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Sambhal News: अपहरण और दुष्कर्म में मां-बेटे को सजा
Sat, 01 Feb 2025 12:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:52 AM IST
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रामपुर।
किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले युवक और उसकी मां को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी युवक को दस साल जबकि उसकी मां को तीन साल की कैद व दोनों पर 60 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
अपहरण और दुष्कर्म का यह मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक दलित महिला ने 30 अगस्त 2018 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि जब उसकी बेटी दवा लेने के लिए गई थी तब उसके गांव के ही शेर आलम ने अपहरण कर लिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस पूरे मामले में शेर आलम की मां तैमूर निशा ने भी साथ दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने पीड़िता समेत पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का स्वतंत्र गवाह नहीं है। उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) राम गोपाल सिंह ने शेर आलम व उसकी मां तैमूर निशा को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी करार दिया। कोर्ट ने शेर आलम को दस साल की कैद व तैमूर निशा को तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले युवक और उसकी मां को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी युवक को दस साल जबकि उसकी मां को तीन साल की कैद व दोनों पर 60 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
अपहरण और दुष्कर्म का यह मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक दलित महिला ने 30 अगस्त 2018 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि जब उसकी बेटी दवा लेने के लिए गई थी तब उसके गांव के ही शेर आलम ने अपहरण कर लिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया।
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इस पूरे मामले में शेर आलम की मां तैमूर निशा ने भी साथ दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद इस मुकदमे का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने पीड़िता समेत पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की,जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का स्वतंत्र गवाह नहीं है। उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) राम गोपाल सिंह ने शेर आलम व उसकी मां तैमूर निशा को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी करार दिया। कोर्ट ने शेर आलम को दस साल की कैद व तैमूर निशा को तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।