व मोबाइल नंबर एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सप्ताह में इसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी संभल
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जनपद में 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 15 लाख लोगों का टीकाकरण होना है। अब तक जिले में नौ लाख दस हजार 535 लोगों को कोरोना से बचाव के टीके की पहली डोज और दो लाख 35 हजार 797 लोगों को कोरोना से बचाव की दूसरी डोज लग चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी दी गई है कि वह जिस व्यक्ति का टीकाकरण कर रहे है, उसके साथ ही उसका पोर्टल पर डाटा फीड कर लें।
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ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान कर्मचारियों ने लापरवाही बरती। लोगों को कोरोना से बचाव का टीका तो लगा दिया, लेकिन मौके पर ही उसका डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं किया। अब लग 30 हजार 672 लोग ऐसे हैं, जिन्हें टीका लगा चुका है और उनका डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं है। शासन ने भी उन्हीं लोगों का टीकाकरण माना हुआ है, जिनका डाटा पोर्टल पर दर्ज है।
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कर्मचारियों की लापरवाही, आमजन पर भारी
विदेश यात्रा के लिए, दूसरे राज्यों में जाने, कुछ बड़ी शैक्षिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए, कई प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा के लिए कोविड-वैक्सीनेशन के प्रमाणपत्र की आवश्यक हैं। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा इन लोगों को भुगतना पड़ सकता है। दूसरे स्थानों पर भ्रमण व युवाओं के शैक्षिक संस्थान में प्रवेश की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
कुल लक्ष्य- करीब 15 लाख
पहली डोज- 9,10,535
दूसरी डोज- 2,35, 797
कुल डोज- 11,46,332
पोर्टल पर दर्ज- 11,15,660
सही डाटा एकत्र करने की जिम्मेदारी आशाओं को सौंपी
ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान कुछ कर्मचारियों ने पूरा ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा फीड नहीं किया, उसे मैनुअल ही लिख लिया। इसमें अधिकांश कर्मचारियों के डाटा में त्रुटि है। विभाग ने आशाओं को इन लोगों को खोजने, उनका सही नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर का डाटा एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी है। सही डाटा मिलने के बाद उसे ऑनलाइन किया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के दौरान नेटवर्क की समस्या के चलते कुछ कर्मचारियों ने मैनुअल ही नाम लिख लिए थे। इस सूचना में कुछ त्रुटियां हैं। आशाओं को दोबारा से उन्हें खोजकर सही नाम, पता, आधार व मोबाइल नंबर एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सप्ताह में इसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी संभल