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Sambhal News: औद्योगिक गलियारे के लिए जल्द खरीदी जाएगी दूसरे चरण की जमीन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:19 AM IST
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Land for the second phase of the industrial corridor will be acquired soon.
संभल। गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए दूसरे चरण में गांव खरसफा, भमौरा पट्टी और सौंधन मोहम्मदपुर में चिह्नित भूमि की खरीद जल्द ही शुरू होगी। यूपीडा ने लखनऊ में समीक्षा बैठक के बाद यह निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। एसडीएम का कहना है कि भूमि खरीद की तैयारी पूरी है, जल्द खरीद शुरू कराई जाएगी।
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संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक चार गांवों में 222 हेक्टेयर के करीब भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। बाद में शासन की टीम ने इस औद्योगिक क्लस्टर को बढ़ाने का फैसला किया। जिसके बाद ही सौंधन मोहम्मदपुर, खरसफा और भमौरी पट्टी तक भूमि खरीदने की तैयारी की गई।
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एसडीएम विकासचंद्र ने बताया कि 892 गाटों की जमीन की खरीद होनी है। फिलहाल चौबीस कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए जमीन खरीदने का काम चल रहा है। इसलिए कुछ देरी है लेकिन जल्द ही इसका काम शुरू कराएंगे। ताकि समय से यह परियोजना भी पूरी हो सके। पहले चरण में 222.20 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो चुकी है।
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कुल 340.44 हेक्टेयर भूमि की होनी है खरीद
दूसरे चरण में जो भूमि खरीदी जानी है, इसके लिए गांव अमावती कुतुबपुर में 48.73, सारंगपुर में 92.25, भमौरी पट्टी में 58.31, खरसफा में 68.82, सौंधन मोहम्मदपुर में 58.67 हेक्टेयर की मंजूरी मिली है। जबकि इन्हीं गांवों में 13.63 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि भी मिली है। कुल 340.44 हेक्टेयर भूमि की खरीद होनी है। यह पहले चरण से कहीं अधिक है, क्योंकि उस समय चार गांवों में 239 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी। जिनमें से 222 हेक्टेयर खरीदी गई। समीक्षा के बाद उम्मीद है कि जल्द ही भूमि की खरीद शुरू हो सकेगी।

बड़ी कंपनियों के खुलेंगे कारखाने और वेयरहाउस
मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर में बड़ी कंपनियों के कारखाने और वेयरहाउस खुलेंगे। इससे संभल और आसपास के जिलों के हजारों युवाओं को अपने ही शहर में नौकरी और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। स्थानीय प्रतिभा को अब रोजगार के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। संभल हमेशा से ही हड्डी-सींग, मेंथा आदि का बड़ा केंद्र रहा है। इस क्लस्टर के बनने से स्थानीय व्यापारियों को ग्लोबल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिलेगा। माल को स्टोर करने, पैक करने और भेजने की लागत कम होगी, जिससे संभल का उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।

औद्योगिक गलियारा के बनने से तेजी से घूमेगा विकास का पहिया
खirनी मोहिउद्दीनपुर समेत छह गांवों में विकसित होने वाले इस औद्योगिक गलियारे से संभल में विकास का पहिया तेजी से घूमेगा। क्योंकि हड्डी-सींग के हस्तशिल्प आइटम और मेंथा कारोबार संभल की पहचान है। करोड़ों रुपये का कारोबार हर साल होता है। ऐसे में औद्योगिक गलियारे में कारोबार स्थापित करने से कारोबार और रोजगार के पंख लग जाएंगे। दरअसल इस औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश और देश के साथ विदेश की कंपनी भी इकाई स्थापित कर सकती हैं। इससे भी रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे।


स्थानीय उद्योगों को भी मिलेगा वैश्विक मंच
यूपीडा के औद्योगिक गलियारे का मुख्य उद्देश्य स्थानीय हड्डी-सींग, मेंथा आदि उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना है। बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं से उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस क्षेत्र में निवेश करने वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन मिलेंगे।
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