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काम, क्रोध और लोभ विनाश के द्वार हैं, इनसे बचना चाहिए : कथाव्यास
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सरायतरीन(संभल)। गांव विक्रमपुर ताहरपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में बृहस्पतिवार को गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई। बताया कि श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर पूरे नगर की रक्षा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।
प्रवचन करते हुए कथाव्यास आरती दिग्गज ने कहा जब इंद्र के प्रकोप से ब्रज में भयंकर वर्षा हुई तो श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया। इस घटना से इंद्र का घमंड चूर चूर हो गया। सीख दी कि मनुष्य को भी अपने जीवन में कभी भी किसी चीज का कोई घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य के द्वारा किया गया घमंड विनाश करता है। जब इच्छाएं पूरी नहीं होती तो क्रोध उत्पन्न होता है, जिससे बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और व्यक्ति हिंसा व बुरे कर्मों की ओर बढ़ता है। धन शक्ति और भोग की कभी न खत्म होने वाली लालसा व्यक्ति को अनैतिक कार्यों में धकेलती है और असंतोष पैदा करती है।
भगवान कृष्ण कहते हैं काम, क्रोध और लोभ ये तीनों ही आत्मा के विनाश के द्वार हैं। इनका त्याग करना चाहिए। इन तीनों से मुक्त होकर ही मानव धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान वीरभान सिंह यादव, धर्मवीर यादव, रविंद्र यादव, लखपत सिंह, राजकुमार, अनिल कुमार, धर्मेंद्र कुमार, देवपाल, देवेन्द्र सिंह, मुनेंद्र सिंह आदि रहे।
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प्रवचन करते हुए कथाव्यास आरती दिग्गज ने कहा जब इंद्र के प्रकोप से ब्रज में भयंकर वर्षा हुई तो श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया। इस घटना से इंद्र का घमंड चूर चूर हो गया। सीख दी कि मनुष्य को भी अपने जीवन में कभी भी किसी चीज का कोई घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य के द्वारा किया गया घमंड विनाश करता है। जब इच्छाएं पूरी नहीं होती तो क्रोध उत्पन्न होता है, जिससे बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और व्यक्ति हिंसा व बुरे कर्मों की ओर बढ़ता है। धन शक्ति और भोग की कभी न खत्म होने वाली लालसा व्यक्ति को अनैतिक कार्यों में धकेलती है और असंतोष पैदा करती है।
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भगवान कृष्ण कहते हैं काम, क्रोध और लोभ ये तीनों ही आत्मा के विनाश के द्वार हैं। इनका त्याग करना चाहिए। इन तीनों से मुक्त होकर ही मानव धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान वीरभान सिंह यादव, धर्मवीर यादव, रविंद्र यादव, लखपत सिंह, राजकुमार, अनिल कुमार, धर्मेंद्र कुमार, देवपाल, देवेन्द्र सिंह, मुनेंद्र सिंह आदि रहे।
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