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Sambhal News: एनसीईआरटी की किताबें गोदाम में, दुकानों में भरा मिला निजी प्रकाशकों का माल
Fri, 11 Apr 2025 12:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:30 AM IST
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चंदौसी।
निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर आईं शिकायतों पर डीआईओएस श्यामा कुमार ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंच गए, जहां उन्हें निजी प्रकाशकों की किताबें मिलीं। जबकि एनसीईआरटी की कुछ किताबें दिखावे के लिए दुकान के एक कोने और गोदाम में रखी मिलीं। डीआईओएस ने दुकानदारों को एनसीईआरटी की किताबें नहीं बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस दौरान दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।
डीआईओएस श्यामा कुमार ने बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे करीब चंदौसी पहुंचे। यहां फव्वारा चौक, संभल गेट आदि बाजारों में स्थिति बुक डिपो की दुकानों पर छापा मारा। सबसे पहले वह पालिका कार्यालय के सामने एक बुक डिपो की दुकान पर पहुंचे। जहां अभिभावकों की भीड़ लगी थी। दुकानदार सभी अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबें दे रहे थे। मौजूद अभिभावकों से भी पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि अधिकांश अभिभावकों पर 5000 से 7000 रुपये से अधिक तक का कच्चा बिल था।
डीआईओएस ने दुकानदार से एनसीईआरटी की किताबों के बारे में पूछा तो एनसीईआरटी की कुछ ही किताबें दुकान के एक कोने में रखी थीं। जबकि निजी प्रकाशकों की किताबों के कक्षा वार बंडल बंधे हुए रखे थे। इस पर उन्होंने दुकानदार को हिदायत दी कि वह एनसीईआरटी की किताबें बेचें। ऐसा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने फव्वारा चौक और संभल गेट पर अन्य दुकानों पर छापा मारा। सभी दुकानों पर निजी प्रकाशकों की किताबें मिलीं।
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एक दुकान पर मिली स्कूल की निजी प्रकाशकों की किताबों की लिस्ट
छापे के दौरान डीआईओएस फव्वारा चौक स्थित एक दुकान पर ग्राहक बनकर सीबीएसई की किताबें खरीदने पहुंचे तो दुकानदार ने कक्षा का नाम सुनकर उन्हें निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें दे दीं। करीब सात हजार रुपये का पूरा कोर्स था। जो पहले ही गड्डी बना हुआ रखा था। जबकि पूछने पर भी दुकानदार ने एनसीईआरटी की किताबें नहीं दिखाईं। दुकान पर एनसीईआरटी की इक्का दुक्का किताब ही रखी मिली।
प्रधानाचार्यों को दिए थे एनसीईआरटी की किताब चलाने के निर्देश
बता दें कि निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावकों पर बच्चों को कोर्स दिलवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। अभिभावक मनमाने दामों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर हैं। इसको लेकर दो दिन पहले ही डीएम राजेंद्र पैंसिया ने निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की थी। साफ हिदायत दी थी कि एनसीईआरटी की ही किताबें लगाई जाएं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई गईं तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीआईओएस ने बताया कि निजी स्कूलों में छापा मारा जाएगा।
डीआईओएस से मिला था व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल
अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीआईओएस श्यामा कुमार से मिला था। शिकायतीपत्र देकर कहा था कि हर साल के तरह इस वर्ष भी निजी स्कूलों ने अपना कोर्स बदल दिया है। साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अभिभावकों को खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। एक तरफ जिलाधिकारी निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नकेल कस रहे हैं दूसरी तरफ निजी स्कूल संचालक अपनी मनमानी से बाज नही आ रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वर्जन-
- आज दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वह एनसीईआरटी की किताबों की बिक्री करें। अन्यथा कार्रवाई जाएगी। आज स्कूल बंद थे। जिससे शुक्रवार से निजी स्कूलों में भी चेकिंग की जाएगी। -श्यामा कुमार, डीआईओएस, संभल
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निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर आईं शिकायतों पर डीआईओएस श्यामा कुमार ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंच गए, जहां उन्हें निजी प्रकाशकों की किताबें मिलीं। जबकि एनसीईआरटी की कुछ किताबें दिखावे के लिए दुकान के एक कोने और गोदाम में रखी मिलीं। डीआईओएस ने दुकानदारों को एनसीईआरटी की किताबें नहीं बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस दौरान दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।
डीआईओएस श्यामा कुमार ने बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे करीब चंदौसी पहुंचे। यहां फव्वारा चौक, संभल गेट आदि बाजारों में स्थिति बुक डिपो की दुकानों पर छापा मारा। सबसे पहले वह पालिका कार्यालय के सामने एक बुक डिपो की दुकान पर पहुंचे। जहां अभिभावकों की भीड़ लगी थी। दुकानदार सभी अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबें दे रहे थे। मौजूद अभिभावकों से भी पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि अधिकांश अभिभावकों पर 5000 से 7000 रुपये से अधिक तक का कच्चा बिल था।
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डीआईओएस ने दुकानदार से एनसीईआरटी की किताबों के बारे में पूछा तो एनसीईआरटी की कुछ ही किताबें दुकान के एक कोने में रखी थीं। जबकि निजी प्रकाशकों की किताबों के कक्षा वार बंडल बंधे हुए रखे थे। इस पर उन्होंने दुकानदार को हिदायत दी कि वह एनसीईआरटी की किताबें बेचें। ऐसा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होंने फव्वारा चौक और संभल गेट पर अन्य दुकानों पर छापा मारा। सभी दुकानों पर निजी प्रकाशकों की किताबें मिलीं।
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एक दुकान पर मिली स्कूल की निजी प्रकाशकों की किताबों की लिस्ट
छापे के दौरान डीआईओएस फव्वारा चौक स्थित एक दुकान पर ग्राहक बनकर सीबीएसई की किताबें खरीदने पहुंचे तो दुकानदार ने कक्षा का नाम सुनकर उन्हें निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें दे दीं। करीब सात हजार रुपये का पूरा कोर्स था। जो पहले ही गड्डी बना हुआ रखा था। जबकि पूछने पर भी दुकानदार ने एनसीईआरटी की किताबें नहीं दिखाईं। दुकान पर एनसीईआरटी की इक्का दुक्का किताब ही रखी मिली।
प्रधानाचार्यों को दिए थे एनसीईआरटी की किताब चलाने के निर्देश
बता दें कि निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अभिभावकों पर बच्चों को कोर्स दिलवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। अभिभावक मनमाने दामों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर हैं। इसको लेकर दो दिन पहले ही डीएम राजेंद्र पैंसिया ने निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की थी। साफ हिदायत दी थी कि एनसीईआरटी की ही किताबें लगाई जाएं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई गईं तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीआईओएस ने बताया कि निजी स्कूलों में छापा मारा जाएगा।
डीआईओएस से मिला था व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल
अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीआईओएस श्यामा कुमार से मिला था। शिकायतीपत्र देकर कहा था कि हर साल के तरह इस वर्ष भी निजी स्कूलों ने अपना कोर्स बदल दिया है। साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अभिभावकों को खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। एक तरफ जिलाधिकारी निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नकेल कस रहे हैं दूसरी तरफ निजी स्कूल संचालक अपनी मनमानी से बाज नही आ रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वर्जन-
- आज दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वह एनसीईआरटी की किताबों की बिक्री करें। अन्यथा कार्रवाई जाएगी। आज स्कूल बंद थे। जिससे शुक्रवार से निजी स्कूलों में भी चेकिंग की जाएगी। -श्यामा कुमार, डीआईओएस, संभल