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Sambhal News: सांसद बर्क की लगातार बढ़ रहीं मुश्किलें, कस रहा पुलिस प्रशासन का शिकंजा
Thu, 10 Apr 2025 11:59 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 10 Apr 2025 11:59 PM IST
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संभल।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर लगातार पुलिस-प्रशासन का शिकंजा कस रहा है। वह बवाल में साजिश करने और भड़काऊ भाषण देने जैसे गंभीर आरोप से घिरे हैं। साथ ही उन पर आवास में अवैध निर्माण करने और बिजली चोरी करने के आरोप भी लगे हैं। हालांकि आवास में हुए अवैध निर्माण और बिजली चोरी के मामले में लगे जुर्माने में सुनवाई लगातार चल रही है। अभी न विनियमित क्षेत्र से कोई कार्रवाई हो सकी है और न बिजली विभाग की ओर से जुर्माने की अंतिम रिपोर्ट लगी है। लगातार होती कार्रवाई से स्पष्ट है कि सांसद की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। अब यह मुश्किलें कहां तक बढ़ेंगी या थमेंगी। यह तो पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई आगे तय करेगी।
22 नवंबर को सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने जामा मस्जिद पर बयान दिया था। जिसमें जामा मस्जिद के सर्वे को गलत बताया था। साथ ही कहा था कि वह इसका विरोध करते हैं। जल्दबाजी में सर्वे करने की बात कही गई थी। इस बयान के बाद दूसरा आरोप लगा कि उन्होंने 23 नवंबर की रात को जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली से फोन पर बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि वह तो बैंगलुरू में हैं लेकिन सर्वे किसी हाल नहीं होने देना है। जितनी हो सके भीड़ एकत्र करो। 24 नवंबर को भीड़ ने बवाल किया। आगजनी और तोड़फोड़ की गई। इस बवाल को सांसद के बयान से जोड़ा गया। इसमें मुकदमा भी दर्ज हुआ। दिसंबर में बिजली चोरी और आवास में अवैध निर्माण का मामला सामने आया तो उसमें जुर्माने की कार्रवाई को लेकर सुनवाई चल रही है।
एक बार विधायक और पहली बार में बने सांसद
- सांसद जियाउर्रहमान बर्क वर्ष 2019 में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। वर्ष 2024 में पहली बार में सांसद चुने गए। वह अपने दादा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि उनके खिलाफ चुनाव प्रचार में आचार संहिता उल्लंघन के छह मामले अलग-अलग समय में दर्ज हैं। जो अभी तक विचाराधीन हैं। अब बवाल में एक मामला दर्ज हुआ है।
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सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर लगातार पुलिस-प्रशासन का शिकंजा कस रहा है। वह बवाल में साजिश करने और भड़काऊ भाषण देने जैसे गंभीर आरोप से घिरे हैं। साथ ही उन पर आवास में अवैध निर्माण करने और बिजली चोरी करने के आरोप भी लगे हैं। हालांकि आवास में हुए अवैध निर्माण और बिजली चोरी के मामले में लगे जुर्माने में सुनवाई लगातार चल रही है। अभी न विनियमित क्षेत्र से कोई कार्रवाई हो सकी है और न बिजली विभाग की ओर से जुर्माने की अंतिम रिपोर्ट लगी है। लगातार होती कार्रवाई से स्पष्ट है कि सांसद की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। अब यह मुश्किलें कहां तक बढ़ेंगी या थमेंगी। यह तो पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई आगे तय करेगी।
22 नवंबर को सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने जामा मस्जिद पर बयान दिया था। जिसमें जामा मस्जिद के सर्वे को गलत बताया था। साथ ही कहा था कि वह इसका विरोध करते हैं। जल्दबाजी में सर्वे करने की बात कही गई थी। इस बयान के बाद दूसरा आरोप लगा कि उन्होंने 23 नवंबर की रात को जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली से फोन पर बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि वह तो बैंगलुरू में हैं लेकिन सर्वे किसी हाल नहीं होने देना है। जितनी हो सके भीड़ एकत्र करो। 24 नवंबर को भीड़ ने बवाल किया। आगजनी और तोड़फोड़ की गई। इस बवाल को सांसद के बयान से जोड़ा गया। इसमें मुकदमा भी दर्ज हुआ। दिसंबर में बिजली चोरी और आवास में अवैध निर्माण का मामला सामने आया तो उसमें जुर्माने की कार्रवाई को लेकर सुनवाई चल रही है।
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एक बार विधायक और पहली बार में बने सांसद
- सांसद जियाउर्रहमान बर्क वर्ष 2019 में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। वर्ष 2024 में पहली बार में सांसद चुने गए। वह अपने दादा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि उनके खिलाफ चुनाव प्रचार में आचार संहिता उल्लंघन के छह मामले अलग-अलग समय में दर्ज हैं। जो अभी तक विचाराधीन हैं। अब बवाल में एक मामला दर्ज हुआ है।
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