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मेहर की रकम पर नहीं बनी रजामंदी, निकाह अटका
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 26 Dec 2016 01:23 AM IST
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मसले को सुलझाने के लिए गांव में ही पंचायत बैठ गई। मेहर के तौर पर लड़की की ओर से पांच लाख रुपये तय करने की मांग की गई थी जबकि वर पक्ष इसे कम कराना चाहता था। जब लड़की पक्ष ने रुपये कम करने से मना कर दिया तो विवाद की नौबत बन गई। कुछ लोगों ने समझदारी दिखाई और विवाद को निबटाने का प्रयास किया। फिलहाल रात 12 बजे तक पंचायत चल रही थी और कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।
असमोली क्षेत्र के एक गांव में रविवार को एक रिश्ता होना था। दोनों पक्ष एक ही गांव के ही थे। बारात शाम पांच बजे के करीब लड़की पक्ष के घर में पहुंच गई। बारात आने के बाद बारातियों का स्वागत हुआ। खाना खिलाया गया लेकिन जब निकाह के समय मेहर की रकम तय करने की बात आई तो असहमति बन गई और इसके चलते निकाह रुक गया लेकिन कुछ लोगों ने समझदारी दिखाई और आपसी पंचायत कर दोनों पक्षों में सहमति बनाने का प्रयास किया।
जब सहमति बनने में देरी हुई तो बाराती अपने अपने घरों को चले गए। दोनों परिवारों के चुनिंदा लोगों के बीच पंचायत होती रही। पंचायत में शामिल लोगों का कहना था कि मामला पारिवारिक है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सहमति से बात निबट जाएगी।
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असमोली क्षेत्र के एक गांव में रविवार को एक रिश्ता होना था। दोनों पक्ष एक ही गांव के ही थे। बारात शाम पांच बजे के करीब लड़की पक्ष के घर में पहुंच गई। बारात आने के बाद बारातियों का स्वागत हुआ। खाना खिलाया गया लेकिन जब निकाह के समय मेहर की रकम तय करने की बात आई तो असहमति बन गई और इसके चलते निकाह रुक गया लेकिन कुछ लोगों ने समझदारी दिखाई और आपसी पंचायत कर दोनों पक्षों में सहमति बनाने का प्रयास किया।
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जब सहमति बनने में देरी हुई तो बाराती अपने अपने घरों को चले गए। दोनों परिवारों के चुनिंदा लोगों के बीच पंचायत होती रही। पंचायत में शामिल लोगों का कहना था कि मामला पारिवारिक है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सहमति से बात निबट जाएगी।
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