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Sambhal News: प्रभु यीशु ने अपने प्राण बलिदान कर मोक्ष का मार्ग तैयार किया
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चंदौसी। लगभग दो हजार वर्ष पूर्व प्रभु यीशु मसीह ने मानव जाति को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। इसी उपलक्ष्य में शुभ शुक्रवार यानी गुड फ्राइडे मनाया जाता है। शुक्रवार को फव्वारा चौक स्थित मैथोडिस्ट चर्च में गुड फ्राइडे के अवसर पर आराधना सभा का आयोजन किया गया।
आराधना का संचालन चर्च के पास्टर इंचार्ज पादरी डैनियल मसीह ने जान मैंने अपनी दी, खून दिया बे-बहा... गीत के साथ किया। इसके बाद प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर कहे गए सात वचनों का स्मरण करते हुए उनका प्रचार किया गया।
पहले वचन में पास्टर आशुतोष ने कहा कि किसी साधारण मनुष्य के लिए अपने शत्रु को क्षमा करना अत्यंत कठिन होता है, लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने ऐसा कर संसार को प्रेम और क्षमा का अद्वितीय संदेश दिया। उनके अनुसार, प्रभु यीशु के आदर्शों का अनुसरण करने से ही मानव कल्याण संभव है।
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दूसरे वचन की व्याख्या मुरादाबाद से आए जौन रवि ने की। तीसरे वचन पर सोनिया मैकडोनल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने परमेश्वर के पुत्र होते हुए भी अपने माता-पिता के प्रति आज्ञाकारिता का उदाहरण प्रस्तुत किया, जो हमें भी उनका सम्मान करने की सीख देता है।
चौथे वचन के माध्यम से मुरादाबाद से आए विनय सी लाल ने प्रभु यीशु की वेदना का वर्णन किया। पांचवें वचन मैं प्यासा हूं पर ड्रीमा लाल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने मानवता के उद्धार के लिए क्रूस की पीड़ा सहन की, ताकि मनुष्य स्वर्गीय जीवन प्राप्त कर सके। छठे वचन का प्रचार दीपक कम्फर्ट ने किया।
अंतिम एवं सातवें वचन पर पादरी डैनियल मसीह ने आह्वान किया कि सभी लोग पाप का त्याग कर सच्चे मन से परम पिता परमेश्वर के समक्ष समर्पित हों, जिससे उनका जीवन पवित्र और निष्कलंक बना रहे।
इस अवसर पर रवि सिंह और मोनू ने विशेष गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विशाल मैकडोनल, विक्रम मोहन, विक्टर, फरेंको, अभिषेक, डेनिस, सुरेश डीन आदि का सहयोग रहा। जया मोहन ने देश में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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आराधना का संचालन चर्च के पास्टर इंचार्ज पादरी डैनियल मसीह ने जान मैंने अपनी दी, खून दिया बे-बहा... गीत के साथ किया। इसके बाद प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर कहे गए सात वचनों का स्मरण करते हुए उनका प्रचार किया गया।
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पहले वचन में पास्टर आशुतोष ने कहा कि किसी साधारण मनुष्य के लिए अपने शत्रु को क्षमा करना अत्यंत कठिन होता है, लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने ऐसा कर संसार को प्रेम और क्षमा का अद्वितीय संदेश दिया। उनके अनुसार, प्रभु यीशु के आदर्शों का अनुसरण करने से ही मानव कल्याण संभव है।
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दूसरे वचन की व्याख्या मुरादाबाद से आए जौन रवि ने की। तीसरे वचन पर सोनिया मैकडोनल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने परमेश्वर के पुत्र होते हुए भी अपने माता-पिता के प्रति आज्ञाकारिता का उदाहरण प्रस्तुत किया, जो हमें भी उनका सम्मान करने की सीख देता है।
चौथे वचन के माध्यम से मुरादाबाद से आए विनय सी लाल ने प्रभु यीशु की वेदना का वर्णन किया। पांचवें वचन मैं प्यासा हूं पर ड्रीमा लाल ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने मानवता के उद्धार के लिए क्रूस की पीड़ा सहन की, ताकि मनुष्य स्वर्गीय जीवन प्राप्त कर सके। छठे वचन का प्रचार दीपक कम्फर्ट ने किया।
अंतिम एवं सातवें वचन पर पादरी डैनियल मसीह ने आह्वान किया कि सभी लोग पाप का त्याग कर सच्चे मन से परम पिता परमेश्वर के समक्ष समर्पित हों, जिससे उनका जीवन पवित्र और निष्कलंक बना रहे।
इस अवसर पर रवि सिंह और मोनू ने विशेष गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विशाल मैकडोनल, विक्रम मोहन, विक्टर, फरेंको, अभिषेक, डेनिस, सुरेश डीन आदि का सहयोग रहा। जया मोहन ने देश में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।