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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Kalki Dham: Sambhal Kalki Dham temple is most special, it will take four years to ready, this is connection

Kalki Dham: सबसे खास है संभल का कल्कि धाम मंदिर, तैयार होने में लगेंगे चार साल, पीएम मोदी से यह है कनेक्शन

Mon, 19 Feb 2024 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Mon, 19 Feb 2024 02:57 AM IST
सार

संभल में तैयार होने वाले कल्कि धाम मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। कहा जाता है कि कलियुग में भगवान कल्कि संभल में अवतरित होंगे। इस मंदिर का शिलान्यास पीएम मोदी करेंगे। 

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Kalki Dham: Sambhal Kalki Dham temple is most special, it will take four years to ready, this is connection
संभल पहुंचे साधु-संत - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल के ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम शिलान्यास के बाद करीब चार वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। पुराणों में उल्लेख है कि कलियुग में भगवान कल्कि संभल में अवतरित होंगे। स्कंद पुराण में भी इसका खास उल्लेख है। संभल में भगवान शिव, श्रीकृष्ण और कलियुग में अवतरित होने वाले भगवान कल्कि से जुड़े 68 तीर्थ व 19 धर्म कूप भी हैं।

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आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि श्री वंशगोपाल तीर्थ पर लगे कदंब के वृक्ष के नीचे करीब पांच हजार वर्ष पहले श्रीकृष्ण ठहरे थे। उस समय साथ में रुक्मणि भी थीं। पुराणों में उल्लेख है कि श्रीकृष्ण ने कलियुग के अंत में संभल में ही अवतरित होने की जानकारी खुद रुक्मणी को दी थी। इसका वर्णन धर्मग्रंथों में है।

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शिखर 108 फीट ऊंचा होगा

कल्कि भगवान के 108 मंदिर स्थापित कराए जाएंगे। देश के अलग-अलग शहरों में स्थित 30 मंदिरों में भगवान कल्कि की प्रतिमाएं स्थापित भी कराई जा चुकी हैं। श्री कल्कि धाम का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि सोमनाथ और अयोध्या के राम मंदिर में लगा गुलाबी पत्थर पांच एकड़ भूमि के परिसर में बन रहे श्री कल्कि धाम में लगाया जाएगा।

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इसके बाद तैयार मॉडल के अनुसार धाम का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा। चौकी 11 फीट पर बनी होगी। भगवान विष्णु के सभी 10 अवतारों के अलग-अलग गर्भगृह होंगे।

उन्होंने बताया कि श्री कल्कि धाम दुनिया का अकेला ऐसा धाम है जो भगवान के अवतार से पहले स्थापित हो रहा है। अन्य सभी धाम भगवान के आने के बाद स्थापित हुए हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि पुराणों में उल्लेख है कि कलियुग में भगवान कल्कि संभल में अवतरित होंगे। 

श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि नौ शिलाओं का विधिवत पूजन महाकाल उज्जैन से आए पंडित करेंगे। यहां करीब 1500 सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। पार्किंग की व्यवस्थाएं जगह-जगह की गई हैं। अमरोहा जिले से प्रवेश करने वाले लोगों के लिए सैदनगली से ऐंचोड़ा मार्ग पर पार्किंग बनाई हैं।


वहीं मुरादाबाद और संभल से ऐंचोड़ा जाने वाले लोगों के लिए मनोटा मार्ग से ऐंचोड़ा कंबोह गांव तक पार्किंग की व्यवस्था की गई है। देशभर के साधु-संत रविवार की देर शाम से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। साधु-संतों के लिए ठहरने के लिए अलग से तंबू लगाए गए हैं। श्री कल्कि धाम की पूर्व शिला उन नौ शिलाओं के मध्य स्थापित होगी ये शिलाएं राजस्थान से बनकर आई हैं। जिनका तीन दिनों तक गुप्त पूजन किया गया।  

 

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